फैक्ट चेकः शेरों ने बचाई बच्ची की जान, ये कहानी पुरानी और विवादित है

फेसबुक पर इन दिनों एक पोस्ट खूब शेयर की जा रही है जिसमें दावा किया गया है कि शेरों के एक झुंड ने इथोपियाई लड़की को उसके अपहरणकर्ताओं से बचाया. कई फेसबुक यूजर्स ने इसी कहानी को साझा किया और इसे भगवान का करिश्मा माना.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
एक इथोपियाई लड़की को 7 लोग बुरी तरह पीट रहे थे कि तभी वहां शेरों का झुंड आ गया जिसने बच्ची को बचाया और वहां तब तक रूके रहे जब तक बच्ची की मदद के लिए पुलिस नहीं पहुंच गई.
सच्चाई
ये 2005 की एक पुरानी विवादित घटना है जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी कवर किया.

चयन कुंडू

  • नई दिल्ली,
  • 15 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

फेसबुक पर इन दिनों एक पोस्ट खूब शेयर की जा रही है जिसमें दावा किया गया है कि शेरों के एक झुंड ने इथोपियाई लड़की को उसके अपहरणकर्ताओं से बचाया.

फेसबुक यूजर 'क्रिपी फैक्ट्स' ने एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें एक शेर और बच्ची दिख रही है. दावा ये भी किया गया कि शेर तब तक रूके रहे जब तक मदद नहीं पहुंची.

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इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पाया कि ये एक पुरानी घटना है जिसे कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी कवर किया था. उस वक्त शेरों के जानकारों ने इस कहानी की सत्यता पर सवाल उठाए थे.

फेसबुक पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक 'एक इथोपियाई लड़की को 7 लोग बुरी तरह पीट रहे थे. तभी शेरों के झुंड ने उन्हें दौड़ा लिया, वो वहां तब तक रुके जब तक उस लड़की की मदद के लोग नहीं पहुंच गए.'

खबर लिखे जाने तक 200 से ज्यादा लोगों ने इस पोस्ट को शेयर किया, लेकिन इनमें कई लोग ऐसे थे जिन्हें इस कहानी पर संदेह था.

कई फेसबुक यूजर्स ने इसी कहानी को साझा किया और इसे भगवान का करिश्मा माना.

अपनी जांच के दौरान हमने पाया कि ये कहानी साल 2005 में और ने भी कवर किया.

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बीबीसी के मुताबिक जून 2005 में इस 12 साल की बच्ची को 4 लोगों ने उस वक्त अगवा कर लिया जब वो अपने स्कूल से घर जा रही थी. एक हफ्ते बाद पुलिस ने इन बदमाशों का पता लगा लिया जब ये बच्ची को लेकर दूसरी जगह भागने की फिराक में थे. इस दौरान बदमाशों का पाला तीन अफ्रीकी शेरों से पड़ गया, शेरों ने उन्हें दौड़ा लिया और वो लड़की को छोड़कर भाग गए. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक शेरों ने बच्ची को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बगैर बचाया.

ये कहानी उस वक्त जंगल में आग की तरह फैल गई थी. इस रिपोर्ट में बीबीसी ने उस वक्त के सार्जेंट व़ॉन्डमू वेडाज का बयान छापा था 'जब हमें वो लड़की मिली तो शेर वहां गार्ड की तरह खड़े थे. उन्होंने हमें देखा और उसे गिफ्ट की तरह देकर वापस जंगल में लौट गए.'

हालांकि शेरों के जानकार इस कहानी की सत्यता पर सवाल उठाते रहे. बीबीसी ने भी अपनी कहानी में कुछ वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स से बात की जिनका मानना था कि शायद शेर बच्ची को खाने की तैयारी कर रहे थे कि वहां पुलिस और दूसरे लोग पहुंच गए. कुछ जानकारों का ये भी मानना था कि शेरों ने बच्ची को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उसका रोना शेर के बच्चों के रोने से मिलता जुलता था.

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अंतरराष्ट्रीय फैक्ट चेक करने वाली वेबसाइट ट्रूथ ऑर ने इस घटना को विवादित बताया. इस घटना में शेरों के व्यवहार के कई पहलू हो सकते हैं, लेकिन अफ्रीका में इस घटना को करिश्मे के तौर पर देखा गया.

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