आशुतोष गोवारिकर की 'लगान', रिलीज के 25 साल बाद भी इंडियन सिनेमा में एक बड़ा लैंडमार्क है. आमिर खान स्टारर यह फिल्म सिर्फ अपने ऐतिहासिक क्रिकेट मैच के लिए ही नहीं, दमदार कहानी के लिए भी आज याद की जाती है. इस फिल्म में जो कुछ स्क्रीन पर हुआ, जनता को उसका एक-एक फ्रेम याद है, मगर इस फिल्म के बनने पर पर्दे के पीछे जो कुछ घट रहा था, उसके किस्से भी बहुत दिलचस्प हैं.
लगान में ब्रिटिश ऑफिसर कैप्टन एंड्रू रसेल का किरदार निभाने वाले एक्टर पॉल ब्लैकथॉर्न ने इंडिया टुडे से एक खास बातचीत में शूटिंग के दिनों को याद किया और फिल्म के सेट से कई अनसुने दिलचस्प किस्से शेयर किए. इनमें एक मजेदार किस्सा 'लगान' की ब्रिटिश कास्ट के लिए आई स्पेशल डिश "करी पास्ता" से जुड़ा है.
लगान में जालिम ब्रिटिश अफसर एंड्रू रसेल का रोल करने वाले पॉल ने शूटिंग के एक्सपीरियंस को इंटेन्स और थकाऊ बताते हुए कहा कि उन्हें जीवन में पहले कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ था. उन्होंने बताया, 'ये चार महीने प्रेशर कुकर में रहने जैसा था. और उस कुकर में बहुत कुछ एक साथ था. भारतीय कलाकार, ब्रिटिश कलाकार, वहां के लोकल लोग, फिल्म की कहानी, माहौल, लोकेशन... सब कुछ बहुत इंटेन्स था.'
ज्यादातर लोग जानते हैं कि 'लगान' की शूटिंग गुजरात के भुज इलाके में हुई थी, जहां फिल्म की कास्ट और टेक्नीशियन्स ने बहुत एक्स्ट्रीम मौसम का सामना करते हुए महीनों बिताए थे. पॉल ने बताया कि उस शूट पर हर दिन एक नया चैलेंज लेकर आता था. 'क्रिकेट मैच वाले हिस्से को शूट करने में हफ्तों लगे थे. लेकिन उसके अलावा हमें हफ्ते में एक दिन छुट्टी मिलती थी, तब मैं सीधे बीच पर भाग जाता था, वहां बैठकर रिलैक्स करता था और अगले छह दिनों के लिए खुद को तैयार करने की कोशिश करता था. शूट खत्म होने तक हम शायद सातों दिन काम कर रहे थे लेकिन हर दिन अद्भुत था,' पॉल ने कहा.
शूट जनवरी में शुरू हुआ था और गुजरात की मशहूर गर्मी कुछ महीने बाद आई. पॉल ने बताया कि इस गर्मी से एडजस्ट करने में उन्हें थोड़ा समय लगा. पॉल ने मजाकिया अंदाज में कहा, 'धीरे-धीरे आप उस मौसम में ढल जाते हैं. ये ऐसा है जैसे किसी मेंढक को धीरे-धीरे गर्म पानी में उबाला जा रहा हो और उसे खुद एहसास ही न हो.' हालांकि, एक्टर्स के सामने गर्मी ही एकमात्र चुनौती नहीं थी, क्योंकि बीच में धूल भरी आंधियां और कीड़ों के झुंड के चलते भी शूट रुक जाता था.
पॉल ने बताया, 'धूल भरी आंधियां आती थीं. एक बार टिड्डियों का झुंड भी आ गया था. लोग चिल्ला रहे थे, 'शूटिंग रोक दो, टिड्डियां आ गई हैं.' शायद मधुमक्खियां भी थीं. हर तरफ उड़ते हुए कीड़े नजर आते थे. खासकर कैमरा डिपार्टमेंट के लिए ये बहुत बड़े चैलेंज थे.'
लेकिन इन सारी मेमोरीज के बीच, पॉल को आमिर खान से जुड़ी एक खाने की कहानी आज भी हंसा देती है. उन्होंने बताया कि लगातार कई दिनों तक करी खाने के बाद आमिर खान ने उनसे आकर पूछा था कि क्या ब्रिटिश कलाकार खाने के अरेंजमेंट से खुश हैं या नहीं.
पॉल ने कहा, 'करीब एक-दो हफ्ते बाद आमिर मेरे पास आए और बोले, 'पॉल, क्या सारे ब्रिटिशर्स खाने से खुश हैं?' हम सुबह पपीता और दलिया खाते थे और फिर लंच और डिनर में रोज करी मिलती थी.' उन्होंने आमिर से कहा कि अगर बीच-बीच में कुछ अलग खाने को मिल जाए तो अच्छा रहेगा, और आमिर राजी हो गए.
अगले दिन जब ब्रिटिश कलाकार डाइनिंग एरिया में पहुंचे तो उन्हें ढकी हुई सिल्वर ट्रे दिखीं. ढके हुए बर्तन देखे. जब एक का ढक्कन हटाया गया, तो अंदर पेने पास्ता देखकर सबको बहुत खुशी हुई.
पॉल ने हंसते हुए बताया, 'सभी लोग चिल्लाने लगे, 'पास्ता आ गया.' हम दौड़ते हुए गए, बाउल्स भरे और पहला निवाला मुंह में डालते ही पता चला— ये तो करी पास्ता है! उसी करी में पास्ता डला हुआ था.'
लगान की कास्ट और क्रू के साथ, 25 साल सेलिब्रेट करने भारत आए पॉल ने बताया कि उन्हें आज भी भारत अपने घर जैसा लगता है.
जब उनसे पूछा गया कि 'लगान' के बाद क्या और भी भारतीय फिल्मों के ऑफर मिले थे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, 'हां, कई बार मिले थे. लेकिन सच कहूं तो 'लगान' ने मेरे लिए बहुत ऊंचा स्टैंडर्ड सेट कर दिया था, इसलिए और कुछ जमा नहीं. लेकिन क्या पता? देखते हैं, शायद भविष्य में कुछ मजेदार मिल जाए. मैं इंडियन फिल्में करने के लिए हमेशा तैयार हूं.'
सना फरज़ीन