विक्रवंडी तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में चेन्नई-त्रिची राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्र है, जो एक विधानसभा क्षेत्र भी है. विल्लुपुरम शहर के पास होने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने के कारण विक्रवंडी आसपास के गांवों के लिए परिवहन, व्यापार और सेवाओं का केंद्र बन गया है. हाल ही में हुए उपचुनाव और वोट के बदले
पैसे के आरोपों के कारण यह क्षेत्र राज्यभर में चर्चा में रहा.
यहां के मतदाता किसान, मजदूर, ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग, व्यापारी, निर्माण श्रमिक और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हैं. गांवों में जातीय समीकरणों का असर दिखता है, जबकि हाईवे के पास रहने वाले लोग मुद्दों के आधार पर मतदान करते हैं. विधायक की उपलब्धता, सड़कों, जमीन से जुड़े मामलों, बढ़ते विकास और सरकारी सेवाओं को संभालने की क्षमता मतदाताओं के भरोसे को तय करती है.
विक्रवंडी में उपजाऊ खेत, सूखे इलाके और तेजी से विकसित हो रही हाईवे बस्तियां शामिल हैं. यहां धान, गन्ना और दलहन की खेती होती है, जो बारिश और टैंक सिंचाई पर निर्भर है. राष्ट्रीय राजमार्ग से संपर्क अच्छा है, लेकिन गांवों की अंदरूनी सड़कें, जल निकासी और बुनियादी सुविधाएं कमजोर हैं. बढ़ता ट्रैफिक सड़क हादसों की बड़ी वजह बन रहा है. इस क्षेत्र में मंडगपट्टु का प्रसिद्ध शैल-काट मंदिर भी स्थित है.
यहां की प्रमुख समस्याओं में ट्रैफिक जाम और हादसे, सर्विस रोड की कमी, जल निकासी की समस्या, सिंचाई की कमी, खराब ग्रामीण सड़कें, गर्मियों में पानी की किल्लत, सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं और बिना नियंत्रण के बढ़ता रियल एस्टेट शामिल हैं. मतदाताओं की अपेक्षाएं अलग-अलग हैं, किसान बेहतर सिंचाई चाहते हैं, व्यापारी ट्रैफिक और सुरक्षा पर जोर देते हैं, नई बस्तियों के लोगों का पानी और नगर सुविधाओं का डिमांड है, युवा रोजगार और कौशल विकास चाहते हैं, महिलाएं स्वास्थ्य, पानी और सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं, जबकि बुज़ुर्ग पेंशन और परिवहन सुविधाओं को महत्व देते हैं. कुल मिलाकर, अब मतदाता अपने प्रतिनिधि को विकास को सही तरीके से संभालने, व्यवस्था बनाए रखने और काम दिखाने की क्षमता के आधार पर परख रहे हैं.