राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस ने किया जीत का दावा

दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले 9 अप्रैल को होने वाले राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी. कांग्रेस के लिए नवजोत सिंह सिद्धू तो केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बीजेपी के लिए रोड शो किया.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

रोशनी ठोकने

  • नई दिल्ली,
  • 07 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 5:47 PM IST

दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले 9 अप्रैल को होने वाले राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी. कांग्रेस के लिए नवजोत सिंह सिद्धू तो केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बीजेपी के लिए रोड शो किया. एक दिन पहले ही अरविंद केजरीवाल ने इलाके में सभा की थी. यहां से कांग्रेस की मीनाक्षी चंदीला, बीजेपी से मनजिंदर सिरसा और AAP से हरदीप सिंह मुख्य मुकाबले में हैं. ये सीट आम आदमी पार्टी से विधायक रहे जरनैल सिंह के इस्तीफे के कारण खाली हुई थी. सिरसा ने 2013 में चंदीला की पत्नी को हराया था लेकिन 2015 में जरनैल सिंह से हार गए थे.

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पैराशूट कैंडिडेट को हराना है: सिद्धू
ये हराम और ईमान के बीच की लड़ाई है. ये जीत ईमान की होगी. हराम की नहीं. जो हराम के पैसों से चुनाव लड़ते हैं और सोचते हैं कि जीत जाएंगे. ऐसा नहीं होगा. इंसाफ का तराजू उठा कर सेवक को जीतना है. पैराशूट कैंडिडेट को हराना है.


कांग्रेस के लिए यह उप चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण है. मीनाक्षी चंदीला इस सीट के लिए सही उम्मीदवार हैं. यह चुनाव प्रचार नहीं है बल्कि ये हमारा जश्न है क्योंकि हम पहले ही जीत चुके हैं.


राजौरी गार्डन विधानसभा सीट के चार में 3 वार्ड फिलहाल कांग्रेस के पास हैं जबकि 1 बीजेपी के पास. ये इलाका कांग्रेस नेता दयानंद चंदीला का गढ़ रहा है. 2003 से 2013 तक वो यहां से विधायक रहे हैं. यहां के 4 में से 2 वार्ड पार्षद इनके बेटे और बहू हैं. 23 अप्रैल को होने वाले MCD चुनाव में भी कांग्रेस ने चंदीला की बेटी और पत्नी को उतारा है. खुद चंदीला विधायक बनने से पहले यहां से 2 बार निर्दलीय पार्षद रह चुके हैं. उनकी पत्नी और बेटे भी पार्षद रह चुके हैं. हालांकि नवम्बर 2013 चुनाव में दयानन्द चंदीला की पत्नी धनवती चंदीला और फरवरी 2015 के चुनाव में उनकी बहू मीनाक्षी चंदीला हार चुकी हैं. 9 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में मीनाक्षी चंदीला एक बार फिर अपनी किस्मत आजमा रही हैं.

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इस सीट पर अच्छी खासी सिख आबादी है. इस वजह से बीजेपी और AAP ने सिख को उम्मीदवार बनाया है. सिख वोट जिसके पाले में गया उसकी जीत तय है. हालांकि अगर सिख वोट बंटे तो सीधा लाभ कांग्रेस को होगा. कांग्रेस अगर ये सीट जीत लेती है तो दिल्ली विधानसभा में उसका खाता खुल जाएगा. फिलहाल तीनों पार्टियां एक दूसरे को नजदीकी मुकाबला दे रही हैं.

आपको बता दें कि, राजौरी गार्डन में 9 अप्रैल को वोटिंग है और 13 को नतीजे आएंगे. पार्टियों को उम्मीद है कि उपचुनाव के नतीजे 23 अप्रैल को होने वाले MCD चुनावों को प्रभावित करेंगे.

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