दिल्ली को डेंगू और चिकनगुनिया फ्री बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी में उलझी हुई है. रविवार को उप राज्यपाल नजीब जंग सरकारी अस्पतालों का जायजा लेने पहुंच गए, जबकि शनिवार तक दिल्ली सरकार के मंत्री एलजी पर छुट्टी मनाने का आरोप लगा रहे थे.
बनती है एलजी की जवाबदेही: AAP
आरोप-प्रत्यारोप की तरह ये खेल भी जनता देख रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज कह रहे हैं कि एलजी बॉस हैं, उन्हें अपनी जवाबदेही समझनी चाहिए. सौरभ भारद्वाज ने एलजी पर तंज कसते हुए कहा, 'मुझे लगता है एलजी साहब मानने लगे हैं कि उनकी जवाबदेही है. जितने भी चैनल पर बहस होती है, वहां के नुमाइंदों के अलावा एलजी साहब का नुमाइंदा भी बुलाना चाहिए. जब हाई कोर्ट के फैसले के बाद ये सामने आया कि एलजी बॉस हैं और वही निर्णय लेंगे, तो उनकी जवाबदेही बनती है. उनको स्वास्थ्य ही नहीं, हर विभाग में जवाबदेही तय करनी चाहिए. ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में कुछ गड़बड़ है, या रेप हो रहे हैं, तो उनकी जवाबदेही बनती है.'
'नगर निगम ने नहीं निभाई अपनी जिम्मेदारी'
अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए आम आदमी पार्टी ये तर्क दे रही है कि के रोकथाम की जिम्मेदारी नगर निगम की है. 'आज तक' के सवाल पूछने पर सौरभ भरद्वाज ने कहा, 'दिल्ली सरकार पर पूरी तरह सवाल उठाना गलत है. डेंगू और चिकनगुनिया इसलिए ज्यादा फैला क्योंकि इसकी रोकथाम नहीं हुई और ये काम एमसीडी का था, लेकिन एमसीडी ने अपना काम नहीं किया.' आगे सौरभ ने एमसीडी से सवाल किया कि जो बजट एमसीडी को दिया गया, क्या उन्होंने खर्च किया.
झगड़े में उलझे हैं दिल्ली के नेतागण
देश की राजधानी में डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, कई मौतें हो चुकी हैं. सरकारी अस्पतालों में बदइंतजामी से लोगों का हाल बेहाल है, लेकिन सरकार से लेकर सरकारी एजेंसियां नींद से जागने को तैयार नहीं हैं. हैरानी की बात तो ये रही कि ऐसे वक्त पर जब जानलेवा बीमारी से मौतें हो रहीं थी, से लेकर उपमुख्यमंत्री खुद दिल्ली से नदारद थे और अब एलजी दिल्ली में हैं, तो केजरीवाल सरकार के मंत्री आपस में मिलकर हालात बेहतर करने की बजाए झगड़ा करने में व्यस्त हैं.
पंकज जैन / सुरभि गुप्ता