अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बिहार सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेने का संकेत दिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार अगले साल से स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल करेगी. यह घोषणा पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 कार्यक्रम के दौरान की गई.
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर, विधायक मंगल पांडेय, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
स्वास्थ्य मंत्री ने रखी थी प्रस्ताव की मांग
इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने का अनुरोध किया है. उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन आधे घंटे का योग और ध्यान (मेडिटेशन) सत्र रखा जाए, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिल सके.
निशांत कुमार ने कहा कि योग को पाठ्यक्रम में वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया जा सकता है. छात्रों को इसमें भाग लेने या न लेने की स्वतंत्रता होगी और इसके लिए उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी.
मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान
स्वास्थ्य मंत्री की मांग पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से योग को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की दिशा में काम करेगी. उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना समय की आवश्यकता है.
प्रधानमंत्री मोदी की पहल की सराहना
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पहल के कारण योग को विश्व स्तर पर नई पहचान मिली है. आज दुनिया के अनेक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है और लोग योग को स्वस्थ जीवन का माध्यम मान रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि योग और ध्यान को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने से विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता और मानसिक संतुलन विकसित होगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनके जीवन और पढ़ाई दोनों पर पड़ेगा.
शशि भूषण कुमार