DUSU Election 2026 Live: दिल्ली विश्वविद्यालय में आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा छात्र पर्व मनाया जा रहा है. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के लिए मतदान 'शुरू हो चुका है. इस साल करीब 1.4 लाख से अधिक छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. सुबह 8:30 बजे से मॉर्निंग कॉलेजों में मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, जो दोपहर 1:00 बजे तक चलेगी. वहीं, इवनिंग कॉलेजों के छात्र दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक वोट डाल सकेंगे.
छात्रसंघ के चार प्रमुख पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए ABVP, NSUI और AISA-SFI गठबंधन आमने-सामने हैं. एबीवीपी (ABVP) की ओर से अध्यक्ष पद पर यश डबास मैदान में हैं, जबकि एनएसयूआई (NSUI) ने विजय शंकर मीणा पर दांव लगाया है. वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से भी मजबूत दावेदारी पेश की जा रही है.
कैंपस में शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और बिना वैलिड आईडी कार्ड के किसी भी छात्र को कॉलेज परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है.
हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा हिंसा और लिंगदोह समिति के नियमों के उल्लंघन पर जताई गई सख्त टिप्पणी के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. इस चुनाव में मुख्य रूप से हॉस्टल सुविधा, सस्ती शिक्षा, कैंपस सुरक्षा और मेट्रो पास जैसे मुद्दे छाए हुए हैं. वोटों की गिनती 19 सितंबर को होगी, जिसके बाद तय होगा कि नॉर्थ कैंपस का सुल्तान कौन बनेगा.
एबीवीपी प्रवक्ता अभिनव मिश्रा ने पैनल की गलत पर्ची शेयर करते हुए आरोप लगाया कि एनएसयूआई गलत ढंग से प्रचार कर रही है. उन्होंने नीचे दी गई फोटो साझा करते हुए बताया कि एनएसयूआई कार्यकर्ता यह गलत पर्ची बांटते हुए पकड़ा गया है, जिसमें ऊपर Vote for ABVP लिखा है और अध्यक्ष और सह सचिव में विजय शंकर मीणा और सह सचिव पद पर विशेष यादव लिखा है. यह बेहद शर्मनाक है और उसे पुलिस को सौंप दिया गया है, इसपर कार्रवाई की मांग करते है.
कन्हैया कुमार ने इस बार डूसू- 6,4,1,2 पर वोट देने की अपील की है. उन्होंने एनएसयूआई के मुद्दों को याद दिलाते हुए पैनल के लिए समर्थन मांगा.
एबीवीपी ने एक्स पर लिखा कि NSUI का कार्यकर्ता देवेन्द्र दानु (CLC विद्यार्थी) वोटिंग से ठीक पहले ABVP का गलत पैनल नंबर बांटते हुए पकड़ा गया. अभाविप कार्यकर्ताओं ने उसे पुलिस के हवाले किया. छात्रों के वोट को भ्रमित करने की ऐसी घटिया चालें चलने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
इस बार डूसू चुनाव में मुख्य रूप से आरएसएस समर्थित एबीवीपी (ABVP), कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई (NSUI) और आइसा-एसएफआई (AISA-SFI) के वामपंथी गठबंधन के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. पिछले चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष पद समेत केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर कब्जा जमाया था, जबकि एनएसयूआई को केवल उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल हुई थी.
विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए छात्र मार्ग, प्रोबाइन रोड और यूनिवर्सिटी रोड जैसे प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. यह ट्रैफिक व्यवस्था शनिवार को चुनावी नतीजे घोषित होने तक लागू रहेगी. इसके अलावा, पुलिस टीमें कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर प्रवेश और निकास द्वारों पर छात्रों की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रही हैं.
छात्रसंघ के चार केंद्रीय पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए मतदान दो अलग-अलग पारियों में कराया जा रहा है. डे कॉलेजों (मॉर्निंग शिफ्ट) में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक वोट डाले जा रहे हैं. वहीं इवनिंग कॉलेजों के छात्र दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. मतदान केंद्रों पर भीड़ और अनावश्यक जमावड़े को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा लगाई गई है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. नॉर्थ और साउथ दोनों परिसरों में शांतिपूर्ण मतदान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,000 से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है. संवेदनशीलता को देखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है, जबकि बाइक सवार टीमें, फुट गश्त और पीसीआर वैन लगातार परिसरों में मुस्तैद हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव के दौरान हुई हिंसा और दीवारों को गंदा करने की घटनाओं पर नाराजगी जताई थी और चुनाव परिणाम पर रोक लगाने की चेतावनी दी थी. इसके बाद से डीयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं. मतदान केंद्रों के बाहर किसी तरह की झड़प या हिंसा को रोकने के लिए पूरी तैयारी साफ नजर आ रही है. तस्वीर में देखिए मतदान केंद्र के बाहर रखे बैरीकेड बता रहे हैं कि दिल्ली पुलिस कैसे हर परिस्थिति से निपटने को तैयार है.
चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए नॉर्थ और साउथ दोनों परिसरों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि किसी भी बाहरी व्यक्ति या उपद्रवी को कैंपस में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है. संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और सीसीटीवी कैमरों से पूरी मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU Election ) आज किराया जा रहा है जिसको लेकर व्यापक तैयारियां की गई है वहीं इस दौरान किसी प्रकार के हुड़दंग हंगामा को रोकने को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती कॉलेज (मतदान केंद्र ) पर की गई है.
जो तस्वीर आप देख रहे हैं. यह तस्वीर दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज की तस्वीरें हैं जहां आप देखेंगे दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव हो रहा है जिसको लेकर यहां व्यापक तैयारियां की गई है और यहां पर मॉर्निंग कॉलेज में सुबह 8:30 बजे से मतदान हो रहा है. वही इवनिंग कॉलेज में शाम 3:00 से मतदान होगा. चुनाव को लेकर यहां पर तमाम इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ ही अर्ध सैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है. वही चुनाव से पहले बैनर पोस्टर साफ करते सफाई कर्मी दिखे.
विश्वविद्यालय चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं छात्रों को मतदान केंद्र में प्रवेश मिलेगा, जिनके पास कॉलेज का वैध पहचान पत्र (ID Card) होगा. प्रथम वर्ष के छात्र, जिन्हें अभी तक पक्का आईडी कार्ड नहीं मिला है, वे अपनी फीस स्लिप और आधार कार्ड दिखाकर मतदान कर सकते हैं. सुरक्षा बल बिना पहचान पत्र के किसी को भी एंट्री नहीं दे रहे हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय के मॉर्निंग कॉलेजों में सुबह 8:30 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. हंसराज, हिंदू, रामजस और मिरांडा हाउस जैसे प्रमुख कॉलेजों के बाहर सुबह से ही छात्रों की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं. नए मतदाताओं में विशेष उत्साह है. वोटिंग दोपहर 1:00 बजे तक जारी रहेगी. प्रशासन ने प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और पुलिस बल तैनात किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.