AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM Chief Asaduddin Owaisi) के ट्विटर हैंडल से रविवार को एक ट्वीट किया गया. ट्वीट में ओवैसी का एक वीडियो है जिसमें वे किसी जनसभा में जनता को संबोधित कर रहे हैं. वीडियो में ओवैसी कह रहे हैं कि मैं किसी का गुलाम नहीं, मैं टोपी भी पहनूंगा और दाढ़ी भी रखूंगा और मेरी बेटी भी हिजाब पहनेगी. दरअसल, ये वीडियो कब और कहां का है, इस संबंध में कुछ क्लियर नहीं हो पाया है.
वीडियो में ओवैसी कह रहे हैं कि तुमको मेरी दाढ़ी पसंद नहीं है, कोई बात नहीं मैं दाढ़ी छोड़ूंगा (रखूंगा). तुमको मेरे सिर पर टोपी पसंद नहीं है, मैं टोपी पहनूंगा. तुमको हिजाब पसंद नहीं है, कोई बात नहीं मेरी बेटी हिजाब पहनेगी. मैं क्या तुम्हारा गुलाम हूं... मैं क्या तुम्हारा कैदी हूं. मैं क्या तुम्हारे इशारे पर बैठ जाऊंगा. मैं क्या तुम्हारे हुक्म पर नीचे गिर जाऊंगा. नहीं... हम गर्दन झुकाएंगे तो अपने करीम के आगे. हम अपनी जान का सौदा कर चुके हैं. दुनिया में रहेंगे तो भारत के संविधान के तहत.
मैं किसी का ग़ुलाम नहीं हूं, मैं टोपी भी पहनूंगा और दाढ़ी भी रखूंगा और मेरी बेटी भी हिजाब पहनेगी।
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi)ओवैसी के इस बयान को कर्नाटक के एक कॉलेज से शुरू हुए हिजाब विवाद (karnataka hijab row) से जोड़कर देखा जा सकता है. इससे पहले 13 फरवरी को ओवैसी ने एक ट्वीट किया था. औवेसी ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए कैप्शन में लिखा, 'इंशा' अल्लाह एक दिन एक हिजाबी प्रधानमंत्री बनेगी.'
ट्वीट किए गए वीडियो में ओवैसी कह रहे हैं, 'हम अपनी बेटियों को 'इंशा' अल्लाह, अगर वो फैसला करती है कि अब्बा-अम्मी मैं हिजाब पहनूंगी. तो अम्मा-अब्बा कहेंगे- बेटा पहन, तुझे कौन रोकता है हम देखेंगे. हिजाब, नकाब पहनेंगे कॉलेज भी जाएंगे, कलेक्टर भी बनेंगे, बिजनेस मैन, एसडीएम भी बनेंगे और एक दिन इस देश की एक बच्ची हिजाब पहनकर प्रधानमंत्री बनेगी.'
दरअसल, देश में हिजाब को लेकर विवाद कर्नाटक के उडुपी की एक यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ था. कॉलेज में छह छात्राएं हिजाब पहनकर क्लास में आई थीं. इसके बाद इसी तरह के मामले कुंडापुर और बिंदूर के कुछ अन्य कॉलेजों में भी आए. राज्य में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जहां मुस्लिम छात्राओं को हिजाब में कॉलेजों या कक्षाओं में जाने की अनुमति नहीं दी गई जिसके बाद विवाद हुआ. फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है.
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