'केवल पटना और गोधरा केंद्रों में हुई गड़बड़ी', सुप्रीम कोर्ट में NTA का हलफनामा, NEET-UG परीक्षा रद्द करने का किया विरोध

एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर पूरी NEET-UG परीक्षा रद्द करने का विरोध किया है. एनटीए ने हलफनामे में कहा है कि कथित गड़बड़ी केवल पटना और गोधरा केंद्रों में हुई थी और व्यक्तिगत उदाहरणों के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द नहीं की जानी चाहिए.

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NTA ने NEET (UG) 2024 रद्द करने का विरोध किया है NTA ने NEET (UG) 2024 रद्द करने का विरोध किया है

कनु सारदा

  • नई दिल्ली,
  • 05 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 7:42 PM IST

NTA ने NEET-UG परीक्षा रद्द करने का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है. इसमें एनटीए ने कहा है कि कथित गड़बड़ी केवल पटना और गोधरा केंद्रों में हुई थी और व्यक्तिगत उदाहरणों के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द नहीं की जानी चाहिए. यह कहना गलत है कि उच्च अंक लाने वाले छात्र केवल कुछ केंद्रों से हैं. एनटीए ने अपने हलफनामे में खुलासा किया है कि उसने गड़बड़ी में शामिल छात्रों के रिजल्ट रोक दिए हैं और उन्हें दंडात्मक कार्रवाई और निष्कासन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं. 

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एनटीए का कहना है कि अनुचित साधनों और पेपर लीक के व्यक्तिगत उदाहरणों से पूरी परीक्षा खराब नहीं हुई है. NEET (UG) 2024 जैसी हाई-स्टेक परीक्षा में शामिल संवेदनशीलता को देखते हुए यह प्रस्तुत किया गया है कि यदि ऐसी कार्रवाई करने के लिए कोई ठोस कारण न होने के बावजूद पूरी परीक्षा प्रक्रिया रद्द कर दी जाती है तो यह लाखों छात्रों के शैक्षणिक करियर से जुड़े बड़े सार्वजनिक हित के लिए ज्यादा हानिकारक होगा. 

एनटीए का कहना है कि परीक्षा केंद्रों को उनकी उपयुक्तता के आकलन के बाद किया जाता है, जिसमें लॉजिस्ट‍िकल और ढांचागत सुविधाओं पर विचार किया जाता है. साथ ही सुरक्षा उपायों, प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में संस्थान के अनुभव, परीक्षा को संभालने के लिए अनुभवी और योग्य कर्मियों, पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए पहुंच (रैंप का प्रावधान) और सुरक्षा उपाय आदि जैसे कारकों को भी ध्यान में रखा जाता है. एनटीए का कहना है कि प्रश्न पत्रों की तैयारी की प्रक्रिया योग्य विषय विशेषज्ञों के माध्यम से की जाती है, जिन्हें एनटीए के परिसर में ही सुरक्षित स्थान प्रदान किया जाता है. यह बताना उचित है कि विशेषज्ञ स्वयं ये नहीं जानते कि उनके प्रश्न किसी विशेष परीक्षा के प्रश्न पत्र में शामिल किए जाएंगे.

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NEET पेपर लीक मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

NEET पेपर लीक केस, परीक्षा रद्द की मांग और अनियमितताओं आदि याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की गुजारिश के बाद सुप्रीम कोर्ट नीट मामले की सभी याचिकाओं एक साथ जोड़कर आगे की राह तय करेगी. देश के लाखों नीट एस्पिरेंट्स, पेरेंट्स और कोचिंग टीचर्स की नजरें इस सुनवाई पर हैं. सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की अगुआई वाली पीठ में सीजेआई के साथ जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्र हैं. 

26 याचिकाओं पर होगी सुनवाई

कार्यसूची के मुताबिक नीट मामले पर 26 याचिकाएं हैं. हालांकि इन याचिकाओं में कुछ पूरक यानी सप्लीमेंट्री याचिकाएं भी हैं. नियमित कॉज लिस्ट के मुताबिक अब तक कुल 26 याचिकाओं में 21 याचिकाएं एनटीए और भारत सरकार प्रतिपक्ष हैं. जबकि 5 ट्रांसफर याचिकाएं हैं. हालांकि सात जुलाई को आने वाली पूरक सूची में कुछ और याचिकाएं बढ़ सकती हैं. कॉज लिस्ट में पहली याचिका वंशिका यादव की है. इनमें पांच मई को हुई 24 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों की परीक्षा में बरती गई अनियमितताओं का आरोप के साथ इसे नए सिरे से कराए जाने का अनुरोध करने वाली याचिकाएं भी शामिल हैं. 

पेपर लीक, परीक्षा रद्द के अलावा काउंसलिंग पर भी होगी बहस

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सुप्रीम कोर्ट में करीब पौने दो महीने के ग्रीष्मावकाश के बाद 8 जुलाई से फिर सामान्य कामकाज शुरू होगा. इस अवधि में नीट यूजी परिणाम 2024 के खिलाफ कई छात्रों, कोचिंग संस्थानों ने खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं. इन याचिकाओं में कुछ में याचिकाकर्ताओं ने पेपर लीक का आरोप लगाया है तो कुछ ने पूरी परीक्षा रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की गुहार लगाई है. कुछ ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के संचालन की जांच करने की मांग की है. इसके अलावा भी बहुत कुछ है. कोर्ट में एक तरफ नीट यूजी मामले पर विस्तृत सुनवाई होनी है तो वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG काउंसलिंग पर रोक लगाने से भी इनकार किया हुआ है. नीट यूजी काउंसलिंग 6 जुलाई से शुरू हो सकती है. इसके बावजूद 8 जुलाई को काउंसलिंग को लेकर भी बहस हो सकती है.

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