कर्नाटक: चित्रदुर्ग सीट पर बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की लड़ाई

चित्रदुर्ग जिले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), सिद्धारमैया की अगुवाई वाली सरकार की विफलताओं तथा जातीय समीकरण के सहारे बेड़ा पार करने की जुगत में है. इस जिले में लिंगायत वोटरों का दबदबा माना जाता है. चित्रदुर्ग सीट की बात करें तो यहां मौजूदा विधायक थि‍पारेड्डी भी बीजेपी से हैं. हालांकि चित्रदुर्ग जिला परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ़ रहा है.

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चित्रदुर्ग में कांग्रेस-बीजेपी है कांटे की टक्कर चित्रदुर्ग में कांग्रेस-बीजेपी है कांटे की टक्कर

भारत सिंह / दिनेश अग्रहरि

  • चित्रदुर्ग,
  • 15 मई 2018,
  • अपडेटेड 9:07 AM IST

चित्रदुर्ग जिले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), सिद्धारमैया की अगुवाई वाली सरकार की विफलताओं तथा जातीय समीकरण के सहारे बेड़ा पार करने की जुगत में है. इस जिले में लिंगायत वोटरों का दबदबा माना जाता है. चित्रदुर्ग सीट की बात करें तो यहां मौजूदा विधायक थि‍पारेड्डी भी बीजेपी से हैं. हालांकि चित्रदुर्ग जिला परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ़ रहा है.

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साल 2014 में मोदी लहर में भी चित्रदुर्ग संसदीय सीट से कांग्रेस के बी. एन. चंद्रप्पा को विजय मिली थी. चित्रदुर्ग सेंट्रल कर्नाटक का हिस्सा है. सेंट्रल कर्नाटक में तीन जिले आते हैं- शिमोगा, दावणगेरे, चित्रदुर्ग. बीजेपी भी अपने को इस इलाके में मजबूत मानती है. इसकी वजह है कि पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे येदियुरप्पा पड़ोस के शिमोगा से ताल्लुक रखते हैं. बताया जाता है कि चित्रदुर्ग विधानसभा क्षेत्र में लगभग 25,000 गोलया (या यादव) के मतदाता हैं.

इस बार कांग्रेस ने यहां से 66 वर्षीय एच ए शणमुखप्पा को अपना कैंडिडेट बनाया. बीजेपी की ओर से 70 वर्षीय जी.एच. थि‍पारेड्डी मैदान में रहे. इनके अलावा जनता दल सेकुलर से के. पी. वीरेंद्र, समाजवादी पार्टी से के. एस. सरस्वती, कर्नाटक जनता पक्ष से एच. एम. हनुमप्पा तथा कई अन्य छोटे दलों और निर्दलियों को मिलाकर कुल 17 उम्मीदवार मैदान में उतरे.

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चुनाव आयोग ने विधानसभा क्षेत्र में कुल 273 पोलिंग स्टेशन बनाए थे. क्षेत्र में कुल 2,46,346 मतदाता हैं, जिनमें 1,23,060 पुरुष मतदाता और 1,23,210 महिला मतदाता है. 36 एनआरआई मतदाता हैं.

पीएम मोदी ने 6 मई को चित्रदुर्ग में जनसभा को संबोधित किया और कहा था, 'ये वो धरती है जहां पर जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान का मंत्र जीवंत होता है. यहां सौ साल में 70 साल अकाल रहता है, इसके बावजूद प्रगतिशील किसानों ने नया इतिहास बनाया है. यहां पर देश के लिए मर मिटने वाले वीर जवानों की पराक्रम गाथाएं एक से बढ़कर एक हैं. यह वैज्ञानिकों की भी धरती है.'

पीएम ने कहा था, 'यहां इसरो, डीआरडीओ, बार्क आदि नए-नए अनुसंधान कर रहे हैं. यह देश के लिए गर्व की बात है. इसरो की चित्रदुर्ग ईकाई चंद्रयान-2 की तैयारी कर रही है. इस मिशन में लगे सभी वैज्ञानिकों को मैं धन्यवाद देता हूं. मैं यहां की वीरांगना वीरा मड़करी को नमन करता हूं. साहस और शौर्य उस दलित वीरांगना से सीख सकते हैं.'

है, जहां विधायक जी एच थिपारेड्डी को फिर से मैदान में उतार दिया गया है.  

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