इंटर्नशिप का नाम लेते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में उन कॉलेज के छात्रों और ग्रेजुएट्स के बारे में ख्याल आता है, जो नए-नए नौकरी में अपना पहला कदम बढ़ाते हैं. लेकिन हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने लोगों को थोड़ा हैरान कर दिया है. बता दें कि 31 साल के जैकी के लिए ये इंटर्नशिप बदलते जॉब मार्केट में आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका बन गया है. बिजनेस इनसाइडर के साथ शेयर की एक स्टोरी में जैकी ने खुलासा किया कि उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी काफी हद तक अपनी सहज प्रवृत्ति के कारण छोड़ी थी. हालांकि, बाद में उनका यह फैसला तब सही साबित हुआ जब उनके जाने के कुछ ही समय बाद उनकी पूर्व कंपनी बंद हो गई, लेकिन जल्द ही उन्हें एक कठिन जॉब मार्केट का सामना करना पड़ा, जिसमें हायरिंग ठप थीं और घोस्ट जॉब्स का चलन बढ़ रहा था.
लंबे समय तक किया नौकरी के लिए संघर्ष
उन्होंने आगे बताया कि कई महीनों तक ट्रेडिशनल तरीके से नौकरी खोजने के बाद भी जैकी को सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने अलग तरीका अपनाया और नौकरी के साथ-साथ इंटर्नशिप के लिए भी आवेदन करना शुरू किया. आखिरकार, उन्हें एक साहित्यिक एजेंसी में बिना सैलरी की इंटर्नशिप मिल गई. अपने खर्चों के लिए उन्होंने इंटर्नशिप के साथ फ्रीलांस असाइनमेंट काम भी किया. जैकी ने बिजनेस इनसाइडर को बताया कि अपने से 11 साल छोटे सहकर्मियों के साथ काम करना शुरू में थोड़ा अजीब लगा. हालांकि, समय के साथ उन्हें उनके खुले स्वभाव, जिज्ञासा और बिना किसी कॉर्पोरेट सोच के काम करने का तरीका पसंद आया. इस अनुभव से उनका काम और करियर को देखने का नजरिया बदल गया.
क्या इंटर्नशिप केवल फ्रेशर्स के लिए होती है?
बात यहीं पर खत्म नहीं होता है. जैकी की यह कहानी कई लोगों के मन में सवाल उठा रही है. क्या इंटर्नशिप केवल फ्रेशर्स के लिए ही होती है? वैसे देखा जाए तो, इंटर्नशिप को कॉलेज के छात्रों और फ्रेशर्स ग्रेजुएट्स के लिए करियर में आगे बढ़ने का एक तरीका माना जाता है. हालांकि, तेजी से बदलते नौकरी बाजार में जहां उद्योग जल्दी बदल रहे हैं और लोग करियर भी बदल रहे हैं, इंटर्नशिप एक अच्छा तरीका है. इससे नए स्किल सीखने, लोगों से संपर्क बनाने और किसी नए क्षेत्र में अनुभव हासिल करने में मदद मिलती है.
क्यों आज भी जरूरी है इंटर्नशिप?
करियर बदलने वालों के लिए, इंटर्नशिप एक नए उद्योग में प्रवेश करने का कम जोखिम वाला रास्ता हो सकता है. यह पेशेवरों को वर्क प्लेस पर सीखने, अपेक्षाओं को समझने और फुल-टाइम नौकरी पाने से पहले अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का मौका देती है. कुछ मामलों में इंटर्नशिप रोजगार के अंतराल को भरने और रिज्यूमे को मजबूत करने में भी मदद कर सकती है, खासकर आर्थिक अनिश्चितता या हायरिंग में मंदी के दौर में.
इंटर्नशिप केवल अनुभव प्राप्त करने का ही नहीं बल्कि लगातार सीखने का भी एक अच्छा रास्ता है. इंटर्न को हमेशा उभरती हुई तकनीकों, बदलते उद्योग रुझानों और काम करने के नए तरीकों से परिचित होने का मौका मिलता है, जो शायद उनके कार्यबल में शामिल होने के समय मौजूद नहीं थे. उन्हें ऐसे मार्गदर्शकों और पेशेवर नेटवर्कों तक पहुंच भी मिलती है जो भविष्य के ऐसा मौकों की ओर लेकर जाते हैं जो करियर में आगे बढ़ने में मदद करते हैं.
केवल नए लोगों के लिए नहीं है इंटर्नशिप
जैकी के अनुभव से पता चलता है कि इंटर्नशिप अब केवल युवाओं के लिए ही नहीं रह गई है. ऐसे समय में जब आजीवन सीखना और करियर में नए आयाम स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, इंटर्नशिप हर किसी के लिए बेहद जरूरी हो गया है. एक नई शुरुआत के लिए भी ये बेहद अहम है.
आजतक एजुकेशन डेस्क