देश के कई हिस्सों में बारिश पड़ रही है. मौसम भी तेजी से बदल रहा है. तापमान कम हुआ है और नमी और बारिश का यह मिश्रण वायरस, बैक्टीरिया और मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है. इस कारण अब वायरल बुखार, फ्लू, टाइफाइड, जैसी बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं. आने वाले दिनों में डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बढ़ सकता है. ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है.
डॉक्टरों का कहना है कि इस समय थोड़ी भी लापरवाही बीमारी का कारण बन सकती है. इसलिए इस मौसम में खानपान, साफ-सफाई और बीमारियों के लक्षणों का खास ध्यान रखें.
मौसम बदलने पर क्यों बढ़ जाती हैं बीमारियां?
दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि ने इस बारे में बताया है. डॉ. सुभाष कहते हैं कि मौसम में बदलाव के दौरान कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं. इससे वायरल बुखार, फ्लू, टाइफाइड और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ने लगते हैं. बारिश बढ़ने के साथ ही डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का रिस्क भी बढ़ जाता है. यह सभी बीमारियां खतरनाक हो सकती हैं. ऐसे में किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचना जरूरी है.
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अस्पतालों में बढ़ रहे हैं फ्लू और बुखार के मरीज
सीताराम भारतीय इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस ऐंड रिसर्च में डॉ. हरजीत सिंह भट्टी बताते हैं कि इन दिनों ओपीडी में वायरल बुखार और फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. मौसम बदलने के कारण टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए, हेपेटाइटिस-ई और अन्य वायरल संक्रमण के मामले भी बढ़ने का खतरा है. उनका कहना है कि बारिश बढ़ने के साथ इन बीमारियों के केस और बढ़ेंगे, ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है.खासतौर पर कुछ बीमारियों से बचाव बहुत जरूरी है.
किन बीमारियों का सबसे ज्यादा खतरा?
वायरल फ्लू
वायरल फ्लू वायरस से होने वाला इंफेक्शन है. इसमें शुरुआत में तेज बुखार होता है. इसके साथ ही खांसी, गले में दर्द और सिरदर्द होता है. बुजुर्गों, और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में इसका असर अधिक गंभीर हो सकता है. हालांकि अधिकतर मामलों में यह कुछ दिनों में ठीक हो जाता है.
टाइफाइड
टाइफाइड इस मौसम में सबसे ज्यादा होता है. यह संक्रमण खराब पानी और भोजन के जरिए होता है. खराब भोजन पर पनपे बैक्टीरिया खाने के साथ शरीर में जाते हैं और बैक्टीरियल संक्रमण होता है. इसमें लगातार तेज बुखार, पेट दर्द, कमजोरी, जैसी शिकायतें होती हैं. समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है
हेपेटाइटिस-ए और ई
ये संक्रमण आमतौर पर दूषित पानी और भोजन के माध्यम से फैलते हैं. इनके कारण बुखार, उल्टी, थकान, पेट दर्द और पीलिया जैसी समस्या हो सकती है. साफ पानी और स्वच्छ भोजन से इनका जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इन बीमारियों से बचना है तो क्या करें?
हमेशा साफ और उबला हुआ पानी पिएं
स्ट्रीट फूड खाने से बचें
खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत बनाएं
अगर डॉक्टर सलाह दें तो फ्लू वैक्सीन लगवाएं
किसी भी संक्रमण में खुद से दवा लेकर न खाएं
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