रात 10 बजे के बाद तक शो कर रहे थे कुमार सानू, पुलिस ने बंद कराया

90 के दशक के मशहूर सिंगर कुमार सानू के खि‍लाफ बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस शि‍कायत दर्ज. एक कार्यक्रम में पहुंचे कुमार सानू देर रात तक गाते रहे गाना. लाउडस्पीकर की आवाज के चलते स्थानिय लोगों हुए परेशान, पुलिस मामला दर्ज.

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पूजा बजाज

  • दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 11:20 AM IST

जाने मानें बॉलीवुड सिंगर कुमार सानू, बिहार में अपने शो के चलते कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. कुमार सानू हाल ही में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक कार्यक्रम में गाने पहुंचे थे. देर रात तक म्यूजिकल शो में लाउडस्पीकर बजाने के आरोप में कुमार सानू और आयोजकों के खि‍लाफ FIR दर्ज करवाई गई है.

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर शहर के जिला स्कूल में एक निजी संस्था ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसी कार्यक्रम में गाने पहुंचे थे. उनके अलावा और कई कलाकारों ने भी प्रस्तु‍ति दी. ये कार्यक्रम देर रात 10 बजे के बाद भी चलता रहा. लाउडस्पीकर की तेज आवाज की वजह से आस-पास के लोग परेशान हो गए .

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इसके बाद मिठनपुरा थाने में कुमार सानू और आयोजकों के लिए शिकायत दर्ज करवाई गई. शिकायत के आधार पर कुमार सानू और कार्यक्रम के आयोजक अंकित कुमार सहित कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इसी को लेकर मिठनपुरा थाना अध्यक्ष के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. फिलहाल कुमार सानू की ओर मामले पर कोई बयान नहीं आया है.

लाउडस्पीकर बजाने को लेकर क्या कहता है कानून

ध्वनि प्रदूषण (अधिनियम और नियंत्रण) कानून, 2000 जो पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 के तहत आता है की 5वीं धारा लाउडस्पीकर्स और सार्वजनिक स्थलों पर बजने वाले यंत्रों पर मनमाने अंदाज में बजने पर अंकुश लगाता है.

1. लाउडस्पीकर या सार्वजनिक स्थलों पर यंत्र बजाने के लिए प्रशासन से लिखित में अनुमति लेनी होगी.

2. लाउडस्पीकर या सार्वजनिक स्थलों पर यंत्र रात में नहीं बजाए जा सकेंगे. इसे रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक बजाने पर रोक है. हालांकि ऑडिटोरियम, कांफ्रेंस रूम, कम्युनिटी और बैंकट हॉल जैसे बंद कमरों या हॉल में इसे बजाया जा सकता है.

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3. राज्य सरकार के पास यह अधिकार होता है कि वह क्षेत्र के हिसाब से किसी को भी औद्योगिक, व्यावसायिक, आवासीय या शांत क्षेत्र घोषित कर सकता है. अस्पताल, शैक्षणिक संगठन और कोर्ट के 100 मीटर के दायरे में ऐसे कार्यक्रम नहीं कराए जा सकते, क्योंकि सरकार इन क्षेत्रों को शांत जोन क्षेत्र घोषित कर सकती है.

4. इस नियम के अनुसार, सार्वजनिक और निजी स्थलों पर लाउडस्पीकर की ध्वनि सीमा क्रमश:10 डेसीबल और पांच डेसीबल से अधिक नहीं होगी.

5. रिहाइशी इलाकों में ध्वनि का स्तर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक 55 डेसीबल तो रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक 45 डेसीबल तक ही रख जा सकता है. जबकि व्यवसायिक क्षेत्र में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक 65 डेसीबल और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक 55 डेसीबल तक का स्तर होना चाहिए. दूसरी ओर, औद्घोगिक इलाकों में इस दौरान ध्वनि स्तर को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक 75 डेसीबल रख सकते हैं. वहीं शांत क्षेत्र (साइलेंस जोन) में इन दौरान क्रमशः 50 डेसीबल और 40 डेसीबल ध्वनि का स्तर रखा जाना चाहिए.

6. पर्यावरण (संरक्षण) 1986 कानून की धारा 15 के तहत इसे दंडनीय अपराध माना गया है. नियम का उल्लंघन करने पर 5 साल की जेल या एक लाख का जुर्माना या फिर दोनों (जेल और जु्र्माना) सजा दी जा सकती है. साथ ही हर दिन के उल्लंघन के पांच हजार रुपये प्रतिदिन की सजा का प्रावधान अलग से है.

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