आम आदमी पार्टी सरकार और एलजी दफ्तर के बीच खींचतान की नई तस्वीर मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में देखने को मिल सकती है. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में एलजी ऑफिस के कामकाज पर 'श्वेत पत्र' सदन में रखने जा रहे हैं.
दो हिस्सों में देखने को मिल सकती है रिपोर्ट
इस रिपोर्ट के पहले हिस्से में सरकार की तमाम योजनाओं और प्रस्ताव की मंजूरी में होने वाली देरी के एक-एक दिन का हिसाब-किताब रखा जा सकता है. साथ ही हर योजना को लेकर कैबिनेट की मंजूरी की तारीख से एलजी ऑफिस भेजने, वहां से आई आपत्तियों और मंजूरी की तारीख समेत पूरी जानकारी दी जा सकती है.
इसके अलावा दिल्ली सरकार के अहम विभागों में खाली पदों की जानकारी सदन में दी जा सकती है. लिहाजा अलग-अलग विभागों में कमी दिखाते हुए आंकड़े पेश किए जा सकते हैं. दरअसल, सर्विस डिपार्टमेंट एलजी ऑफिस के दायरे में आता है. हालांकि, सरकार पहले भी यह कह चुकी है कि एलजी की जिम्मेदारी है कि खाली पदों को भरा जाए, लेकिन कई बार निवेदन करने के बाद भी यह पद नहीं भरे गए.
मिली जानकारी के मुताबिक, आर्थिक मामलों से जुड़ी CAG की रिपोर्ट भी मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में पेश करेंगे.
अधिकारों से जुड़े मामले में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, 'क्या आम आदमी पार्टी सरकार तकनीकी आधार पर चल रही है?' सदन में हो रही घटनाओं से नजर आ रहा है कि अफसरों पर दवाब बनाने की कोशिश की जा रही है.
नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, ' के काम करने के तरीके में गड़बड़ी है. लोगों का गाली से पेट भरने से काम नहीं चलेगा. विजेंद्र गुप्ता ने सदन में चर्चा के दौरान सवाल पूछा कि आने वाले दिनों में चुनाव आएगा तो पानी और स्कूल नहीं दे पाने की वजह पूछेंगे. क्या ये ठीक होगा? अधिकारियों को कोसकर लोगो के काम नहीं होंगे, सत्तारूढ़ दल की कमी है कि वे अधिकारियों से काम नहीं ले पा रही है.'
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी सरकार एक तरफ पानी से लेकर तक कई सवालों से घिरी है. तो विपक्ष सवाल उठा रहा है कि अपनी नाकामी को छुपाने के लिए सरकार एलजी और अधिकारियों पर निशाना साध रही है.
पंकज जैन