क्या 'चिरैया' है 'एंटी मेन प्रोपेगेंडा'? एक्ट्रेस प्रसन्ना बिष्ट बोलीं- सोच बदलने की जरूरत

'चिरैया' एक्टर प्रसन्ना बिष्ट शो के खिलाफ मिल रही नफरत के बारे में बात की और बताया कि यह शो क्यों जरूरी है? इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस रोल को उन्होंने कैसे किया.

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चिरैया पर बोलीं एक्ट्रेस प्रसन्ना बिष्ट (Photo: Instagram/prasanna_bisht) चिरैया पर बोलीं एक्ट्रेस प्रसन्ना बिष्ट (Photo: Instagram/prasanna_bisht)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:26 PM IST

हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज़ 'चिरैया' को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा है. इसकी वजह है कि यह सीरीज़ 'सहमति' (consent) और 'वैवाहिक बलात्कार' (marital rape) जैसे संवेदनशील विषयों को उठाती है. समाज के एक तबके ने इस शो का विरोध किया है और इसे 'पुरुष-विरोधी प्रोपेगैंडा' करार दिया है.

शो में वैवाहिक बलात्कार की शिकार महिला का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस प्रसन्ना बिष्ट ने इन कमेंट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'अब समय आ गया है कि लोग इस बदलाव को स्वीकार करना शुरू करें.'

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प्रसन्ना बिष्ट ने क्या कहा?
HT में छपी रिपोर्ट के मुताबिक प्रसन्ना बिष्ट ने कहा, 'समय के साथ प्रकृति बदलती है, मौसम बदलता है, इसलिए हमें भी बदलने की जरूरत है. अब समय आ गया है कि हम दूसरों की बात सुनना शुरू करें, क्योंकि अभी ऐसा नहीं हो रहा है. लोगों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है. यह शो बस यही समझाने की कोशिश करता है कि एक महिला का शरीर उसी का होता है और 'सहमति' का असली मतलब क्या है—बस इतना ही.' 

'अगर आपको लगता है कि यह कोई प्रोपेगेंडा है, तो यह बेहद हास्यास्पद और दुखद है. जो कोई भी ऐसा कह रहा है, उसे पहले खुद को और ज्यादा शिक्षित करना चाहिए, अपनी 'भावनात्मक समझ' (emotional intelligence) बढ़ानी चाहिए और दूसरों की बात सुनना शुरू करना चाहिए.'

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वहीं ऑनलाइन कुछ ऐसे दावे भी सामने आए हैं, जिनमें कहा गया है कि यह शो बताता है कि 82% शादीशुदा भारतीय महिलाएं अपने रिश्तों में दुर्व्यवहार का सामना करती हैं. इन आंकड़ों के प्रसार को गलत बताते हुए प्रसन्ना कहती हैं, 'लोग जो भी बातें या तथ्य कह रहे हैं, उन्हें कोई भी बयान देने से पहले पहले शो देखना चाहिए. आजकल लोग असल चीज को देखे बिना ही अपनी राय जाहिर करना शुरू कर देते हैं. शो ने कभी भी उस प्रतिशत का दावा नहीं किया है जिसके बारे में लोग बात कर रहे हैं.'

अच्छे पुरुष को क्यों नहीं देख रहे?- प्रसन्ना
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पर्दे पर उत्पीड़न वाले दृश्यों को निभाने में कोई झिझक महसूस हुई—खासकर अपने करियर के इतने शुरुआती दौर में? तो प्रसन्ना ने कहा, 'इस दुनिया में ऐसे बहुत से पुरुष हैं जो किसी लड़की का उत्पीड़न करते समय उसकी उम्र तक नहीं देखते. तो फिर, जब मैं इसके खिलाफ आवाज उठाना चाहती हूं, तो मुझे अपनी उम्र क्यों देखनी चाहिए? मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि मैंने ऐसा किया, क्योंकि यह मेरी जिम्मेदारी थी. मैं जानती हूं कि मैं एक एक्ट्रेस हूं, लेकिन यह एक जिम्मेदारी भी थी, क्योंकि मैंने भी अपनी जिंदगी में बहुत कम उम्र में ही कई मुश्किल हालात का सामना किया है.'

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एक्ट्रेस उन आलोचकों से भी सवाल करती हैं कि वे शो में दिखाए गए अच्छे पुरुषों को क्यों नहीं देख रहे हैं? 'कभी-कभी आप कुछ ऐसी मान्यताओं से इतने अंधे हो जाते हैं जो आपके ही पक्ष में काम नहीं कर रही होतीं, कि आप उन भ्रमों से बाहर ही नहीं निकलना चाहते. लोग विनय के बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं? मुझे हैरानी होती है. लोग इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं कि उसने उस स्थिति को कैसे संभाला? लोग इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं कि उसने अपनी पत्नी का साथ कैसे दिया? कि वह अच्छे मूल्यों वाला एक सच्चा इंसान कैसे है?'

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