जब लड़ी गई फर्स्ट वर्ल्ड वॉर की अंतिम लड़ाई, ऐसे खत्म हुआ था महायुद्ध

आज 11 नवंबर है. आज की कहानी प्रथम विश्वयुद्ध से जुड़ी है. आज ही वो दिन है जब ये महायुद्ध थम गया था. आज ही फर्स्ट वर्ल्ड वॉर की अंतिम लड़ाई लड़ी गई थी.

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आज खत्म हुआ था पहला विश्वयुद्ध (Getty) आज खत्म हुआ था पहला विश्वयुद्ध (Getty)

सिद्धार्थ भदौरिया

  • नई दिल्ली,
  • 11 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

आज का दिन ऐसी ऐतिहासिक घटना से जुड़ा है, जिसके बाद आधुनिक युग का एक विध्वंसक दौर थम गया था. यूं तो इतिहास में कई ऐसे युद्ध हुए जिसमें काफी रक्तपात हुआ, लेकिन पहला और दूसरा विश्वयुद्ध आधुनिक विश्व की सबसे विनाशक लड़ाईयां मानी जाती हैं. 11 नवंबर ही वो दिन था जब पहले महायुद्ध की अंतिम लड़ाई हुई थी और विनाश थम गया.  

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आज 11 नवंबर है. आज के दिन ही प्रथम विश्वयुद्ध की आखिरी लड़ाई 11 नवंबर 1918 को जर्मनी और मित्रराष्ट्रों के बीच हुए युद्धविराम के साथ खत्म हुई थी. यह युद्धविराम कोम्पिएग्ने में हुआ था. इस युद्धविराम के ज़रिए पश्चिमी यूरोप में युद्ध खत्म हुआ था. हालांकि, इसका मतलब शांति की वापसी नहीं थी. युद्धविराम की शर्तों ने जर्मनी के लिए युद्ध जारी रखने की संभावना को खत्म कर दिया था.

मोन्स की लड़ाई थी अंतिम युद्ध 
मॉन्स की लड़ाई बेल्जियम के मॉन्स में हुई, जिसमें ब्रिटिश अभियान बल की संख्या लगभग 75,000 थी, जो मॉन्स-कोंडे नहर पर कब्ज़ा करने के प्रयास में लगभग 150,000 जर्मनों से लड़ रहे थे. प्रथम विश्व युद्ध के पहले हफ़्तों में आयोजित चार "फ्रंटियर की लड़ाइयों" में से अंतिम में, ब्रिटिश सेना को पराजित किया गया और पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया, जिससे जर्मनों को रणनीतिक जीत मिली. लगभग 1,600 ब्रिटिश और 5,000 जर्मन हताहत हुए.

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सैनिकों को युद्ध विराम की सूचना मिलने से पहले शुरू हो चुकी थी झड़प
प्रथम विश्व युद्ध के अंतिम दिन, कनाडाई सेना ने मोन्स, बेल्जियम पर कब्जा कर लिया, जो 1914 से जर्मनों के कब्जे में था. सुबह-सुबह की यह आक्रामक कार्रवाई सैनिकों को यह जानने से कई घंटे पहले हुई कि जर्मनी ने सुबह 11 बजे युद्धविराम के लिए सहमति दे दी है. यह एक मित्र सैनिक की अंतिम मौत का प्रतीक भी है, जो गोलीबारी समाप्त होने से कुछ मिनट पहले एक कनाडाई सैनिक को एक स्नाइपर ने गोली मार दी थी.

विध्वंसक था पहला विश्वयुद्ध
1914 से 1918 तक चार वर्षों तक यूरोप के पश्चिमी और पूर्वी मोर्चों पर प्रथम विश्व युद्ध चलता रहा. ऑस्ट्रिया के आर्क ड्यूक फर्डिनेंड की हत्या ने युद्ध को और भड़का दिया था. इसके बाद लड़ाइयों की एक श्रृंखला शुरू हो गई. इसमें  खाई युद्ध, टैंकों, पनडुब्बियों और हवाई जहाजों इस्तेमाल होने  शुरू हो गए. धीरे-धीरे पूरा विश्व दो भागों में बंट गया और कई देश इसमें उलझ गए. इस तरह से यह  पहला विश्व युद्ध बन गया. इस युद्ध की लड़ाइयां बेहद खूनी थीं. इसे महा युद्ध भी कहा जाता है. 

इस युद्ध में 20 मिलियन लोगों की मौतों हुईं थी. लगभग 40 मिलियन सैन्य और नागरिक हताहत हुए. क्रूर परिस्थितियों में लड़ते हुए, प्रथम विश्व युद्ध की लड़ाइयों में जमीन और समुद्र दोनों पर बड़े पैमाने पर नरसंहार हुआ, लेकिन कुछ निर्णायक जीतें मिलीं, कुछ संघर्ष महीनों तक चले.

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प्रमुख घटनाएं 

11 नवंबर 1836 - चिली ने बोलीविया और पेरु के खिलाफ युद्ध की घोषणा की.

11 नवंबर 1905 द प्रिंस ऑफ़ वेल्स ने द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय की नींव रखी थी.

11 नवंबर 1918 - पोलैंड ने खुद को स्वतंत्र देश घोषित किया.

11 नवंबर 1989 - बर्लिन की दीवार गिराने की शुरुआत.

11 नवंबर 1888- अबुलकलाम आज़ाद  का जन्म हुआ था, वे भारत के शिक्षा मंत्री थे. आज नेशनल एजुकेशन डे भी मनाया जाता है. 

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