283 बार गंजे होकर बने 'जेठालाल' के 'बापूजी', 'तारक मेहता' में बूढ़ा बनकर मिली शोहरत, जब बोले- लोग पैर छूते थे

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो में एक्टर अमित भट्ट ने दिलीप जोशी के बापूजी के किरदार से फैंस का दिल जीता है. उन्होंने बताया था कि इस किरदार को पर्दे पर सच्चाई से दिखाने में उन्होंने कितनी मेहनत की.

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अमित भट्ट का खुलासा (Photo: Instagram/@amitbhatt9507) अमित भट्ट का खुलासा (Photo: Instagram/@amitbhatt9507)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:40 AM IST

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' टीवी टाउन का सबसे पसंदीदा और पॉपुलर शो है. इस शो ने कई सितारों को कामयाबी की ऊंची उड़ान दी है. उन्हीं में से एक अमित भट्ट भी हैं. शो में 'बापूजी' के किरदार में उन्हें दर्शकों का हमेशा बेशुमार प्यार मिला. इस किरदार को लोगों के दिलों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है. 

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तारक मेहता शो में अमित भट्ट को लंबे समय तक गंजा दिखाया गया, लेकिन असल जिंदगी में उनके घने बाल हैं. मेकअप करने और विग पहनकर गंजा दिखने में उन्हें रोजाना 2 से ढाई घंटे का टाइम लगता था. ऐसे में उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया था. यूट्यूब चैनल The Moi Blog संग पुराने इंटरव्यू में उन्होंने अपने किरदार को लेकर कई खुलासे किए थे. 

किरदार के लिए मुंडवाया सिर

अमित भट्ट ने कहा था- जब मैंने इस शो में काम करना शुरू किया था, तब मेरे बाल बहुत लंबे और सिल्की थे. हल्की सी हवा चलने पर भी वो उड़ने लगते थे. शूटिंग के पहले दिन, चंपकलाल जैसा दिखने के लिए मुझे विग पहननी पड़ी थी. मेरा पहला सीन वीटी (VT) स्टेशन पर शूट हुआ था. मेकअप आर्टिस्ट को विग ठीक से लगाने में लगभग ढाई घंटे का समय लगा था. उसके बाद, हमने तपती गर्मी में बाहर करीब 12 घंटे तक शूटिंग की. स्क्रीन पर वो विग थोड़ी नकली लग रही थी, और कैमरों में आसानी से दिख रहा था कि ये असली बाल नहीं हैं. मैं डर गया था कि दर्शक इस किरदार पर भरोसा नहीं करेंगे और तुरंत समझ जाएंगे कि मैं असल में कोई बुजुर्ग आदमी नहीं हूं. 

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उन्होंने आगे बताया था- हर दिन मेकअप के लिए दो घंटे से ज्यादा बैठना और फिर लंबी शूटिंग के दौरान उस विग को पहने रखना बहुत ही मुश्किल हो गया था. दिन के ख़त्म होने तक विग पूरी तरह पसीने से भीग जाती थी. इसलिए, घर पर किसी को बिना बताए, मैं एक सैलून गया और मैंने अपना सिर मुंडवा लिया. 

283 बार मुंडवाया सिर

शो की शुरुआत के पहले दो सालों तक चंपकलाल टोपी नहीं पहनते थे, इसलिए गंजा दिखने के लिए मुझे हर दूसरे दिन अपना सिर मुंडवाना पड़ता था. सच कहूं तो उस दौरान मैंने लगभग 283 बार अपना सिर मुंडवाया था. एक बार जब मैंने अपना सिर मुंडवा लिया, तो लोगों को इस लुक पर पूरा भरोसा हो गया, जिसने भी मुझे चंपकलाल के रूप में देखा, उसे सचमुच यही लगा कि मैं एक बुजुर्ग आदमी हूं. 

'लगभग छह महीने के बाद, लोगों ने इस शो को पहचानना शुरू कर दिया. उन्हें पता चला कि तारक मेहता के काम पर आधारित एक अच्छा पारिवारिक शो आ रहा है. धीरे-धीरे शो की पॉपुलैरिटी बढ़ती गई और इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता, लोग मुझे हर जगह पहचानने लगे.

लोगों ने समझा बूढ़ा

अमित भट्ट आगे बोले- जब मैंने चंपकलाल का किरदार निभाना शुरू किया था, तब मैं सिर्फ 35 साल का था. फिर भी मुझसे कहीं ज्यादा उम्र के लोग आते और मेरे पैर छूकर मुझे 'बापूजी' कहते थे और एक बुजुर्ग की तरह मेरा सम्मान करते थे. शुरुआत में यह थोड़ा अजीब लगता था और मैं उनसे कहता था, प्लीज ऐसा मत कीजिए, मैं सचमुच कोई बूढ़ा आदमी नहीं हूं. लेकिन बाद में मुझे समझ आया कि यह उस किरदार के लिए उनका प्यार और लगाव था. 

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'मैं थिएटर की दुनिया से आता हूं और मैंने करीब 15 साल तक थिएटर में काम किया है. उस दौरान मैंने एक नाटक में काम किया था जहां मैंने एक ही किरदार को चार अलग-अलग उम्र में निभाया था. 20, 35, 45 और 65 साल. इसलिए, किसी बुजुर्ग का किरदार निभाना मेरे लिए कोई नई बात नहीं थी. उस अनुभव की वजह से, मुझे इस रोल को अपनाने में कभी कोई घबराहट महसूस नहीं हुई. 

जब मैंने 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में काम करना शुरू किया, तो मैं हर दिन बहुत मेहनत करता था और लगातार यह सोचता था कि इस किरदार को ऐसा कैसे बनाया जाए जिस पर लोग भरोसा कर सकें और खुद को जोड़ सकें. मैं दूसरों के सुझाव भी लेता था और खुद भी नए-नए आइडियाज आजमाता रहता था. लगभग छह महीने के बाद, धीरे-धीरे सब कुछ ठीक बैठ गया और यह किरदार पूरी तरह से पॉपुलह हो गया. 

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