बिना कपड़ों के किया मेडिटेशन, किस दर्द में थे विनोद खन्ना? दूसरी पत्नी ने सालों बाद रिवील किया सीक्रेट

विनोद खन्ना अपने पीक पर एक्टिंग की दुनिया छोड़कर ओशो के आश्रम में माली का काम करने लगे थे, जहां वो अपने स्पिरिचुअल जर्नी पर फोकस कर रहे थे. अब उनकी दूसरी पत्नी ने एक्टर की स्पिरिचुअल जर्नी पर राज खोला है.

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 विनोद खन्ना पर बोलीं कविता खन्ना (PHOTO: ITG) विनोद खन्ना पर बोलीं कविता खन्ना (PHOTO: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

बॉलीवुड के दिवंगत एक्टर विनोद खन्ना एक बार फिर सुर्खियों में आए हैं. उनकी दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने अपने पति की स्पिरिचुअल जर्नी पर कुछ बातें कही हैं, जो काफी वायरल हुई हैं. कविता ने अपने यूट्यूब चैनल पर ओशो के आश्रम में विनोद खन्ना के दिनों का जिक्र किया है. 

विनोद खन्ना की स्पिरिचुअल जर्नी 

विनोद खन्ना जब अपने एक्टिंग करियर के पीक पर थे, तब उन्होंने अचानक बॉलीवुड छोड़कर स्पिरिचुअलिटी की राह पर चलने का फैसला लिया था. वो ओशो के आश्रम में माली बनकर भी काम करने लगे थे. कविता खन्ना ने बताया कि विनोद खन्ना ने अचानक ऐसा फैसला क्यों लिया था. अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर कर उन्होंने कहा कि एक्टर बचपन से ही काफी स्पिरिचुअल थे. 

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जब वो 17 साल के थे, तब उन्होंने एक योगी की ऑटोबायोग्राफी खरीदकर पढ़ी, जिससे उनका ध्यान स्पिरिचुअलिटी की तरफ और बढ़ा. कविता ने आगे बताया कि विनोद खन्ना ने अपनी मां के निधन के बाद संन्यास का फैसला लिया और ओशो के आश्रम में जाकर रहने लगे. उन्होंने कहा, 'उनकी वो अनोखी जिंदगी छोड़ने का आखिरी फैसला. वो शानदार मटेरियल लाइफ, लोगों का प्यार-आदर, और इतनी बड़ी कामयाबी. तब आया जब परिवार में दो साल के अंदर कई मौतें हो गईं. तो, जब उनकी मां गुजर गईं, तो वो सीधे ओशो के पास गए और संन्यास ले लिया.'

'वो ओशो के गार्डनर थे. ओशो का घर बहुत प्राइवेट था, और वहां सिर्फ बहुत कम लोगों को जाने की इजाजत थी, लेकिन अगर तुम गार्डनर हो, तो तुम वहां रह सकते थे. ये उनकी सेवा थी. ओरेगन में, ओशो के पास बहुत शानदार बहते हुए लंबे रॉब्स (गाउन जैसी पोशाकें) थीं, जो खास उनके लिए डिजाइन की गई थीं. और उन सबको पहले विनोद पर ट्राई किया जाता था, क्योंकि उनके कंधे का साइज एक जैसा था.' 

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कितने ज्यादा स्पिरिचुअल थे विनोद खन्ना?

कविता खन्ना ने आगे उस वक्त को भी याद किया जब एक्टर ने गिरगांव चौपाटी पर आयोजित एक न्यूड मेडिटेशन सेशन में हिस्सा लिया था. उन्होंने पूरी कहानी बताते हुए कहा, 'जब वो मुंबई में रहते थे, पुणे आश्रम में जाने से पहले भी, चौपाटी बीच पर ध्यान किया करते थे. मुंबई का वो चौपाटी बीच है, जहां बहुत भीड़-भाड़ रहती है. वहां सब लोग कपड़े उतार देते थे, और न्यूड होकर एक सर्कल में बैठकर ध्यान करते थे...मुझे पता है कि विनोद वहां किसी फिजिकल पार्ट के लिए नहीं गए थे. उनका सफर पूरी तरह स्पिरिचुअल था, बहुत गहरी श्रद्धा और समर्पण के साथ.'

विनोद खन्ना ने अपने लगभग 50 साल के फिल्मी करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया है. इस बीच उन्होंने एक पॉलिटिशियन के रूप में भी सफलता हासिल की. विनोद खन्ना को आखिरी बार साल 2020 में आई फिल्म 'गन्स ऑफ बनारस' में देखा गया, जो उनके निधन से ठीक तीन साल बाद रिलीज हुई थी. एक्टर का निधन साल 2017 में कैंसर के कारण हुआ था.

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