अगले दो दिनों में बढ़ सकती है ठंड, कई इलाकों में हो सकती है बारिश

बादलों की आवाजाही के बीच दिन के तापमान में गिरावट के कारण मैदानी इलाकों में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किए गए, जो इस सीजन के सामान्य तापमान हैं.

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स्‍वपनल सोनल

  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 8:59 AM IST

दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत के तमाम इलाकों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण गुरुवार को बादलों की आवाजाही के बीच दिन के तापमान में गिरावट देखी गई. कश्मीर और हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी रिकॉर्ड की गई, वहीं पंजाब और हरियाणा में कई जगह पर बूंदाबांदी की खबर आई.

बादलों की आवाजाही के बीच दिन के के कारण मैदानी इलाकों में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किए गए, जो इस सीजन के सामान्य तापमान हैं.

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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रात के तापमान यानी न्यूनतम तापमान ज्यादातर जगहों पर अभी भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर बने हुए हैं. यानी दिन में लोगों को थोड़ी बहुत ठंड महसूस हो रही है, लेकिन रात में स्थिति जस की तस है.

अभी 16 जनवरी तक गिर सकता है पारा
दिल्ली और आसपास के इलाकों में 13 तारीख से बादलों की आवाजाही देखी जा रही है, लेकिन बारिश की बात करें तो हल्की बूंदाबांदी के अलावा बारिश नहीं हुई है. मौसम विभाग के डायरेक्टर बीपी यादव ने बताया कि मौजूदा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जल्द ही आगे निकल जाएगा और इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट 16 तारीख तक आ सकती है.

बारिश की भी संभावना
बताया जाता है कि 16 जनवरी के बाद उत्तर भारत में पारा एक बार फिर से ऊपर चढ़ना शुरू हो जाएगा, क्योंकि एक दूसरा डब्ल्यूडी 17 और 18 तारीख से अपना असर दिखाना शुरू कर देगा. वैसे तो ये डब्ल्यूडी कमजोर है, लेकिन इसकी हवाओं का टकराव बंगाल की खाड़ी से आ रही से होगा. इससे मध्य भारत के तमाम इलाकों में 16 तारीख से लेकर 18 तारीख तक अच्छी बारिश की संभावना है.

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मध्य भारत में बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, 16 तारीख से हो रही बारिश मध्य भारत के एक बड़े इलाके में होगी. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और ओडिशा के ज्यादातर इलाकों में 16 तारीख की रात से लेकर 18 तारीख तक गरज के साथ बारिश का सिलसिला देखा जा सकता है.

ऐसा माना जा रहा है कि यह बारिश एक बड़े इलाके में होगी और इसमें बारिश की मात्रा भी ठीक हो सकती है. इससे मध्य भारत में सूखे मौसम का सामना कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

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