बीकानेर से आने वाले कास्टिंग डायरेक्टर और एक्टर नवनीत रंगा, हाल ही में अनुराग कश्यप की फिल्म बंदर में नजर आए थे. फिल्म के शुरू होने और खत्म होने के वक्त वह एक एसिड अटैकर के रोल में नजर आते हैं. लगभग पिछले 20 सालों से एक्टिंग कर रहे नवनीत ने धीरे-धीरे अपने काम से वह पहचान बनाई है कि अक्सर उन्हें कम स्क्रीन टाइम वाले रोल के लिए बुलाया जाता है, लेकिन काम देखकर डायरेक्टर किरदार लंबा कर देते हैं. AajTak.In के साथ बातचीत में नवनीत ने बताया कि राजकुमार गुप्ता ने अजय देवगन की फिल्म रेड 2 में भी ऐसा ही किया था और अब बंदर में भी ऐसा ही हुआ.
नवनीत ने बताया कि बंदर में उनका रोल पहले उतना ही था जो फिल्म के ओपनिंग शॉट में है. उन्होंने बताया, 'शूट खत्म होने के बाद जब अनुराग सर से पूछा गया कि क्या मेरी और जरूरत है? तो पहले उन्होंने मना कर दिया था. लेकिन फिर बतौर ए डी (असिस्टेंट डायरेक्टर) काम करने के लिए मुझे वापस बुलाया गया.' जब ए डी के तौर पर नवनीत टीम के साथ थे तो अनुराग को फिर से एक सीन सूझा, जो उन्होंने बंदर के लास्ट में इस्तेमाल किया है. इसके लिए नवनीत की फिर जरूरत पड़ी.
इसी तरह अपनी फिल्म इंडियाज मोस्ट वांटेड में काम कर चुके नवनीत को डायरेक्टर राजकुमार गुप्ता ने रेड 2 के लिए बुलाया था. उन्हें बताया गया कि उनका रोल बहुत छोटा सा है और अजय के साथ उनके कोई सीन नहीं हैं. लेकिन शूट पर पहुंचने के बाद उन्हें सरप्राइज मिला— उनका पहला ही सीन अजय के साथ था और उसकी लंबाई भी बढ़ा दी गई.
नवनीत ने बताया कि बंदर में बॉबी अपनी सारी फिल्मों से बहुत अलग रोल कर रहे थे. लेकिन अनुराग कश्यप जैसे डायरेक्टर के सामने उन्होंने खुद को पूरी तरह सौंप दिया था. नवनीत ने बताया, 'बॉबी सर मानसिक रूप से पूरी तरह अपने कैरेक्टर में दिखते थे, ऐसा लगता था कि वह पूरी तरह तैयारी करके आए हैं. उन्होंने अपने आपको पूरी तरह अनुराग को सौंप दिया था कि आप जो कहोगे मैं वो करूंगा.'
बॉबी देओल की डेडिकेशन का नवनीत ने एक किस्सा भी बताया. बंदर के एक सीन में बॉबी को अपने साथी कलाकारों से पिटना था जो मोस्टली उनके जूनियर ही थे. अभी तक लोगों ने उन्हें एक स्टार के तौर पर, कई-कई गुंडों को पीटते ही देखा है. लेकिन यहां सीन ऐसा था कि वह लंबा-चौड़ा आदमी होने के बावजूद मेंटली ऐसी हालत में थे कि बाकियों से पिट जाते हैं. नवनीत ने बताया, 'वो सीन देखकर सेट पर मौजूद लोग हैरान थे. बॉबी सर को हमने हमेशा बड़े स्टार की तरह देखा है, लेकिन बंदर में जैसा किरदार उन्होंने निभाया उसमें जमीन-आसमान का अंतर है.'
2007 में पहली बार फिल्म करने वाले नवनीत ने बताया कि बॉबी के इस सीन से उन्होंने सीखा कि कैसे हर एक्टर को सबसे पहले अपने कैरेक्टर के हिसाब से ही सोचना चाहिए. सबसे पहला कमिटमेंट अपने कैरेक्टर की जर्नी पूरी करने पर होना चाहिए.
बीकानेर, राजस्थान से आकर मुंबई में पहचान बना चुके नवनीत ने बताया कि पिछले 10 साल से वह हर दिन कैमरे के सामने एक्टिंग की प्रैक्टिस करते हैं. इसमें उनके एक गुरु उन्हें गाइड भी करते हैं. और मोटिवेशन के लिए उन्होंने अपने लैपटॉप, फोन वॉलपेपर, और कमरे में लिखकर लगा रखा है— 'मैं मुंबई क्यों आया था?'
सुबोध मिश्रा