भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक, सपोर्ट में उतरे शेखर सुमन, बोले- जिंदा लाशों में से एक जीवित

सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे, मगर शनिवार को उन्हें पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया. उनके इन संघर्षों को देखकर शेखर सुमन ने अपने शो पर उनका समर्थन किया.

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सोनम वांगचुक के लिए बोले शेखर सुमन (Photo: Screengrab/PTI) सोनम वांगचुक के लिए बोले शेखर सुमन (Photo: Screengrab/PTI)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:33 PM IST

सोशल एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक इस समय देश के लाखों बच्चों की उम्मीद बने हुए हैं. जंतर-मंतर पर वो भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे. लेकिन शनिवार की सुबह उन्हें दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट किया. उनकी तबीयत काफी बिगड़ती जा रही थी, जिसे देखते हुए ऐसा कदम उठाया गया. हालांकि इस बीच वहां थोड़ी बहुत झड़प भी हो गई. 

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सोनम वांगचुक पिछले 21 दिन से अनशन पर बैठे हैं. बॉलीवुड का लगभग हर सेलेब उनके सपोर्ट में उतरता दिखा है. उन्हें साइंटिस्ट की चिंता भी हो रही है. बीते दिन शुक्रवार को एक्टर शेखर सुमन ने भी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर अपनी प्रतिक्रिया दी. अपने शो मूवर्स एंड शेकर्स पर उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और कुछ गंभीर बातें भी कहीं. इस शो मूवर्स एंड शेकर्स में देश के कई मुद्दों पर व्यंग करते नजर आते हैं. 

क्या बोले शेखर सुमन?

शेखर सुमन ने सोनम वांगचुक पर कहा- सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जी कई दिनों से जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए अनशन पर बैठे हैं. मैं हैरान हूं ये देखकर कि कोई हैरान क्यों नहीं है? एक इंसान देश और समाज की बेहतरी के लिए अनशन पर बैठा है. स्टूडेंट्स के फ्यूचर के लिए अनशन पर बैठा है. शिक्षा के चरमराते ढांचे को संभालने के लिए अनशन पर बैठा है और व्यवस्था चैन से लेटी हुई है. 

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'वो व्यवस्था जो ना सिर्फ गूंगी, बेहरी और संवेदनहीन है, बल्कि तंग दिल, संग दिल और बेदिल है. थके हुए ऊर्जाहीन शरीर में भले ही शक्ति ना हो, लेकिन देश के लाखों युवाओं की वो ताकत है. अगर गौर से देखा जाए, तो हम सब जिंदा लाशों में वो एक अकेला जीवित है. मैं हैरान हूं ये देखकर कि कोई हैरान क्यों नहीं है?'

बता दें कि सोनम वांगचुक इस समय कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ इस अनशन को आगे बढ़ा रहे थे. 20 जुलाई को उन्होंने संसद की तरफ शांतिपूर्वक मार्च करने का संकल्प बनाया था. अब देखना है कि सोनम वांगचुक की तबीयत में कितना सुधार आता है, देश का हर बच्चा इस समय उनकी अच्छी सेहत की कामना कर रहा है. 

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