NEET Re-Exam: नीट पेपर लीक रोकने के लिए आसमान से पहरा! वायुसेना ने 4 दिन में भरीं 200 से ज्यादा उड़ानें

नीट री-एग्जाम के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने का यह बेहद गोपनीय और बड़ा सुरक्षा मिशन 13 जून से शुरू हुआ था, जिसके बुधवार (17 जून) तक पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी.  इसमें वायुसेना के परिवहन विमानों और हेलिकॉप्टरों का उपयोग करके दो मुख्य वितरण केंद्रों से परीक्षा के प्रश्नपत्रों को कलेक्ट किया गया.

Advertisement
NEET Re-Exam: लीक-प्रूफ परीक्षा के लिए 'मिशन मोड' में वायुसेना (Photo: PTI) NEET Re-Exam: लीक-प्रूफ परीक्षा के लिए 'मिशन मोड' में वायुसेना (Photo: PTI)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) की री-एग्जामिनेशन को पूरी तरह फुलप्रूफ और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और देश भर के केंद्रों तक उनकी सुरक्षित डिलीवरी का जिम्मा भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपा गया है.  

Advertisement

ANI के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने पिछले चार दिनों के भीतर देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक नीट-यूजी के प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए 200 से अधिक सॉर्टिस (sorties यानी उड़ानें) भरी हैं. 

13 जून से चल रहा है महा-अभियान 
नीट री-एग्जाम के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने का यह बेहद गोपनीय और बड़ा सुरक्षा मिशन 13 जून से शुरू हुआ था, जिसके बुधवार (17 जून) तक पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी.  इसमें वायुसेना के परिवहन विमानों (Transport Aircraft) और हेलिकॉप्टरों का उपयोग करके दो मुख्य वितरण केंद्रों से परीक्षा के प्रश्नपत्रों को कलेक्ट किया गया. इन हब्स से कलेक्ट करने के बाद पेपरों को देश भर की 20 से अधिक चुनिंदा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लोकेशंस पर सुरक्षित डिलीवर किया गया है. 

सुरक्षा कारणों से अधिकारियों ने ऑपरेशन के सटीक रूट और विवरणों का खुलासा नहीं किया है.  हाल के वर्षों में किसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा को आयोजित कराने के लिए किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक सुरक्षा अभ्यास है. NTA के एक अधिकारी ने बताया कि वायुसेना के संसाधनों का उपयोग डिलीवरी की रफ्तार बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए किया गया है. 

Advertisement

जमीन से आसमान तक कड़ा पहरा: दिल्ली से मदुरै तक का रूट
इस बेहद कड़े फिजिकल सुरक्षा चक्र को समझने के लिए तमिलनाडु के तिरुनेलवेली का उदाहरण सामने आया है:  योजना के तहत प्रश्नपत्रों को पहले विमान के जरिए दिल्ली से मदुरै ले जाया गया.  इसके बाद मदुरै से इन पेपरों को सख्त सुरक्षा निगरानी के बीच भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर के जरिए तिरुनेलवेली के आर्म्ड रिजर्व ग्राउंड भेजा जा रहा है.  

इस ऑपरेशन को त्रुटिहीन बनाने के लिए बकायदा एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई, जिसके तहत सेना के हेलिकॉप्टर ने तिरुनेलवेली ग्राउंड पर सुरक्षित लैंडिंग का सफल ट्रायल किया.  

डिजिटल चक्रव्यूह: 22 जून तक टेलीग्राम पर आंशिक पाबंदी
फिजिकल सुरक्षा के साथ-साथ NTA ने डिजिटल मोर्चे पर भी कड़ी घेराबंदी की है.  परीक्षा के दौरान और उसके तुरंत बाद सोशल मीडिया पर पेपर लीक के फर्जी दावों और भ्रामक कंटेंट को फैलने से रोकने के लिए भारत में टेलीग्राम (Telegram) की पहुंच को 22 जून तक के लिए सीमित/प्रतिबंधित कर दिया गया है.  

इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे दावे तैर रहे हैं कि 21 जून का री-एग्जाम पेपर भी लीक हो चुका है. हालांकि, NTA ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि इन वायरल दावों का कोई आधार या सबूत नहीं है और री-टेस्ट से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है.  

Advertisement

क्यों पड़ी इस कदम की जरूरत? 

गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई मूल नीट-यूजी परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिसके बाद जांच में पेपर कंप्रोमाइज होने की बात साबित हुई थी. इसके बाद 12 मई को NTA ने उस परीक्षा को रद्द कर दिया था. 3 मई की परीक्षा में देश के 551 शहरों में लगभग 22.7 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे. यह लगातार दूसरा साल था जब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा विवादों में घिरी. इसके बाद मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई और अब 21 जून को 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है.  

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »