14 साल बाद टीवी पर वापसी करते हुए शेखर सुमन ने अपने नए शो ‘शेखर टुनाइट’ में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत किया. शो में दोनों के बीच राजनीति, भाषा, संस्कृति और देश की एकता पर दिलचस्प बातचीत हुई. शेखर अपने पुराने अंदाज में मजाक और तीखे सवालों के साथ नजर आए.
मराठी भाषा और संस्कृति पर बात करते हुए गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र से बाहर रहने के बाद उन्हें मराठी की असली ताकत समझ आई. उन्होंने कहा कि मराठी साहित्य, रंगमंच, गीत और कवियों पर पूरे राज्य को गर्व होना चाहिए. उनके मुताबिक भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी 'विविधता में एकता' है.
अपनी पढ़ाई के दिनों को याद करते हुए गडकरी ने बताया कि उनकी मां और बहनों की इच्छा थी कि वो इंजीनियर बनें, इसलिए उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. उन्होंने हंसते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब 49 प्रतिशत नंबर आने के कारण वो क्वालिफाई नहीं कर पाए थे, लेकिन आज उनके नाम कई वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं.
नितिन गडकरी के नेतृत्व में भारत ने सड़क निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कई विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं. NHAI ने महाराष्ट्र के अमरावती में सिर्फ 105 घंटे 33 मिनट में 75 किलोमीटर सिंगल लेन सड़क बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज किया. वहीं NH-52 पर 24 घंटे में 25.54 किलोमीटर सड़क निर्माण का रिकॉर्ड भी बनाया गया.
उनके कार्यकाल में भारत ने रोजाना 30 से 38 किलोमीटर हाईवे निर्माण की रफ्तार हासिल की, FASTag के जरिए दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल टोलिंग व्यवस्था लागू की और जम्मू-श्रीनगर जैसे कठिन इलाकों में तेजी से टनल व एक्सप्रेसवे तैयार किए. साथ ही इथेनॉल, इलेक्ट्रिक और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देकर 100% इथेनॉल से चलने वाली कार का सफल उपयोग भी संभव किया गया.
गडकरी ने अपनी खास गाड़ी का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वो जिस कार में चलते हैं, वो पेट्रोल-डीजल से नहीं बल्कि एथेनॉल से चलती है. ये एथेनॉल टूटे चावल, मक्का और गन्ने से बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि ये तकनीक पर्यावरण के लिए भी बेहतर है और देश को ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बना सकती है.
शो के दौरान शेखर सुमन ने महाराष्ट्र में चल रहे मराठी भाषा विवाद पर भी सवाल उठाया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि हाल ही में ऐसी बातें सुनने को मिलीं कि जो लोग मराठी नहीं बोल सकते, उन्हें ऑटो या स्कूटर चलाने की इजाजत नहीं मिलेगी. शेखर ने कहा कि- हम बिहारी लोग तो थोड़ा डर गए हैं, हमारा भी ध्यान रखिए.
इस बात पर गडकरी मुस्कुराए और उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अगर कोई बिहारियों के खिलाफ होता, तो बिहार में इतने पुल और सड़कें क्यों बनवाता. उन्होंने बताया कि बिहार और झारखंड के अलग होने के बाद वहां इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम हुआ और राज्य की तस्वीर बदल गई.
राजनीति पर अपनी राय रखते हुए गडकरी ने कहा कि राजनीति सिर्फ सत्ता हासिल करने का खेल नहीं है. इसमें समझौते, सीमाएं और कई तरह की चुनौतियां होती हैं. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि बदलाव तभी आएगा जब जनता गलत नेताओं और गलत राजनीति को वोट देना बंद करेगी.
आखिर में गडकरी ने अपने सिद्धांतों की बात करते हुए कहा कि उन्होंने तय कर लिया था कि किसी भी हालत में अपने मूल्यों से समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने साफ कहा कि वो जाति, धर्म, भाषा या लिंग के आधार पर कभी भेदभाव नहीं करते. उनके लिए उनकी लोकसभा का हर नागरिक परिवार जैसा है, चाहे उसने उन्हें वोट दिया हो या नहीं.
यूजर्स को जहां शेखर के सवाल बेहद चटपटे और मजेदार लगे. वहीं उन्हें नितिन गडकरी के जवाबों ने भी हैरान किया. देखने वालों को एपिसोड काफी पसंद आ रहा है. शेखर को पुराने फॉर्म में देखकर हर कोई एंजॉय कर रहा है.