कोर्ट के फैसले के बाद BJP की सलाह, कहा- संविधान पर क्रैश कोर्स करें केजरीवाल

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, 'हाई कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि सरकार कोई 'वन मैन शिफ' नहीं है, बल्कि ये केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल से चलती है.' उन्होंने लगे हाथों केजरीवाल को सलाह भी दे डाली कि अब वो नई शुरुआत करें और केंद्र के सहयोग से दिल्ली के विकास के लिए काम करें.

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राज्य-केंद्र के बीच डेढ़ साल से चल रहा था टकराव राज्य-केंद्र के बीच डेढ़ साल से चल रहा था टकराव

अंजलि कर्मकार / कपिल शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 5:29 PM IST

दिल्ली सरकार और राज्यपाल के बीच अधिकारों के विवाद को दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद बीजेपी ने केजरीवाल पर निशाना साधा है. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि अब अरविंद केजरीवाल को हाई कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली की जनता से किए वादों पर ध्यान देना चाहिए. अब उन्हें विपश्यना की नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्थाओं की जानकारी के लिए 10 दिन का क्रैश कोर्स करना चाहिए.

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कोर्ट ने एलजी को बताया संवैधानिक प्रमुख
राज्य सरकार और के बीच अधिकारों पर हुए विवाद को लेकर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया. कोर्ट ने दिल्ली में एलजी को संवैधानिक प्रमुख बताया और दिल्ली सरकार से कहा है कि वो बिना एलजी की मंजूरी के कोई कानून नहीं बना सकती और न ही कोई नीतिगत फैसला ले सकती है. इधर केजरीवाल को कोर्ट में हार मिली, तो बीजेपी ने भी उन्हें नसीहत देने में देरी नहीं की.

'सरकार कोई वन मैन शिफ नहीं'
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने पर निशाना साधते हुए कहा, 'हाई कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि सरकार कोई 'वन मैन शिफ' नहीं है, बल्कि ये केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल से चलती है.' उन्होंने लगे हाथों केजरीवाल को सलाह भी दे डाली कि अब वो नई शुरुआत करें और केंद्र के सहयोग से दिल्ली के विकास के लिए काम करें.

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राज्य-केंद्र के बीच डेढ़ साल से चल रहा था टकराव
दिल्ली में पिछले डेढ़ साल से राज्य और केंद्र सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई थी. एसीबी, दिल्ली पुलिस और जमीन से जु़ड़े मामलों के साथ ही तमाम कानूनों में बदलाव के मुद्दे पर दिल्ली सरकार का केंद्र के साथ विवाद चल रहा था. साथ ही दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर, पोस्टिंग को लेकर भी केंद्र और दिल्ली सरकार कई बार आमने-सामने आ चुकी है. इसी के चलते पिछले साथ केंद्र सरकार ने दिल्ली में एलजी की कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उनके अधिकारों का बयान करने वाला एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसे दिल्ली सरकार ने कोर्ट में चुनौती दी थी.

जांच आयोग का हुआ गठन
इसके बाद जब दिल्ली सरकार ने तमाम घटनाओं को लेकर जांच आयोग का गठन किया और विधानसभा में कई कानूनों का संशोधन कराया, तो इनकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठे थे. ऐसे करीब 10 से ज्यादा मामलों में में याचिकाएं लगाई गई थीं. इन सभी पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला आया.

क्या है विपश्यना?
बता दें, अरविंद केजरीवाल इन दिनों 10 दिन के निजी दौरे पर धर्मशाला में हैं, जहां वो में हिस्सा लेंगे. विपश्यना आत्मनिरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की एक पुरानी साधना विधि है. जो जैसा है, उसे ठीक वैसा ही देखना-समझना विपश्यना है. लगभग 2500 साल पहले भगवान गौतम बुद्ध ने विलुप्त हुई इस पद्धति का पुन: अनुसंधान कर इसे सार्वजनीन रोग के सार्वजनीन इलाज और जीवन जीने की कला के रूप में प्रोत्साहित किया था.

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