बिहार के 12 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, मौत का आंकड़ा 80 के पार

बिहार के करीब 12 जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है, जिससे करीब 50 लाख की आबादी प्रभावित है. बाढ़ ने बिहार को पूरी तरह से बेहाल कर दिया है, वहीं मरने वालों का आंकड़ा 80 के पार पहुंच चुका है.

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बिहार में बाढ़ से लोग बेहाल (फोटो-IANS) बिहार में बाढ़ से लोग बेहाल (फोटो-IANS)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 10:52 AM IST

बिहार भीषण बाढ़ की चपेट में है और त्राहिमाम कर रहा है, गांव के गांव बाढ़ में डूब चुके हैं. राज्य के करीब 12 जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है, जिससे करीब 50 लाख की आबादी प्रभावित है. बाढ़ ने बिहार को पूरी तरह से बेहाल कर दिया है, वहीं मरने वालों का आंकड़ा 80 के पार पहुंच चुका है.

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राज्य में हर तरफ तबाही की तस्वीर नजर आ रही है, घरों में पानी भरा हुआ है और गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं. शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया के हालात बेहद खराब हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ प्रभावित 12 जिलों में  137 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां 1,14,721 लोग शरण लिए हुए हैं. उनके खाने की व्यवस्था के लिए 1,116 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है.

राज्य की गंडक, बूढी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान, कोसी, महानंदा और परमान नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राहत और बचाव काम के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 26 टीमें लगाई गई हैं और 125 मोटरबोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है.  राहत और बचाव के काम हर स्तर पर किया जा रहा है. रेस्क्यू का काम जारी है और प्रभावित क्षेत्र से लोगों को निकाला जा रहा है.

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बिहार जल संसाधन विभाग के मुताबिक, बिहार में नेपाल से आने वाली कोसी नदी सहित कई नदियों के जलस्तर में गुरुवार को कमी दर्ज की गई लेकिन अभी भी कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. वहीं राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की परेशानियों में अभी कोई कमी नहीं आई है.

एक तरफ प्रशासन की और से हर संभन मदद और इंतजाम का दावा किया जा रहा है तो वहीं गांव के लोग जिला प्रशासन के दावे को भी खोखला बता रहे हैं. सरकार के किसी नुमाइंदे के आने के बारे में ग्रामीणों का कहना है कि जब चुनाव होगा तो फिर वोट मांगने आएंगे.

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