क्या है SWAYAM MOOCs? UGC के नए निर्देश से छात्रों की पढ़ाई और डिग्री पर क्या पड़ेगा असर

ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना के लिए UGC ने बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जुलाई 2026 सेमेस्टर से SWAYAM MOOCs को अकादमिक पाठ्यक्रम में शामिल करने, छात्रों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने और क्रेडिट ट्रांसफर की व्यवस्था लागू करने को कहा है. लेकिन इससे पहले जान लेते हैं कि आखिर क्या है इसका मतलब? इससे छात्रों को कोई फायदा मिलेगा या नहीं.

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UGC  ने छात्रों की पढ़ाई के लिए दिए निर्देश. UGC ने छात्रों की पढ़ाई के लिए दिए निर्देश.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:24 PM IST

उच्च शिक्षा में ऑनलाइन लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जुलाई 2026 सेमेस्टर में SWAYAM MOOCs को अकादमिक पाठ्यक्रम से जोड़ने को कहा है. इसके तहत संस्थानों को ऐसे ऑनलाइन कोर्स चुनने होंगे, जो उनके मौजूदा सिलेबस के अनुरूप हों. साथ ही छात्रों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने और क्रेडिट ट्रांसफर की व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं. अब सवाल है कि आखिर SWAYAM MOOCs क्या हैं और इससे छात्रों को क्या फायदा होगा?

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SWAYAM क्या है?

SWAYAM (स्टडी वेब ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय का ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म है. यहां विश्वविद्यालय, कॉलेज और स्किल एजुकेशन से जुड़े हजारों कोर्स उपलब्ध हैं. इन कोर्सों को UGC, AICTE, NPTEL, CEC, IGNOU, IIM बेंगलुरु और अन्य राष्ट्रीय समन्वयक संस्थाएं तैयार करती हैं.

MOOCs का मतलब क्या है?

वहीं, MOOCs (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स ) ऐसे ऑनलाइन कोर्स होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र कहीं से भी दाखिला लेकर पढ़ाई कर सकते हैं. इनमें वीडियो लेक्चर, ई-स्टडी मैटेरियल, क्विज, असाइनमेंट और चर्चा मंच जैसी सुविधाएं मिलती हैं. कई कोर्स मुफ्त पढ़े जा सकते हैं, जबकि प्रमाणपत्र के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ सकता है.

UGC का नया निर्देश क्या कहता है?

UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों से कहा है कि वे जुलाई 2026 सेमेस्टर के लिए अपने पाठ्यक्रम के अनुरूप SWAYAM कोर्सों की पहचान करें और उन्हें अकादमिक रूप से शामिल करें. संस्थानों को छात्रों के लिए क्रेडिट ट्रांसफर की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी. आयोग ने यह भी कहा है कि जिन संस्थानों को अनुमति मिली हुई है, वे SWAYAM कोर्स की एंड-टर्म परीक्षा अपने परिसर में भी आयोजित करा सकते हैं. इससे छात्रों को परीक्षा केंद्र तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी.

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छात्रों को क्या मिलेगा फायदा?

अपनी यूनिवर्सिटी के साथ देश के शीर्ष संस्थानों के कोर्स पढ़ने का अवसर मिलेगा.

नई स्किल सीखकर रोजगार क्षमता बढ़ाई जा सकेगी.

क्रेडिट ट्रांसफर के कारण पढ़ाई में अधिक लचीलापन मिलेगा.

कई संस्थानों में परीक्षा अपने ही कैंपस में देने की सुविधा मिल सकती है.

अलग-अलग विषयों के इंटरडिसिप्लिनरी कोर्स करने का विकल्प मिलेगा.

क्या प्लेसमेंट पर भी असर पड़ेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डिग्री के बजाय अतिरिक्त स्किल्स की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रोग्रामिंग, मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन जैसे SWAYAM कोर्स छात्रों की प्रोफाइल को मजबूत बना सकते हैं. हालांकि, प्लेसमेंट का फैसला केवल इन कोर्सों पर नहीं, बल्कि छात्र की  योग्यता, प्रदर्शन और संस्थान की नीतियों पर निर्भर करेगा.

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