डायबिटीज से बचा सकता है दोस्तों का साथ, भारत में 9 साल तक हुई स्टडी में दावा, जानें एक्सपर्ट्स ने क्या बताया 

Diabetes Prevention : भारत के केरल में 9 साल तक चली रिसर्च में पता चला कि दोस्तों का साथ डायबिटीज का खतरा कम करता है. रिसर्च में 841 हाई रिस्क लोगों को दो ग्रुप में बांटा गया. रिसर्च के परिणाम डायबिटीज को कंट्रोल करने में दोस्तों की भूमिका को अहम बताते हैं.

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डायबिटीज से बचाव का तरीका ( PHOTO-ITGD) डायबिटीज से बचाव का तरीका ( PHOTO-ITGD)

अभिषेक पांचाल

  • नई दिल्ली ,
  • 23 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

डायबिटीज से बचने के कई तरीके हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दोस्तों का साथ भी आपको इस बीमारी से बचा सकता है. भारत में हुई एक रिसर्च में यह जानकारी मिली है. इसके मुताबिक, जो लोग अपने दोस्तों के साथ अच्छी लाइफस्टाइल अपनाते हैं और इसके लिए प्रेरित करते हैं तो उनमें डायबिटीज का खतरा कम होता है. यह अध्ययन भारत के केरल राज्य में 9 साल तक चला है. इसके नतीजे डायबिटीज की रोकथाम के लिए आपसी कोशिशों की अहमियत को दिखाते हैं. इस रिसर्च को प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित किया गया है. 

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यह रिसर्च डायबिटीज प्रिवेंशन प्रोग्राम के तहत की गई. भारत के केरल राज्य के 60 पोलिंग क्षेत्रों के 1007 लोगों को इसमें शामिल किया गया था. ये सभी 30 से 60 साल की उम्र के थे. यह डायबिटीज के हाई रिस्क पर थे. इनको भविष्य में इस बीमारी के होने का खतरा था. इन सब लोगों का HbA1c केवल भी 5.6 से अधिक था और 6 से कम था. मतलब यह लोग डायबिटीज की बॉर्डर लाइन पर थे.

रिसर्च में लोगों को दो ग्रुप में बांटा गया

रिसर्च में इन लोगों को दो ग्रुपों में बांटा गया. एक ग्रुप को उनके दोस्तों के साथ रखा गया. इनको एक दूसरे की मदद करना और अच्छी लाइफस्टाइल जीने के लिए प्रेरित करने को कहा गया. सभी को एक लाइफस्टाइल प्रोग्राम में शामिल किया गया. इसके तहत इन्होंने हर महीने एक बैठक की, जिसमें दूसरे की मदद की और अपने अनुभवों को साझा किया. इन बैठकों में डायबिटीज को कंट्रोल करने वाली लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित किया. वहीं, दूसरे ग्रुप को बस एक किताब दे गई . इनको कहा गया कि आप इसको पढ़कर अपनी लाइफस्टाइल अच्छी करें. इस ग्रुप में न कोई बैठक हुई और न ही किसी की मदद ली गई. 

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डायबिटीज से ऐसे बचाव करें

9 साल बाद क्या निकला नतीजा?

 रिसर्च में हर साल इन लोगों का पूरा हेल्थ रिकॉर्ड लिया गया. 9 साल बाद कुल 1007 लोगों में से 841 लोग बचे. कुछ लोग रिसर्च के आखिरी सालों में इसमें शामिल नहीं हुए और कुछ की मौत हो गई. रिसर्च क आखिरी साल में इन सभी की दोबारा डायबिटीज की HbA1c जांच की गई. टेस्ट में पता चला कि दोस्तों को प्रेरित करने वाले ग्रुप में मौजूद 419 लोगों में से 125 को डायबिटीज हुई, वहीं, जिनको केवल किताब दी गई थी उनमें  422 लोगों में से 142 लोगों को यह बीमारी हुई. इस डाटा से पता चला कि अच्छी लाइफस्टाइल अपनाने वालों में डायबिटीज मरीजों की संख्या कम रही और दूसरे ग्रुप में ज्यादा थी. हालांकि दोनों ग्रुप के बीच आंकड़ों का कुल अंतर बहुत अधिक नहीं था, लेकिन यह पता चला कि कई दूसरे पैरामीटर अच्छे हो गए थे. 

खाली पेट ब्लड शुगर मिला कम

रिसर्च में जब इन सभी लोगों का फास्टिंग ब्लड शुगर चेक भी चेक किया गया. इसमें पता चला कि डायबिटीज से बचाव के लिए साथ बैठक करने वाले दोस्तों के ग्रुप के लोगों में ब्लड शुगर कम मिली. इनमें डायबिटीज का खतरा दूसरे ग्रुप की तुलना में 28% तक  कम पाया गया. रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों ने कहा कि स्टडी से यह संकेत मिलता है कि दोस्तों के साथ स्वस्थ आदतें अपनाना हेल्थ के लिए काफी अच्छा है. इससे लंबे समय तक ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है.

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डायबिटीज के लिए दोनों टेस्ट जरूरी

रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि भारतीय आबादी में डायबिटीज का पता लगाने के लिए HbA1c और फास्टिंग शुगर टेस्ट दोनों जरूरी है.इससे डायबिटीज के मामलों की संख्या का सही पता लगाने में ज्यादा मदद मिलती है. केवल अकेले फास्टिंग लेवल से ऐसे लोगों का पता नहीं चलता है जिनका शुगर लेवल खाना खाने के बाद बढ़ता है. भारत में ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जिनका खाली पेट शुगर नॉर्मल रहता है, लेकिन खाने के बाद बढ़ जाता है. इसलिए दोनों टेस्ट बहुत जरूरी हैं. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में प्रीवेंटिव मेडिसिन क्लीनिक के  प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर ने इस बारे में आजतक.इन को बताया है. डॉ किशोर कहते हैं कि डायबिटीज से बचाव के लिए अच्छी लाइफस्टाइल सबसे ज्यादा जरूरी है. हम भी क्लीनिक में आने वाले लोगों को दवाओं पर निर्भर होने की सलाह नहीं देते हैं. अगर आप अच्छी लाइफस्टाइल आदतों को अपनाते हैं और इसमें आपके दोस्त और सहयोगी साथ देते हैं तो बीमारियों से बचाव होता है. ऐसा डायबिटीज के मामले में भी है. इसको मेडिकल की भाषा में पीयर सपोर्ट लाइफस्टाइल कहते हैं. 

दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार बताते हैं कि डायबिटीज धीरे- धीरे एक बड़ी समस्या बन रही है. ये ऐसी बीमारी है जो शरीर के कई अंगों को नुकसान करती है. जितनी खतरनाक यह है उससे बचना भी उतना ही सरल है. आपको रोज कुछ हेल्दी आदतों को अपनाना है. अगर आपके दोस्त और सहयोगी ऐसे हैं जो आपको फिट रहने के लिए प्रेरित करते हैं और इस क्रम में आपके साथ प्रयास करते हैं तो डायबिटीज से आसानी से बचाव हो सकता है. इसके लिए लाइफस्टाइल और अच्छे खानपान का ही महत्व ज्यादा है. 

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डायबिटीज से बचना में खानपान का महत्व

डायबिटीज से बचाव के लिए क्या करें

रोज कम से कम 1 घंटा एक्सरसाइज करें

मानसिक तनाव न लें

मोटापा अगर बढ़ रहा है तो उसको कंट्रोल करें

मीठा ज्यादा न खाएं

फास्ट फूड से परहेज करें 

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