किसी को नहीं पता कहां छिपाकर रखे हैं NEET पेपर, सेना कर रही रक्षा... MP में अभेद्य किला तैयार!

नीट री-एग्जाम के गोपनीय प्रश्न-पत्रों को किसी सामान्य कूरियर या सरकारी गाड़ी के बजाय भारतीय वायुसेना (IAF) के विशेष विमानों के जरिए मध्य प्रदेश लाया जा रहा है. गोपनीयता का चरम स्तर ये है कि स्थानीय प्रशासन ने इन प्रश्न-पत्रों को किस जगह (स्ट्रांग रूम) पर सुरक्षित रखा है, इसकी जानकारी पूरी तरह से टॉप-सीक्रेट रखी गई है. इस स्थान की भनक किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं है.

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रवीश पाल सिंह

  • भोपाल ,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST

21 जून को होने वाली नीट-यूजी (NEET-UG) री-परीक्षा को लेकर इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और प्रशासन कोई ढील देने के मूड में नहीं है. देश के अन्य हिस्सों की तरह मध्य प्रदेश में भी परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जो अमूमन किसी देश की सीमा पर या बेहद संवेदनशील सैन्य ऑपरेशन्स के दौरान देखे जाते हैं.

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मध्य प्रदेश के 30 जिलों में बनाए गए 283 परीक्षा केंद्रों को एक तरह से अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. इस बार सिर्फ जमीनी पुलिस नहीं, बल्कि आसमान से लेकर इंटरनेट के पाताल तक परीक्षा को 'लीक-प्रूफ' बनाने की तैयारी है.

आसमान से आए पेपर, CRPF के पास है 'स्ट्रांग रूम' की चाबी

इस बार सबसे बड़ा बदलाव प्रश्न-पत्रों (Question Papers) की सुरक्षा और उनके ट्रांसपोर्टेशन को लेकर किया गया है. नीट री-एग्जाम के गोपनीय प्रश्न-पत्रों को किसी सामान्य कूरियर या सरकारी गाड़ी के बजाय भारतीय वायुसेना (IAF) के विशेष विमानों के जरिए मध्य प्रदेश लाया जा रहा है.

स्थानीय प्रशासन ने इन प्रश्न-पत्रों को किस जगह (स्ट्रांग रूम) पर सुरक्षित रखा है, इसकी जानकारी पूरी तरह से टॉप-सीक्रेट रखी गई है. इस स्थान की भनक किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं है. इन स्ट्रॉन्ग रूम्स की सुरक्षा और वहां से परीक्षा केंद्रों तक पेपर को सुरक्षित पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को सौंपी गई है. सीआरपीएफ के जवान कड़े सुरक्षा घेरे में पेपर्स को परीक्षा केंद्रों तक डिलीवर करेंगे.

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'साइबर कमांडो' तैनात
राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां कुल 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 13,724 अभ्यर्थी री-नीट की परीक्षा में शामिल होंगे. भोपाल के इन सभी केंद्रों पर NTA की तरफ से हाई-टेक उपकरण पहुंचने शुरू हो गए हैं. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, मेटल डिटेक्टर, जैमर्स और आधिकारिक घड़ियां इंस्टॉल की जा रही हैं. इसके साथ ही सेंटर्स के बाहर कैनोपी (शेड) की व्यवस्था भी की गई है.

सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर पेपर लीक की अफवाहों या किसी भी संदिग्ध गतिविधि से निपटने के लिए पुलिस की साइबर सेल पूरी तरह मुस्तैद है. इसके लिए विशेष रूप से 'साइबर कमांडो' तैयार किए गए हैं, जो इंटरनेट के कोने-कोने पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रहे हैं. इससे साफ है कि NTA और मध्य प्रदेश प्रशासन इस बार परीक्षा को 'फुलप्रूफ' और निष्पक्ष बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक चुका है. अब सारी नजरें 21 जून को होने वाले इस महा-इम्तिहान पर टिकी हैं.

(एक जरूरी अपील: अगर आप या आपके आस-पास कोई भी छात्र इस समय परीक्षा के तनाव या अनिश्चितता से जूझ रहा है, तो कृपया उसे अकेला न महसूस कराएं. जिंदगी किसी भी परीक्षा, किसी भी सरकारी पद से हजार गुना अनमोल है. खुदकुशी का ख्याल आना बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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