CBFC से पहलाज निहलानी नाराज, बोले- सरकार गूंगी और बहरी है

पहलाज निहलानी ने अपनी फिल्म में आ रही रुकावटों पर एक्शन लेते हुए बॉम्बे बाईकोर्ट का रुख किया है.  

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पहलाज निहलानी (इंडिया टुडे आर्काइव) पहलाज निहलानी (इंडिया टुडे आर्काइव)

हंसा कोरंगा

  • मुंबई ,
  • 05 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 11:12 PM IST

पूर्व सेंसर बोर्ड अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने सरकार पर निशाना साधा है. वे अपनी फिल्म रंगीला राजा के स‍र्टिफिकेशन को लेकर सेंसर बोर्ड से नाराज हैं. उन्होंने CBFC के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.

निहालानी ने कहा- सरकार गूंगी और बहरी है. एक आदमी कई मंत्र‍ियों को हैंडल कर रहा है. दरअसल, सेंसर बोर्ड ने निहलानी की अपकमिंग फिल्म रंगीला राजा में 20 कट लगाए हैं. पहलाज इससे नाराज हैं और उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. निर्माता ने आमिर खान और प्रसून जोशी की दोस्ती पर भी निशाना साधा.

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"रंगीला राजा" में गोविंदा लीड रोल में हैं. लंबे इंतजार के बाद 2 हफ्ते पहले ही इसकी सेंसर बोर्ड के सामने स्क्रीनिंग हुई है. जिसके बाद CBFC ने 20 कट लगाने को कहा है. फिल्म 16 नवंबर को रिलीज होगी. इसे पहलाज निहलानी ने प्रोड्यूस किया है जबकि निर्देशन सिकंदर भारती ने किया है. 

आमिर प्रसून की दोस्ती पर निशाना

फिल्ममेकर ने कहा, ''सेंसर बोर्ड ने स्क्रीनिंग के लिए मुझे लंबा इंतजार कराया और वहीं ठग्स ऑफ हिंदोस्तान की स्क्रीनिंग मेरी मूवी से पहले रखी गई. अब मुझे लगता है कि उन्होंने मुझसे बदला लिया है. उन्होंने 20 कट लगाए हैं जो कि बेहूदा हैं.''

पहलाज ने आरोप लगाया कि ऐसा आमिर खान और प्रसून जोशी की दोस्ती की वजह से हो रहा है. उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "मेरी फिल्म अप्लाई करने के 40 दिन बाद देखी गई. मैं 8 नवंबर को फिल्म रिलीज करने जा रहा था. ठग्स ऑफ हिंदोस्तान मेरी फिल्म से 20 दिन बाद स्क्रीनिंग के लिए अप्लाई की गई. प्रसून जोशी और आमिर खान अच्छे दोस्त हैं. इसीलिए उन्हें (आमिर खान) वरीयता मिली. मेरी फिल्म (रंगीला राजा) में जो कट्स सुझाए गए हैं, वो सेंसर बोर्ड की गाइड लाइन का उल्लंघन हैं." बता दें कि गीतकार प्रसून जोशी सेंसर बोर्ड के मौजूदा चीफ हैं.

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इन सीन्स पर CBFC को आपत्ति

पहलाज कहते हैं, मूवी में एक सीन है जिसमें शक्ति कपूर गोविंदा का साथ देते हुए कहते हैं, ''इस धरती पर जब जब रावण सीता का हरण करता है, तब राम का साथ निभाने के लिए हनुमान आएगा.'' इस सीन पर वे कट लगाना चाहते हैं. वहीं वे वीरे दी वेडिंग और दूसरी फिल्मों को पास कर रहे हैं. दूसरा एक सीन है जिसमें पति पत्नी को थप्पड़ मारते हुए कहता है, ''मैं तो कभी राम था ही नहीं, मगर तू तो सीता थी.'' सेंसर का कहना है कि मैं महिला के खिलाफ हिंसा दिखा रहा हूं.

बता दें कि जिस दौरान पहलाज निहलानी सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष थे, तब वे हर दूसरी मूवी की सेंसरशिप को लेकर विवादों में छाए रहते थे. फिल्म उड़ता पंजाब के कई सीन्स पर उन्होंने बेरहमी से कैंची चलाई थी. कई और फिल्मों में कट ;लगाने को लेकर पहलाज के ऊपर आरोप लगे थे.

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