नेवेली विधानसभा क्षेत्र (संख्या 153) तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में स्थित है और इसका केंद्र नेवेली का बड़ा औद्योगिक टाउनशिप है. यह क्षेत्र मुख्य रूप से नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन के बड़े लिग्नाइट खनन और बिजली उत्पादन परिसर के कारण जाना जाता है. इस टाउनशिप को एक योजनाबद्ध औद्योगिक शहर के रूप में विकसित किया गया था, जहां भारत के अलग-अलग हिस्सों
से आए कर्मचारी, इंजीनियर और प्रोफेशनल्स रहते हैं और काम करते हैं.
यहां के मतदाता वर्ग में मुख्य रूप से औद्योगिक कर्मचारी, इंजीनियर, सरकारी कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्ट मजदूर, व्यापारी और आसपास के गांवों के निवासी शामिल हैं. नेवेली की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से लिग्नाइट खनन, थर्मल पावर उत्पादन और उससे जुड़े औद्योगिक कामकाज पर आधारित है, इसलिए यहां की राजनीति में सबसे अहम मुद्दे श्रमिक कल्याण और औद्योगिक नीतियां होते हैं.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से यह क्षेत्र मुख्य रूप से एक औद्योगिक श्रमिक बहुल क्षेत्र है, जहां NLC के स्थायी कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्ट मजदूर और सेवा क्षेत्र के कर्मचारी बड़ी संख्या में रहते हैं. यहां की सामाजिक संरचना विविध है क्योंकि तमिलनाडु और भारत के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग यहां आकर बस गए हैं. यहां मजदूर यूनियन, कर्मचारी संगठन और टाउनशिप निवासी समूह राजनीति को प्रभावित करते हैं. चुनावों में अक्सर रोजगार की सुरक्षा, उद्योग का विस्तार और श्रमिकों के कल्याण जैसे मुद्दे प्रमुख रहते हैं.
भौगोलिक और कनेक्टिविटी की बात करें तो यह क्षेत्र कुड्डालोर जिले के अंदरूनी हिस्से में स्थित है और कुड्डालोर तथा विरुद्धाचलम के बीच आता है. यह क्षेत्र सड़क और रेलवे नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, जिससे नेवेली का संपर्क उत्तरी तमिलनाडु के प्रमुख शहरों से रहता है. यहां का भौगोलिक दृश्य लिग्नाइट खदानों, औद्योगिक संयंत्रों, आवासीय टाउनशिप और आसपास के ग्रामीण इलाकों से मिलकर बना है. टाउनशिप में योजनाबद्ध आवासीय सेक्टर, स्कूल, अस्पताल और मनोरंजन सुविधाएं भी मौजूद हैं.
नेवेली के प्रमुख क्षेत्रों में NLC टाउनशिप के आवासीय सेक्टर, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिवार रहते हैं. लिग्नाइट खदान और थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र, जहां हजारों लोग काम करते हैं. कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों की कॉलोनियां, टाउनशिप की व्यापारिक मंडियां और सेवा क्षेत्र, और आसपास के ग्रामीण गांव शामिल हैं, जो इस औद्योगिक क्षेत्र से आर्थिक रूप से जुड़े हुए हैं.
इस क्षेत्र के मुख्य मुद्दों में रोजगार सुरक्षा और श्रमिक कल्याण, खनन और बिजली उत्पादन का विस्तार और आधुनिकीकरण, पर्यावरण संबंधी चिंताएं, मजदूर कॉलोनियों और आसपास के गांवों का बुनियादी ढांचा विकास, तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं की बेहतर सुविधा शामिल हैं.
मतदाता मानसिकता की बात करें तो यहां के स्थायी कर्मचारी नौकरी की सुरक्षा, लाभ और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हैं. वहीं कॉन्ट्रैक्ट मजदूर वेतन स्थिरता और श्रम अधिकारों पर ध्यान देते हैं. आसपास के गांवों के लोग इस औद्योगिक क्षेत्र से रोजगार और विकास के अवसर चाहते हैं. टाउनशिप में रहने वाले लोग अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल और आवास सुविधाएं को महत्व देते हैं. यहां की राजनीति में मजदूर यूनियन का प्रभाव अक्सर निर्णायक भूमिका निभाता है.