फैक्ट चेक: दिल्ली पुलिस से झड़प में घायल टेंपो ड्राइवर की फोटो किसान आंदोलन से जोड़कर वायरल

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसे लेकर लोग कह रहे हैं कि अभी किसानों की लड़ाई बाकी है और वो आंदोलन में उन पर हुए जुल्म का बदला पीएम मोदी को सत्ता से बेदखल करके लेंगे.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
फोटो में देखा जा सकता है कि कैसे किसान आंदोलन के दौरान सरकार ने किसानों पर जुल्म किए.
सच्चाई
ये तस्वीर जून 2019 में ली गई थी जब दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में कुछ पुलिसकर्मियों की एक सिख टेंपो ड्राइवर के साथ झड़प हो गई थी. झड़प में पुलिसवालों ने ड्राइवर की जमकर पिटाई कर दी थी.

अर्जुन डियोडिया

  • नई दिल्ली,
  • 22 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 1:33 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कृषि कानूनों को रद्द करने का ऐलान किए जाने के बाद किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई. ऐलान के बाद जहां कुछ किसानों ने  वहीं कुछ ने नाराजगी जताई कि अगर सरकार ये फैसला पहले कर लेती तो आंदोलन के दौरान मारे गए करीब 700 किसानों की जान बच जाती. इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसे लेकर लोग कह रहे हैं कि अभी किसानों की लड़ाई बाकी है और वो आंदोलन में उन पर हुए जुल्म का बदला पीएम मोदी को सत्ता से बेदखल करके लेंगे.

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वायरल फोटो में पगड़ी पहने एक व्यक्ति की पीठ पर गहरे चोट के निशान देखे जा सकते हैं. ऐसा लग रहा है कि व्यक्ति को लाठी या बेल्ट से बुरी तरह पीटा गया है. एक  ने तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, "भूलना नही है. अभी लड़ाई बाकी है ,झोला भी उठवाएँगे
#किसानआंदोलन". कृषि कानूनों के रद्द होने के ऐलान के बाद से  पर भी वायरल हो रही है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये तस्वीर जून 2019 में ली गई थी जब दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में कुछ पुलिसकर्मियों की एक सिख टेंपो ड्राइवर के साथ झड़प हो गई थी. झड़प में पुलिसवालों ने ड्राइवर की जमकर पिटाई कर दी थी.


तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर पता चला कि फेसबुक पर इसे  में शेयर किया था. आम आदमी पार्टी के पूर्व आईटी सेल प्रमुख अंकित लाल ने भी इस घायल शख्स की तस्वीरों को ट्वीट करते हुए दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा था.

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उस समय "" सहित कुछ  ने भी इस मामले को लेकर खबरें छापी थीं.

 के मुताबिक, 16 जून 2019 को सरबजीत नाम के एक टेंपो और दिल्ली पुलिस की गाड़ी टकरा गई थी. इसके बाद सरबजीत और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे. वीडियो में पुलिसकर्मी सरबजीत को बुरी तरह पीटते हुए दिख रहे हैं.

मामले में दिल्ली पुलिस का कहना था कि पहले टेंपो ड्राइवर ने कृपाण से एक पुलिसकर्मी के सिर पर हमला किया था. उस वक्त ड्राइवर की बेरहमी से की गई पिटाई को लेकर काफी बवाल हुआ था जिसके बाद तीन पुलिसकर्मी ‘गैर पेशेवर आचरण’ के आरोप में सस्पेंड भी हुए थे.  आई थी कि टेंपो ड्राइवर सरबजीत पर अप्रैल 2019 में मारपीट के अन्य मामले भी दर्ज हुए थे.

इस तरह ये साबित हो जाता है कि दो साल से ज्यादा पुरानी घायल व्यक्ति की तस्वीर को किसान आंदोलन से जोड़ा जा रहा है. तस्वीर का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है. इस साल जनवरी में भी ये तस्वीर किसान आंदोलन से जोड़कर वायरल हुई थी. उस समय भी "आजतक" ने इसका खंडन करते हुए खबर प्रकाशित की थी.

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हालांकि, यह बात सच है कि लगभग एक साल से चल रहे किसान आंदोलन के दौरान कई बार किसानों पर लाठीचार्ज हुआ. इसमें कई  में देखी जा सकती हैं.

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