राजस्थान में असंतुष्टों का गुस्सा सातवें आसमान पर, राजसमंद में BJP दफ्तर में तोड़फोड़-नारेबाजी और हंगामा

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी, कांग्रेस समेत अन्य दलों की तरफ से उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया जा रहा है. एक सीट पर कई दावेदार होने से बड़ी संख्या में नेताओं को मायूसी हाथ लग रही है. उनके समर्थकों में गुस्सा देखा जा रहा है. रविवार को टिकट वितरण के विरोध में राजसमंद में जमकर हंगामा हो गया.

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राजसमंद में बीजेपी के नाराज नेताओं के समर्थकों ने हंगामा किया और रोड पर टायर्स जलाए. राजसमंद में बीजेपी के नाराज नेताओं के समर्थकों ने हंगामा किया और रोड पर टायर्स जलाए.

aajtak.in

  • जयपुर,
  • 23 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 7:01 AM IST

राजस्थान में चुनावी बयार चल रही है. चुनावी दावेदारी करने वाले नेताओं को टिकट नहीं मिलने पर उनके समर्थकों में गम और गुस्सा देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर संगठन पर भड़ास निकालने के लिए हंगामा, तोड़फोड़ और नारेबाजी की जा रही है. राजसमंद में बीजेपी के असंतुष्ट नेताओं के समर्थकों ने कथित तौर पर पार्टी के जिला कार्यालय में तोड़फोड़ की और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया. यहां पार्टी हाईकमान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.

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बता दें कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी, कांग्रेस समेत अन्य दलों की तरफ से उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया जा रहा है. एक सीट पर कई दावेदार होने से बड़ी संख्या में नेताओं को मायूसी हाथ लग रही है. उनके समर्थकों में गुस्सा देखा जा रहा है.

रविवार को टिकट वितरण के विरोध में राजसमंद में जमकर हंगामा हो गया. यहां बीजेपी के असंतुष्ट नेताओं के समर्थकों ने सड़क पर उतरकर हंगामा किया. सड़क पर टायर जलाए. चुनाव अभियान से संबंधित सामग्री में आग लगा दी. ये कार्यकर्ता कथित तौर पर दीप्ति माहेश्वरी की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे थे.

घटना के तुरंत बाद बीजेपी एक्शन मोड में आई और राज्य अनुशासन समिति ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसक विरोध प्रदर्शन को अनुशासनहीनता माना और चार नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया.

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बीजेपी ने चार नेताओं को सस्पेंड किया

समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत की ओर से राजसमंद जिलाध्यक्ष को पत्र जारी किया गया है. इस पत्र में बताया गया है कि अजय प्रजापत, देवीलाल जटिया, हिम्मत कुमावत और मुकेश शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है.

बीजेपी ने दो दिन पहले ही अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की थी, जिसके बाद असंतुष्ट नेताओं के समर्थकों ने चित्तौड़गढ़, उदयपुर, कोटा, जयपुर, अलवर और बूंदी में भी विरोध प्रदर्शन किया और पुतले जलाए. इसी तरह का विरोध उम्मीदवारों की पहली सूची आने के बाद देखने को मिला था.

कुर्सियां उठाकर फेंकते दिखे समर्थक

राजसमंद में बीजेपी के तीन स्थानीय दावेदार दिनेश बडाला, गणेश पालीवाल और महेंद्र कोठारी सुबह समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे. समर्थकों ने कथित तौर पर 'दीप्ति माहेश्वरी मुर्दाबाद' के नारे लगाए और पार्टी कार्यालय में फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया. राजसमंद में पार्टी कार्यालय में समर्थकों द्वारा कुर्सियां ​​उठाकर फेंकने का एक कथित वीडियो वायरल हो रहा है. राजसमंद डीएसपी पार्थ शर्मा ने बताया कि इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. वहां लोगों को शांत करा दिया गया है. 

वहीं, उदयपुर से टिकट के दावेदार उपमहापौर पारस सिंघवी ने भी उम्मीदवारी नहीं मिलने पर विरोध जताया है. उन्होंने पूर्व विधायक और वर्तमान असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पर उदयपुर की राजनीति में दखल देने का आरोप लगाया. सिंघवी ने कहा, अगर पार्टी ने अपना फैसला नहीं बदला तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

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चित्तौड़गढ़ में भी विरोध, हाईकमान पर लगाए आरोप

बीजेपी ने मौजूदा विधायक चंद्रभान सिंह आक्या का चित्तौड़गढ़ से टिकट काट दिया है. पार्टी के फैसले के विरोध में उनके समर्थकों ने रविवार को एक बार फिर प्रदर्शन किया. उन्होंने कथित तौर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी का पुतला जलाया और पार्टी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और स्थानीय उम्मीदवार को मैदान में उतारने की मांग की. आक्या ने जोशी पर अपने खिलाफ पुरानी दुश्मनी निकालने का आरोप लगाया है. आक्या ने 2013 और 2018 में दो बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया.

पार्टी ने पूर्व उपराष्ट्रपति और पांच बार के विधायक भैरों सिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी को चित्तौड़गढ़ सीट से मैदान में उतारने का फैसला किया है. पार्टी ने अपनी पहली सूची में उन्हें उनकी वर्तमान विद्याधर नगर सीट से टिकट नहीं दिया है. उनकी जगह राजसमंद से बीजेपी सांसद और पूर्व जयपुर शाही परिवार की सदस्य दीया कुमारी को टिकट दिया है.

प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा, निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं. किसी व्यक्ति द्वारा नहीं लिए जाते हैं. मैं कह सकता हूं कि जिस तरह के उम्मीदवारों की सूची सामने आई है, उससे लोगों में उत्साह है और भाजपा के प्रति विश्वास है. यह पूछे जाने पर कि क्या नाराजगी दूर हो जाएगी? जोशी ने कहा, सभी लोग मिलकर काम करेंगे. वे सभी परिवार का हिस्सा हैं.

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विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा, सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने किसी के खिलाफ फैसला नहीं लिया है. राठौड़ ने कहा, यह आलाकमान का फैसला है. विधायक (चंद्रभान सिंह) से बात करने और उन्हें समझाने की कोशिश की गई है. वो समझ जाएंगे.

जयपुर में मौजूदा बीजेपी विधायक अशोक लाहोटी की जगह पार्टी के प्रदेश महासचिव भजनलाल शर्मा को टिकट दिए जाने पर उनके समर्थकों ने पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और टायर जलाए. समर्थकों ने कहा कि क्षेत्र में बाहरी लोगों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

कोटा दक्षिण में विकास शर्मा के समर्थकों ने तलवंडी चौराहे पर प्रदर्शन किया और कथित तौर पर सीट से संदीप शर्मा की उम्मीदवारी के खिलाफ नारे लगाए.

वहीं, अलवर शहर में संजय शर्मा को टिकट मिलने के बाद उनके समर्थकों ने कथित तौर पर उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की और पुतला जलाया.

बूंदी में बीजेपी के अशोक डोगरा की उम्मीदवारी के खिलाफ नए चेहरे को टिकट देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया. उन्होंने तीन बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया है.

राजस्थान में 25 नवंबर को मतदान

राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीटें हैं. अब तक बीजेपी ने कुल 124 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं. पार्टी ने पहली सूची में 41 नामों की घोषणा की थी. पहली सूची आने पर भी पार्टी नेताओं में नाराजगी देखी गई थी. कई नेताओं ने टिकट काटे जाने का विरोध जताया था. राज्य की सभी सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होगा. जबकि वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी.

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