असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए इटावा की तीनों सीटों पर ई-रिक्शा के माध्यम से पोस्टर-बैनर लगाकर अपना आधिकारिक चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने '2027 में पूरा गेम बदल देंगे इंशाअल्लाह' के नारों के साथ जमीन पर कैंपेनिंग तेज की. इस दौरान ई-रिक्शा चालक मोहम्मद असलम और पार्टी के जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन ने समाजवादी पार्टी के लोगों पर प्रचार रोकने तथा झंडे-बैनर उतारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं, सपा के जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
शिवपाल यादव के गढ़ जसवंतनगर में भी उतरेगा प्रत्याशी
इटावा हमेशा से समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है. वर्तमान में यहां तीन विधानसभा सीटें हैं, जिनमें इटावा सदर से भाजपा, जबकि भरथना और जसवंतनगर से सपा के विधायक हैं. जसवंतनगर सीट से खुद शिवपाल सिंह यादव विधायक हैं.
एआईएमआईएम के जिला अध्यक्ष शमशाद हुसैन ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इटावा सदर, भरथना और शिवपाल सिंह यादव की जसवंतनगर सीट समेत तीनों विधानसभाओं में अपने मजबूत प्रत्याशी उतारेगी और इसके लिए आवेदन आने भी शुरू हो गए हैं.
सपा के गुंडों पर लगा कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप
चुनाव प्रचार की शुरुआत होते ही यहां विवाद भी खड़ा हो गया है. ई-रिक्शा पर पोस्टर लगाकर प्रचार कर रहे मोहम्मद असलम का आरोप है कि सपा के कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर प्रचार न करने की हिदायत दी और ई-रिक्शा से बैनर हटाने के लिए धमकाया. जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को लगातार डराया जा रहा है, जिसकी लिखित शिकायत वे जल्द ही जिला प्रशासन से करने जा रहे हैं.
सपा जिलाध्यक्ष ने आरोपों को नकारा, बोले- जनता तय करेगी गेम
जब एआईएमआईएम द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि सपा की तरफ से किसी को कोई धमकी नहीं दी गई है. उन्होंने साफ किया कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ने और प्रचार करने का पूरा अधिकार है. 2027 के इस सियासी रण में किसका गेम बिगड़ेगा और कौन जीतेगा, यह पूरी तरह से यहाँ की जनता तय करेगी.
अमित तिवारी