कुड्डालोर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 155) तमिलनाडु के कडलूर जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसका केंद्र कुड्डालोर शहर है. यह शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है. यह विधानसभा क्षेत्र एक मिश्रित क्षेत्र है जिसमें शहरी इलाके, औद्योगिक क्षेत्र, तटीय और ग्रामीण बस्तियां शामिल हैं. कुड्डालोर उत्तरी तमिलनाडु का एक प्रमुख वाणिज्यिक और प्रशासनिक
केंद्र है, जहां की अर्थव्यवस्था विविध है जैसे बंदरगाह गतिविधियां, छोटे उद्योग, व्यापार, मछली पकड़ना, कृषि और सरकारी सेवाएं.
यहां का मतदाता वर्ग बहुत विविध है, जिसमें व्यापारी, औद्योगिक मजदूर, मछुआरे, सरकारी कर्मचारी, किसान और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं. यहां मौजूद औद्योगिक क्षेत्र और कुड्डालोर पोर्ट स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, जबकि तटीय क्षेत्रों में रहने वाले मछुआरा समुदाय इस क्षेत्र की सामाजिक संरचना में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से कुड्डालोर एक मिश्रित शहरी–तटीय मतदाता वाला क्षेत्र है. यहां मुख्य राजनीतिक मुकाबला आमतौर पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के बीच होता है, जबकि पट्टाली मक्कल काची (PMK) और अन्य सहयोगी दलों का भी प्रभाव देखा जाता है. सामाजिक संरचना में वन्नियार, अनुसूचित जाति (SC), मुदलियार, मुस्लिम व्यापारी समुदाय और मछुआरा समुदाय शामिल हैं. यहां श्रमिक यूनियन, व्यापारी संघ और मछुआरा सहकारी समितियाँ राजनीतिक गतिविधियों और समर्थन को प्रभावित करती हैं. चुनावी मुद्दे अक्सर औद्योगिक विकास, तटीय आजीविका और शहरी बुनियादी ढांचे पर केंद्रित होते हैं.
भूगोल और संपर्क व्यवस्था की बात करें तो यह क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के तट पर उत्तर तमिलनाडु में स्थित है. यह सड़क और रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जो इसे पुडुचेरी, चिदंबरम और विलुप्पुरम से जोड़ता है. यहां का भू-भाग तटीय क्षेत्र, शहरी बस्तियों और औद्योगिक इलाकों में फैला हुआ है. गडिलम नदी इस क्षेत्र से होकर समुद्र में मिलती है. यहां के बंदरगाह और औद्योगिक क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं.
इस क्षेत्र के प्रमुख स्थानों में प्राचीन पाडलेश्वरार मंदिर, ऐतिहासिक 17वीं सदी का फोर्ट सेंट डेविड, कडलूर शहर का केंद्र जो प्रशासनिक और व्यापारिक हब है, हार्बर और फिशिंग हार्बर क्षेत्र, औद्योगिक एस्टेट्स जहां आसपास के मजदूर काम करते हैं, घनी आबादी वाले शहरी रिहायशी इलाके, और व्यापार व बाजार की सड़कें शामिल हैं.
मुख्य मुद्दों में तटीय सुरक्षा और मछुआरों के लिए सुविधाएं, औद्योगिक विकास और रोजगार, शहरी बुनियादी ढांचा जैसे सड़कें, नालियां और स्वच्छता, पीने के पानी की व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण, तथा तटीय क्षेत्र होने के कारण आपदा प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण शामिल हैं.
मतदाताओं की सोच की बात करें तो मछुआरा समुदाय बंदरगाह सुविधाओं और तटीय सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, औद्योगिक मजदूर रोजगार स्थिरता और श्रमिक कल्याण पर ध्यान देते हैं, शहरी निवासी बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सेवाओं को महत्व देते हैं, और व्यापारी वर्ग व्यापार वृद्धि व बेहतर कनेक्टिविटी का समर्थन करता है. यहां चुनाव काफी प्रतिस्पर्धी होते हैं और राजनीतिक दल मजबूत संगठन और समुदायों की सक्रिय भागीदारी के साथ प्रचार करते हैं.