21 जून को होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) से पहले गुजरात के अहमदाबाद से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. परीक्षा से महज तीन दिन पहले, न्यू रानीप इलाके में रहने वाले 18 वर्षीय एक छात्र ने बहुमंजिला इमारत से छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और पीड़ित परिवार सदमे में है.
सुबह-सुबह फ्लैट की गैलरी से लगा दी छलांग
मृतक छात्र की पहचान 18 वर्षीय कहान पटेल के रूप में हुई है. कहान आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था. जानकारी के मुताबिक, आज (गुरुवार) सुबह कहान ने न्यू रानीप इलाके में स्थित 'एरिस्टो आनंदम फ्लैट्स' की ऊंची मंजिल से नीचे छलांग लगा दी. भारी आवाज और चीख-पुकार सुनकर जब तक सोसायटी के लोग और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे, तब तक कहान की मौत हो चुकी थी.
वजह अब तक साफ नहीं
घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही साबरमती पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल एक्सीडेंटल डेथ (Accidental Death) का केस दर्ज कर लिया गया है. छात्र के कमरे की तलाशी ली जा रही है ताकि कोई सुसाइड नोट या सुराग मिल सके.
कहान के दोस्तों, कोचिंग के साथियों और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पिछले कुछ दिनों से किसी मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहा था. हालांकि, सुसाइड की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है.
परीक्षा का दबाव या कुछ और?
21 जून की NEET परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले उठाए गए इस आत्मघाती कदम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की मेंटल हेल्थ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. परीक्षा का बढ़ता दबाव, कट-ऑफ की चिंता और करियर को लेकर अनिश्चितता अक्सर युवा मनों पर भारी पड़ जाती है. हालांकि कहान के मामले में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि यह कदम परीक्षा के तनाव के कारण उठाया गया या इसके पीछे कोई और व्यक्तिगत वजह थी.
क्या यह इस साल की 10वीं मौत है?
नीट (NEET) परीक्षा और इसके इर्द-गिर्द बने मानसिक तनाव के कारण देश में युवाओं की जान जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अहमदाबाद में कहान पटेल की खुदकुशी इस पूरे परीक्षा सीजन (पेपर लीक, कैंसिलेशन और री-टेस्ट) के दौरान देश भर में संभावित 10वीं आत्महत्या है. अकेले कोटा कोचिंग हब में इस साल कई छात्र मौत को गले लगा चुके हैं, जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों से भी लगातार ऐसे खौफनाक मामले सामने आए हैं. बार-बार परीक्षा के टलने, रिजल्ट की अनिश्चितता और कट-ऑफ के भारी दबाव ने छात्र-छात्राओं को गहरे अवसाद में धकेल दिया है. शिक्षा प्रणाली और व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
(एक जरूरी अपील: अगर आप या आपके आस-पास कोई भी छात्र इस समय परीक्षा के तनाव या अनिश्चितता से जूझ रहा है, तो कृपया उसे अकेला न महसूस कराएं. जिंदगी किसी भी परीक्षा, किसी भी सरकारी पद से हजार गुना अनमोल है. खुदकुशी का ख्याल आना बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)
अतुल तिवारी