पश्चिम बंगाल में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस पार्टी अब बिखरती नजर आ रही है. वहीं, शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन लगातार जारी है.
अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें किसी सड़क किनारे कई सारी टूटी हुई दुकानें नजर आ रही हैं. ये वीडियो सड़क से गुजरते हुए रिकार्ड किया गया है. ये नजारा बुलडोजर कार्रवाई के बाद का लगता है.
सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर कर रहे हैं. वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में जितने भी सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण थे. सुवेंदु सरकार आते ही स्वाहा हो रहे हैं. अब पश्चिम बंगाल अवैध अतिक्रमण मुक्त एवं सुगम यातायात बनाने की दिशा में चल पड़ा है.” इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो को गौर से देखने पर इसमें एक बिल्डिंग के पास एक बोर्ड नजर आता है जिस पर लिखा है - CCCC Chittagong. इसके बारे में सर्च करने पर पता चला कि ये Cadet College Club की बिल्डिंग है, जो कि बांग्लादेश के Chattogram में स्थित है.
हमें ये जगह गूगल मैप्स पर भी मिल गई. Chattogram में ये जगह शेख मुजीब रोड के पास है. इस जानकारी के साथ सर्च करने पर हमें ये बांग्लादेश के कई लोकल न्यूज आउटलेट्स पर इस जगह हुई बुलडोजर कार्रवाई के वीडियो मिले.
Agrajatra Pratidin नाम के 12 मई के फेसबुक पोस्ट के मुताबिक CDA ( चट्टोग्राम डेवलपमेंट अथॉरिटी ) ने शेख मुजीब रोड के पास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया था. इस वीडियो में Cadet College Club की वो बिल्डिंग भी नजर आती है, जो वायरल वीडियो में देखी जा सकती है.
bdnews24.com की रिपोर्ट के मुताबिक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का रैम्प बनाने के लिए इन दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई करके इन्हें हटाया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक ये दुकानें सालों से सरकारी जमीन पर लीज पर चल रही थीं. कई दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनकी दुकान तोड़ने से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही इसके बदले कोई मुआवजा दिया गया.
साफ है कि बांग्लादेश के वीडियो को बंगाल में हुई बुलडोजर कार्रवाई का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है.
फैक्ट चेक ब्यूरो