फैक्ट चेक: बांग्लादेश का पुराना वीडियो मेवात में हो रही सांप्रदायिक हिंसा से जोड़ कर हो रहा शेयर

हरियाणा के मेवात में सोमवार को हिंसा भड़क गई थी. हिंसा के वीडियो वायरल हो रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भीड़ एक शख्स को बुरी तरह पीट रही है, पत्थरों से हमला कर रही है. आजतक की फैक्ट चेक टीम ने इस वीडियो की सच्चाई का पता लगाया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो मेवात का है जहां कुछ मुसलमानों ने एक हिन्दू को पत्थर से कुचल दिया.
सच्चाई
ये वीडियो बांग्लादेश में साल 2017 में हुई एक घटना का वीडियो है. इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं.

फैक्ट चेक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

नूंह में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और वहां हुई सांप्रदायिक हिंसा की आग अब फरीदाबाद तक फैल चुकी है. सोशल मीडिया पर इस हिंसा से जुड़े कई वीडियो और फोटो शेयर किये जा रहे हैं. ऐसे ही में कुछ लोग बीच सड़क पर एक शख्स को बुरी तरह पीट रहे हैं और उसे पत्थर से कुचल रहे हैं. कुछ लोगों की मानें तो ये खौफनाक मंजर मेवात का है. 

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वीडियो ट्वीट करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “मेवात पर नहीं जागे तो एक दिन .” ऐसे ही कुछ पोस्ट्स का यहां और

'आजतक' फैक्ट चेक ने पाया कि इस घटना का मेवात तो क्या भारत से ही कोई लेना-देना नहीं है. ये बांग्लादेश में साल 2017 में हुई घटना का एक पुराना वीडियो है. 

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वीडियो के बारे में खोजबीन करने पर हमें पता चला कि पर भारत में हुई एक घटना बताते हुए शेयर किया गया था. उस वक्त भी हमने इस वीडियो की पूरी सच्चाई बताई थी.

दरअसल, अप्रैल 2017 में राना मोहम्मद रसेल नाम के एक शख्स ने ये वीडियो शेयर कर बंगाली में इस घटना के बारे में पूरी जानकारी दी थी. इस वीडियो के साथ रसेल ने लिखा था कि मोनीर के हत्यारे मारे गए. 

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यहां दी गई जानकारी के मुताबिक वीडियो में दिख रहे शख्स अबू सैयद और मोहम्मद अली हैं. कोमिला में हुई हत्या के बाद भीड़ ने इनके साथ मारपीट की थी. कोमिला बांग्लादेश के चितगोंग इलाके में स्थित एक शहर है. 

इसकी मदद से हमें इस घटना को लेकर  की एक खबर मिली. दरअसल, ये घटना 1 अप्रैल 2017 को कोमिला के दौड़कंडी इलाके में हुई थी. यहां गौरीपुर बाजार के गोमती ब्रिज के पास कुछ लोगों ने अबू सैयद नाम के एक व्यक्ति को बुरी तरह पीटा था. इस दौरान मोहम्मद अली नाम का एक व्यक्ति भी घायल हुआ था, और अबू की मौत हो गई थी. 

दरअसल, नवंबर 2016 में बांग्लादेश की अवामी लीग के हो गई थी. इसके बाद 1 अप्रैल 2017 को एक गांव के लोगों ने उनके हत्यारों की पिटाई की थी. ये वीडियो उसी पिटाई का है जिसे तब वहां के एक निवासी ने शेयर किया था. 

साफ है, बांग्लादेश में करीब छह साल पहले हुई घटना के वीडियो को नूंह से जोड़कर शेयर किया जा रहा है. 

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