आज के दौर में भले ही बॉलीवुड समलैंगिकता (LGBTQ+) जैसे संवेदनशील विषयों पर खुलकर फिल्में बना रहा है, लेकिन दो दशक पहले स्थिति ऐसी बिल्कुल नहीं थी. साल 2004 में एक फिल्म रिलीज हुई थी, जिसने अपने बोल्ड और लीक से हटकर विषय के कारण पूरे देश में एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था. (Photo: YT/Goldmines Bollywood)
हम बात कर रहे हैं निर्देशक करण राजदान की फिल्म 'गर्लफ्रेंड' की, जिसमें ईशा कोप्पिकर, अमृता अरोड़ा और आशीष चौधरी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं. यह अपने दौर की सबसे विवादित फिल्मों में से एक मानी जाती है. (Photo: YT/Goldmines Bollywood)
फिल्म 'गर्लफ्रेंड' की पूरी कहानी तान्या (ईशा कोप्पिकर) नाम की एक बेहद जुनूनी और अधिकार जताने वाली लड़की के इर्द-गिर्द बुनी गई थी. तान्या अपनी कॉलेज की सहेली सपना (अमृता अरोड़ा) से बेहद गहरा और एकतरफा लगाव रखती है. कहानी में मोड़ तब आता है जब सपना की जिंदगी में राहुल (आशीष चौधरी) की एंट्री होती है और सपना को राहुल से प्यार हो जाता है. (Photo: YT/Goldmines Bollywood)
जब इस फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ, तो इसे बॉलीवुड की पहली लेस्बियन-थीम वाली फिल्म के तौर पर पेश किया गया था. इस वजह से दर्शकों और मीडिया के बीच फिल्म को लेकर काफी उत्सुकता थी. लेकिन जब फिल्म सिनेमाघरों में आई, तो समीक्षकों (क्रिटिक्स) और दर्शकों को भारी निराशा हुई. (Photo: YT/Goldmines Bollywood)
कई जानकारों का मानना था कि फिल्म ने एक संवेदनशील मुद्दे को उठाने के बजाय, सिर्फ और सिर्फ सनसनी फैलाने, कामुक दृश्यों को ठूंसने और लेस्बियन रिश्तों को लेकर समाज में बनी रूढ़िवादी सोच को गलत तरीके से भुनाने का काम किया. (Photo: YT/Goldmines Bollywood)
फिल्म के पर्दे पर आते ही देश भर में इसके खिलाफ गुस्से का गुबार फूट पड़ा. कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर फिल्म का पुरजोर विरोध किया. प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना था कि यह फिल्म भारतीय संस्कृति और मूल्यों को ठेस पहुंचाती है और समलैंगिक रिश्तों को बेहद भद्दे तरीके से पेश करती है. (Photo: YT/Goldmines Bollywood)
फिल्म की रिलीज के सालों बाद, जब एक्ट्रेस अमृता अरोड़ा मशहूर चैट शो 'कॉफी विद करण' में पहुंचीं, तो उन्होंने इस फिल्म को लेकर अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा पछतावा जाहिर किया. जब होस्ट करण जौहर ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें यह फिल्म करके खुशी मिली थी, तो अमृता ने बिना किसी झिझक के कहा, 'बिलकुल नहीं.' (Photo: Instagra/@amuaroraofficial)
एक्ट्रेस ने आगे कहा, 'वैसे तो मैं अपनी जिंदगी में फैसलों पर पछतावा करने वाली इंसान नहीं हूं, लेकिन अगर मुझे कभी समय में पीछे जाकर अपना कोई फैसला बदलने का मौका मिले, तो मैं सबसे पहले इस फिल्म को अपनी जिंदगी से हटा दूंगी.' (Photo: Instagra/@amuaroraofficial)
अमृता अरोड़ा ने शो में खुलकर बताया कि आखिर उन्होंने यह फिल्म साइन क्यों की थी और बाद में उनका मोहभंग कैसे हुआ? उन्होंने कहा, 'करण, जब मैंने पहली बार इस फिल्म की स्क्रिप्ट और इसके विषय के बारे में सुना था, तो मुझे लगा था कि यह बहुत ही प्रोग्रेसिव (प्रगतिशील) और साहसिक कदम है. लेकिन जब मैंने फाइनल फिल्म देखी, तो मुझे अहसास हुआ कि फिल्म का प्रेजेंटेशन और एग्जीक्यूशन वैसा बिल्कुल नहीं था जैसी मुझे उम्मीद थी. वह फिल्म बस अश्लीलता से भरी हुई थी.' (Photo: YT/Goldmines Bollywood)
इंटरव्यू के दौरान अमृता अपने माता-पिता के रिएक्शन को याद करके काफी इमोशनल भी नजर आईं. उन्होंने बताया, 'फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान जब अश्लील सीन आने लगे, तो मेरा पूरा परिवार बीच में से ही उठकर थिएटर से बाहर चला गया.' (Photo: Instagra/@amuaroraofficial)
'उन्हें फिल्म देखते हुए बहुत ज्यादा असहजता महसूस हो रही थी. अपने माता-पिता को उस वक्त इतना निराश और परेशान देखकर मुझे अंदर से बहुत बुरा लगा.' (Photo: Instagra/@amuaroraofficial)
अमृता ने यह भी साफ किया कि उन्हें लेस्बियन थीम से कोई दिक्कत नहीं थी, बल्कि आपत्ति इस बात से थी कि मेकर्स ने उस गंभीर विषय को सिर्फ सस्ते और अश्लील मनोरंजन की तरह इस्तेमाल किया था. (Photo: Instagra/@amuaroraofficial)
वहीं बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो हर तरफ हो रहे विरोध और खराब माउथ पब्लिसिटी के कारण इसका कुल लाइफटाइम बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी महज 6 करोड़ रुपये के आसपास ही सिमट कर रह गया. (Photo: Instagra/@amuaroraofficial)