बच्चों के स्कूल बैग का बोझ होगा कम, दिल्ली सरकार ने जारी किया नया सर्कुलर

स्कूल प्रशासन को कम वजन वाले अलग-अलग तरह के स्कूल बैग के बारे में स्टूडेंट्स और अभिभावकों को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. स्टूडेंट्स को सरकार द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार बैग का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित भी करना होगा.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 8:44 AM IST
  • प्री-प्राइमरी के बच्चे नहीं ले जाएंगे स्कूल बैग
  • नोटिस बोर्ड पर लगेगा स्कूल बैग के वजन का चार्ट

दिल्ली सरकार ने स्कूल बैग पॉलिसी को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है. दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के तहत प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के बैग का बोझ कम करने के लिये नई गाइडलाइंस का पालन करने का निर्देश दिया है.

नए आदेश के मुताबिक सभी स्कूलों को स्कूल बैग के वजन का चार्ट स्कूल के नोटिस बोर्ड पर और हर क्लासरूम में लगाना होगा. स्कूलों को चेक करना होगा कि कहीं स्टूडेंट्स का बैग ज्यादा भारी न हो. साथ ही स्टूडेंट्स को बैग की दोनों बेल्ट को टांगने के लिए प्रमोट करने की ज़िम्मेदारी भी स्कूल की होगी.

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स्कूल प्रशासन को कम वजन वाले अलग-अलग तरह के स्कूल बैग के बारे में स्टूडेंट्स और अभिभावकों को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. स्टूडेंट्स को सरकार द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार बैग का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित भी करना होगा.

स्कूल मैनेजमेंट की ज़िम्मेदारी होगी कि स्टूडेंट्स को अच्छी गुणवत्ता का पीने का पानी स्कूल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराएं ताकि बच्चों को घर से पानी की बोतल लेकर आना न पड़े.

नई स्कूल बैग पॉलिसी के मुताबिक जानिए अलग-अलग क्लास के लिए स्कूल बैग का वजन :

प्री-प्राइमरी- कोई बैग नहीं
क्लास 1 और 2 के लिए 1.6 से 2.2 किलोग्राम
क्लास 3, 4, 5 के लिए 1.7 से 2.5 किलोग्राम
क्लास 6 और 7 के लिए 2 से 3 किलोग्राम
क्लास 8 के लिए 2.5 से 4 किलोग्राम
क्लास 9 और 10 के लिए 2.5 से 4.5 किलोग्राम
क्लास 11 और 12 के लिए 3.5 से 5 किलोग्राम

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नई गाइडलाइंस के तहत सभी स्कूलों को सिर्फ SCERT, NCERT और CBSE द्वारा निर्धारित की गई टेक्स्ट बुक को ही फॉलो करना होगा. किसी भी क्लास में टेक्स्ट बुक की संख्या इन संस्थानों द्वारा निर्धारित की गई संख्या से अधिक नहीं हो सकती है. स्कूल के प्राध्यापकों और टीचर्स को हर क्लास का एक टाइम टेबल भी तैयार करना होगा ताकि स्टूडेंट्स को रोजाना बहुत सारी किताबें और नोटबुक न लानी पड़ें.

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स्कूल बैग पॉलिसी के मुताबिक प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिये कोई भी नोटबुक की ज़रूरत नहीं होगी. पहली और दूसरी क्लास के लिए सिर्फ 1 नोटबुक के इस्तेमाल का आदेश दिया गया है. साथ ही इन कक्षाओं के स्टूडेंट्स को किसी भी तरह का होमवर्क नहीं देना होगा. इसके अलावा अन्य कक्षाओं में एक विषय के लिये प्रैक्टिस, प्रोजेक्ट, यूनिट टेस्ट और एक्सपेरिमेंट्स की सिर्फ एक नोटबुक ज़रूरी होगी, जो टाइम टेबल के मुताबिक ही स्टूडेंट्स को लेकर आना होगा.

दिल्ली सरकार की स्कूल बैग पॉलिसी के मुताबिक स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिये एक्सट्रा किताबें या एक्स्ट्रा मटीरियल स्कूल में लाने के लिये नहीं कहा जा सकता है.

 

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