फैक्ट चेक: माओवादी हमले का जिस शख्स ने ये वीडियो रिकॉर्ड किया, वो मरा नहीं जिंदा है

मोरमुकुट शर्मा ने एक्सलूसिव तौर पर वीडियो मैसेज हमारे साथ शेयर किया जिससे उनकी पहचान को लेकर सारा संशय दूर हो गया.

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कैमरामैन मोरमुकुट शर्मा कैमरामैन मोरमुकुट शर्मा

अजीत तिवारी / खुशदीप सहगल / बालकृष्ण / चयन कुंडू

  • नई दिल्ली,
  • 31 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 11:06 PM IST

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के जंगल में मंगलवार को हुए माओवादी हमले का झकझोर कर देने वाला वीडियो सामने आया है. इस वीडियो को दूरदर्शन के एक स्टाफर ने शूट किया जिसे खुद इस हमले का शिकार होना पड़ा. वीडियो में देखा जा सकता है कि ज़मीन पर लेटा एक शख्स अपने मोबाइल फोन पर मैसेज रिकॉर्ड कर रहा है. वीडियो में पीछे से फायरिंग की आवाज भी साफ सुनाई देती है.  

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माओवादियों के इस हमले में दूरदर्शन का एक कैमरामैन और दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए. कुछ पत्रकारों और मीडिया संगठनों समेत कई लोगों ने ये समझने की भूल की कि वीडियो में मैसेज रिकॉर्ड करते दिखने वाले शख्स दूरदर्शन के कैमरामैन अच्युतानंद साहू थे. यही समझा गया कि ये कैमरामैन अच्युतानंद साहू के आखिरी शब्द थे, जिनकी हमले में मौत हो गई.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि जो शख्स वीडियो में मैसेज रिकॉर्ड करते दिख रहा है वो दरअसल अच्युतानंद साहू नहीं बल्कि असिस्टेंट कैमरामैन मोरमुकुट शर्मा है जो जीवित हैं. शर्मा कैमरा और लाइटिंग असिस्टेंट हैं जो हमले के वक्त दूरदर्शन टीम के साथ जा रहे थे जब उन पर हमला हुआ. हमले में जान खोने वाले अच्युतानंद साहू वीडियो में कहीं नहीं दिखते.

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माओवादी हमले के एक दिन बाद राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर ये वीडियो छाया रहा. भावुक कर देने वाले इस वीडियो में एक शख्स को अपनी मां के लिए मैसेज रिकॉर्ड करते देखा जा सकता है. रिकार्ड कराते वक्त वो शख्स यही समझ रहा है कि ये उसका परिवार के लिए आखिरी मैसेज होगा.

मैसेज में शख्स को टूटती आवाज़ में कहते सुना जा सकता है, ‘मां, मैं तुम्हें प्यार करता हूं. मैं आज मर सकता हूं...लेकिन मैं डरा हुआ नहीं हूं जबकि मैं मौत का सामना कर रहा हूं.’

हिन्दी अखबार पंजाब केसरी के फेसबुक पेज पर वीडियो को अपलोड करने के साथ ये लिखा गया “ये कैमरामैन के आखिरी लम्हे हैं जिनकी फायरिंग में मौत हो गई...”

वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम ने भी ये समझते हुए ट्वीट किया कि ये वीडियो में कैमरामैन अच्युतानंद के आखिरी लम्हे रिकॉर्ड थे. हालांकि उन्होंने जल्दी ही अपनी गलती को समझ लिया और ट्वीट को डिलीट कर दिया.

अन्यों में  ने ट्विटर पर और फेसबुक यूजर्स में ने भी वीडियो को शेयर किया और यही दावा किया कि ये दूरदर्शन कैमरामैन अच्युतानंद के आखिरी लम्हे थे.

हमने वीडियो में दिख रहे शख्स मोरमुकुट शर्मा से संपर्क किया. शर्मा ने एक्सलूसिव तौर पर वीडियो मैसेज हमारे साथ शेयर किया जिससे उनकी पहचान को लेकर सारा संशय दूर हो गया.

जब हमला हुआ था तो शर्मा ने ज़मीन पर नीचे लेट कर खुद को बचा लिया और साथ ही मैसेज शूट किया. उस वक्त पुलिसकर्मियों और माओवादियों के बीच गोलीबारी चल रही थी. शर्मा को लगा कि उनका आखिरी वक्त आ गया है तभी उन्होंने परिवार के लिए मैसेज रिकॉर्ड किया. शर्मा खुशकिस्मत रहे कि जीवित बच गए और हमारे साथ आपबीती को शेयर किया.

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