भारत में लाखों छात्रों का सपना होता है कि वे AIIMS में दाखिला लें या UPSC पास कर IAS बनें और देश की सेवा करें. लेकिन कई बार उनके लिए ये केवल एक सपना ही रह जाता है. हालांकि, इन दोनों में से किसी एक लक्ष्य को हासिल करने के लिए भी छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. लेकिन रोमन सैनी ने 23 साल की उम्र से पहले ही दोनों उपलब्धियां हासिल कर लीं. उनकी ये सफलता लाखों छात्रों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है. वह यहीं पर नहीं थमा. उन्होंने IAS की नौकरी करने के बजाय एक अलग रास्ता चुना. उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर शिक्षा के क्षेत्र में एक स्टार्टअप शुरू किया. यही स्टार्टअप आगे चलकर Unacademy के नाम से भारत की सबसे बड़ी एडटेक (ऑनलाइन शिक्षा) कंपनियों में से एक बन गया.
सोशल मीडिया एक्स पर शेयर की जर्नी
हाल ही में एक सोशल मीडिया एक्स यूजर ने सैनी की इस जर्नी को शेयर किया है. उन्होंने पोस्ट में दावा किया है कि
कौन हैं रोमन सैनी ?
बता दें कि राजस्थान के जयपुर में एक मिडिल क्लास परिवार में जन्मे रोमन सैनी बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार थे. साल 2008 में उन्होंने महज 16 साल की उम्र में AIIMS की प्रवेश परीक्षा पास कर सभी को चौंका दिया. उस समय AIIMS में दाखिले के लिए अलग प्रवेश परीक्षा होती थी. बाद में, साल 2020 से इसे NEET-UG परीक्षा में शामिल कर दिया गया.
AIIMS की परीक्षा पास करने के बाद रोमन ने नई दिल्ली से MBBS की पढ़ाई की. उन्होंने 21 साल की उम्र तक अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर ली और इसके बाद वहीं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में काम भी किया. हालांकि, बतौर डॉक्टर उनका करियर अच्छी शुरुआत कर चुका था, लेकिन उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया.
UPSC पास करना बनाया लक्ष्य
इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी, जिसे देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है. 22 साल की उम्र में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली और ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल की. उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2014 बैच में प्रवेश लिया और उन्हें मध्य प्रदेश कैडर आवंटित किया गया.
Unacademy की स्थापना
वह यहीं पर नहीं रुके. साल 2015 में उन्होंने इंजीनियर से यूट्यूबर बने गौरव मुंजल और हेमेश सिंह के साथ मिलकर Unacademy की सह-स्थापना की. उनकी सोच बिल्कुल सीधी थी. रोमन सैनी का मकसद था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को अच्छी शिक्षा कम खर्च में या मुफ्त में मिल सके. वह चाहते थे कि छात्रों को महंगी कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च न करने पड़ें. इसी सोच के साथ उन्होंने एक यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहां मुफ्त में पढ़ाई से जुड़े वीडियो उपलब्ध कराए जाते थे. धीरे-धीरे यह चैनल लोकप्रिय हो गया और आगे चलकर Unacademy एक बड़े ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म में बदल गया. आज इस प्लेटफॉर्म पर UPSC, IIT-JEE, NEET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं की लाइव क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, मॉक टेस्ट और स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जाता है.
स्टार्टअप से यूनिकॉर्न तक
धीरे-धीरे Unacademy भारत की सबसे बड़ी ऑनलाइन शिक्षा (EdTech) कंपनियों में से एक बन गई. ऑनलाइन पढ़ाई का चलन बढ़ने के साथ कंपनी को बड़े निवेश मिले. एक समय ऐसा भी आया जब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Unacademy की वैल्यू करीब 28,700 करोड़ रुपये (लगभग 3.44 अरब डॉलर) तक पहुंच गई. हालांकि, तब से कंपनी के वैल्यूएशन में गिरावट दर्ज की गई है. रिपोर्ट बताते हैं कि 2026 के मध्य तक कंपनी की वैल्यू करीब 2,055 करोड़ रुपये है और यह इस समय upGrad द्वारा अधिग्रहण की प्रक्रिया में है.
आजतक एजुकेशन डेस्क