72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा के बाद देश में सियासी गलियारों और सिनेमा जगत में हलचल तेज हो गई है. CPI(M) वरिष्ठ नेता एम ए बेबी (M A Baby) ने रणदीप हुड्डा की फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' को मिले राष्ट्रीय सम्मान को लेकर अवॉर्ड जूरी पर तीखा हमला बोला है.
शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के फैसलों पर सवाल उठाए. एम ए बेबी ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर कटाक्ष करते हुए यहां तक कह दिया कि आज देश का माहौल ऐसा बना दिया गया है कि आने वाले दिनों में अगर नाथूराम गोडसे पर भी कोई फिल्म बने, तो उसे भी अवॉर्ड से नवाजा जा सकता है. उनके इस बयान के बाद नेशनल फिल्म पुरस्कारों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है.
रणदीप हुड्डा पर साधा निशाना
दरअसल, पत्रकारों ने एम ए बेबी से रणदीप हुड्डा को फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के लिए मिले 'बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर' के बारे में सवाल पूछा था. इस पर भड़कते हुए कम्युनिस्ट नेता ने कहा, 'मुझे इस पर और कुछ कहने की जरूरत है क्या? सावरकर के बारे में... भारत में इस समय जो राजनीतिक हालात और माहौल बन रहे हैं, उसे देखते हुए तो गोडसे पर बनी फिल्म को भी पुरस्कार मिल सकता है. यह बेहद दुखद और चिंताजनक है.'
फिल्म 'आर्टिकल 370' पर बोले
जब पत्रकारों ने उनसे यामी गौतम स्टारर फिल्म 'आर्टिकल 370' को मिले 'बेस्ट फीचर फिल्म' के अवॉर्ड पर राय मांगी, तो बेबी ने कहा, 'मैंने यह फिल्म अभी तक नहीं देखी है, इसलिए इसके कंटेंट या कहानी पर सीधे कोई टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा. मैं ऐसी किसी चीज पर बात नहीं करता जिसकी मुझे पूरी जानकारी न हो.
जूरी चेयरमैन जयराज का पलटवार
दूसरी तरफ इन तमाम राजनीतिक आरोपों और उंगलियों के उठने के बाद नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स जूरी के चेयरमैन और जाने-माने मलयालम फिल्ममेकर जयराज ने सामने आकर इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने साफ किया कि अवॉर्ड्स तय करते समय जूरी के फैसलों पर किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव या असर नहीं था.
जयराज ने पत्रकारों से कहा, 'जब हम जूरी मेंबर्स स्क्रीन पर कोई फिल्म देखते हैं, तो वह हमारे लिए सिर्फ और सिर्फ एक सिनेमा होती है. हमारे दिमाग में या हमारे सामने कोई राजनीति नहीं चल रही होती. एक फिल्ममेकर होने के नाते, मैंने जूरी के बाकी दस सदस्यों के साथ मिलकर केवल फिल्मों की कलात्मकता और उनकी क्वालिटी को परखा है.'
रणदीप हुड्डा के काम की जमकर तारीफ
जूरी चेयरमैन जयराज ने विजेताओं की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म 'आर्टिकल 370' को बहुत ही खूबसूरती और तकनीकी कुशलता के साथ पर्दे पर उतारा गया है, यही वजह है कि फिल्म को अवॉर्ड भी मिला है.
वहीं, 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' फिल्म का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि एक नए निर्देशक (डेब्यू डायरेक्टर) के तौर पर रणदीप हुड्डा का काम वाकई काबिलेतारीफ था. उन्होंने कहा, 'यह एक बहुत ही बेहतरीन और ईमानदार कोशिश थी. एक नए डायरेक्टर ने जिस तरह से उस पूरे दौर, स्वतंत्रता संग्राम के कालखंड और सेलुलर जेल के दृश्यों को दोबारा जीवंत किया है, वह शानदार है. पूरी टीम ने इसके लिए जी-तोड़ मेहनत की है, जिसे नकारा नहीं जा सकता.'
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क