फिल्म का नाम: सुल्तान
डायरेक्टर: अली अब्बास जफर
स्टार कास्ट: सलमान खान, अनुष्का शर्मा, रणदीप हूडा, अमित साद
अवधि: 2 घंटा 50 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 3.5 स्टार
आखिरकार की फिल्म 'सुल्तान'. पहली बार सलमान ने इस फिल्म में अनुष्का शर्मा और डायरेक्टर 'अली अब्बास जफर' के साथ काम किया है. क्या 'बजरंगी भाईजान' और 'किक' की तरह एक बार फिर से सलमान का जादू बॉक्स ऑफिस पर चलेगा? आइए पता करते हैं.
कहानी
फिल्म की कहानी हरियाणा के रहने वाले की है जिसकी मुलाकात जब आरफा (अनुष्का शर्मा) से होती है तो उसकी
रेसलिंग देखकर सुल्तान भी एक रेसलर बनने की चाह रखने लगता है क्योंकि उसके हिसाब से एक रेसलर की ही शादी, रेसलर से हो सकती है. इसी दौरान
कहानी में कई सारे उतार चढ़ाव आते हैं, जिसकी वजह से सुल्तान की पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी काफी प्रभावित होती है और आखिरकार एक खास
वजह से खुद को साबित करने के लिए सुल्तान एक अहम रेसलिंग लड़ता है, दिल्ली का बिजनेसमैन आकाश (अमित साद) और कोच (रणदीप हुड्डा) उसकी
वापसी के लिए काफी मदद करते हैं. अब क्या कर पाने में सक्षम हो पाता है? इसका पता आपको थिएटर तक
जाकर ही चल पाएगा.
स्क्रिप्ट
फिल्म की कहानी तो रेसलर की जिंदगी पर आधारित है लेकिन फिल्मांकन के दौरान काफी लंबी लगने लगती है, सिलसिलेवार कई सारी घटनाएं घटती
जाती हैं, जो वर्तमान और फ्लैशबैक के साथ गुजरती हैं. इंटरवल के बाद थोड़ी बोरियत भी होने लगती है, यही कारण है की फिल्म को एडिटिंग के साथ
और भी क्रिस्प किया जा सकता था. हालांकि लोकेशंस और सिनेमेटोग्राफी काबिल ए तारीफ हैं. की मौजूदगी फिल्म को और भी दर्शनीय बनाती है.
फाइट सीक्वेंस कमाल के हैं साथ ही सिनेमेटोग्राफी जबरदस्त है.
अभिनय
के शारीरिक बदलाव को देखकर लगता है की उन्होंने फिल्म के लिए जबरदस्त मेहनत की है और वो पर्दे पर नजर भी आती है. मिटटी, मैट
और फिर रिंग में फाइट करते हुए को देखना एक ट्रीट है. वहीं अनुष्का शर्मा ने भी 'आरफा' का किरदार बखूबी निभाया है और स्क्रीन पर खूब
जचती हैं. फिल्म में अमित साद, रणदीप हुड्डा और बाकी सह-कलाकारों का काम भी अच्छा है. सलमान और अनुष्का के हरियाणवी संवाद भी काबिल ए
तारीफ हैं.
कमजोर कड़ी
फिल्म को अच्छे तरीके से एडिट करके छोटा और क्रिस्प किया जा सकता था. वैसे तो फिल्म की कमाई बहुत
होगी क्योंकि 5 दिनों का वीकेंड मिला है लेकिन उस हिसाब से फिल्म को और भी ज्यादा कट टू कट बनाया जा सकता था.
संगीत
फिल्म का संगीत अच्छा है. विशाल शेखर ने कहानी की रफ्तार के हिसाब से गीत बनाए हैं, और कुश्ती के दौरान बैकग्राउंड स्कोर और भी ज्यादा अच्छा
लगता है. टाइटल ट्रैक पूरी फिल्म के दौरान उर्जा भरता है.
क्यों देखें
रोमांचक फाइट सीक्वेंस और सुल्तान की कहानी के लिए जरूर देखी जा सकती है.
दीपिका शर्मा