अब CUET एग्जाम में भी 'गड़बड़'! एनटीए ने मांगी माफी, दोबारा होगी प्रभावित छात्रों की परीक्षा

NEET विवाद के बीच अब CUET UG 2026 परीक्षा भी तकनीकी खामियों की शिकार हो गई है. 30 मई को सेंट्रल सर्वर फेल होने के कारण कई केंद्रों पर परीक्षा घंटों की देरी से शुरू हुई, जिससे छात्रों को भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ा. तकनीकी वेंडर TCS iON ने इस गड़बड़ी पर सार्वजनिक माफी मांगी है. NTA ने घोषणा की है कि परीक्षा बीच में छोड़ने वाले 3,765 प्रभावित छात्रों के लिए जल्द ही नई तारीखें जारी की जाएंगी.

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एनटीए के अलावा TCS iON ने भी मांगी सार्वजनिक माफी, जारी होंगी नई तारीखें एनटीए के अलावा TCS iON ने भी मांगी सार्वजनिक माफी, जारी होंगी नई तारीखें

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:43 PM IST

देश की परीक्षा प्रणाली में मानो कमियों का 'ग्रहण' लग चुका है. अभी नीट (NEET) की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब देश की दूसरी सबसे बड़ी परीक्षा सीयूईटी-यूजी (CUET-UG 2026) भी तकनीकी खामियों और कुप्रबंधन का शिकार हो गई है. 30 मई को आयोजित हुई सीयूईटी परीक्षा के दौरान देश भर के कई केंद्रों पर तकनीकी खराबी (Technical Glitches) के कारण भारी अफरा-तफरी मच गई.

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इस भारी विवाद के बाद नेशनल टेस्ट‍िंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि तकनीकी गड़बड़ियों से प्रभावित हुए उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की नई तारीखें जल्द ही जारी की जाएंगी.

दूसरी शिफ्ट में सबसे ज्यादा बवाल, घंटों इंतजार करते रहे छात्र
शनिवार, 30 मई को हुए इस डिजिटल विफलता ने हजारों छात्रों को मानसिक तनाव में झोंक दिया. इसमें सेंट्रल सिस्टम कंपोनेंट्स में आई खराबी के कारण परीक्षा केंद्रों पर टेस्ट समय से शुरू नहीं हो सका. इसका सबसे ज्यादा असर सेकेंड शिफ्ट के छात्रों पर पड़ा, जिन्हें परीक्षा शुरू होने के तय समय के बाद भी घंटों तक सेंटर्स के बाहर और भीतर बेबसी में इंतजार करना पड़ा.

NTA की सफाई  
एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपडेट जारी कर माना कि पहली शिफ्ट की शुरुआत में भी कुछ सेंटर्स पर तकनीकी दिक्कतें आई थीं. एनटीए ने कहा कि हम जानते हैं कि यह स्थिति छात्रों के लिए बेहद तनावपूर्ण थी और इसके कारण हुई मानसिक परेशानी के लिए हम माफी मांगते हैं.

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TCS iON ने भी मांगी सार्वजनिक माफी
सीयूईटी परीक्षा के लिए तकनीकी सेवाएं दे रही देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS iON) ने भी इस महा-ग्लिच पर सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती स्वीकार की है. टीसीएस आईओएन ने 'X' पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनके प्लेटफॉर्म पर एक 'सेंट्रल सिस्टम कंपोनेंट' में तकनीकी खराबी आने की वजह से कुछ लोकेशंस पर परीक्षा समय से शुरू नहीं हो सकी.

कंपनी के मुताबिक, उनकी टेक्निकल टीमों ने परीक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर इस समस्या को बैकएंड पर सुलझाया और सिस्टम को दोबारा री-स्टोर किया. कंपनी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को हुई इस भारी असुविधा के लिए खेद प्रकट करते हुए माफी मांगी है.

अब 3,765 छात्रों को मिलेगा 'वन-टाइम' चांस, मिलेगा एक्स्ट्रा टाइम
एनटीए ने इस तकनीकी विफलता के बाद प्रभावित छात्रों के लिए कुछ बड़े ऐलान किए हैं. एनटीए के मुताबिक, सिस्टम री-स्टोर होने के बाद लगभग 95% छात्रों ने किसी तरह परीक्षा पूरी कर ली थी. लेकिन 3,765 छात्र ऐसे थे, जिन्होंने बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन तो करा लिया था, पर परीक्षा दोबारा शुरू होने के इंतजार में थककर या परेशान होकर सेंटर से बाहर चले गए. अब एजेंसी इन 3,765 छात्रों के लिए विशेष तौर पर 'वन-टाइम मेजर' के तहत दोबारा परीक्षा (री-शेड्यूल) आयोजित करेगी.

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मिलेगा कंपंसेटरी टाइम 
एनटीए ने ये भी कहा है कि जिन केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा देरी से शुरू हुई और छात्र वहां डटे रहे, एनटीए ने भरोसा दिलाया है कि उन सभी छात्रों को नुकसान से बचाने के लिए परीक्षा में अतिरिक्त समय (Compensatory Time) दिया गया, ताकि किसी के साथ नाइंसाफी न हो.

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