पाकिस्तान का बड़ा खुलासा- ऑपरेशन सिंदूर में पाक सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ी लड़ाई

पाकिस्तानी नेता शाहीर सियालवी ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान की सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ाई लड़ी. मुरीदके और बहावलपुर में भारतीय हमलों के बाद सेना ने आतंकियों के शवों को सैन्य सम्मान दिया.

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आतंकियों की बैठक में बोलता पाकिस्तानी नेता शाहीर सियालवी. (Photo: ITG) आतंकियों की बैठक में बोलता पाकिस्तानी नेता शाहीर सियालवी. (Photo: ITG)

अरविंद ओझा / सुबोध कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. अब इस ऑपरेशन के एक साल बाद पाकिस्तान से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

पाकिस्तान के एक नेता ने खुलेआम स्वीकार किया है कि पाकिस्तान की सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों के लिए लड़ाई लड़ी थी. यह बयान आतंकियों की एक बैठक में दिया गया, जिसने पाकिस्तान की असली नीति को एक बार फिर उजागर कर दिया है.

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क्या कहा पाक नेता ने?

लश्कर-ए-तैयबा के एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी नेता शाहीर सियालवी ने कहा...

पहली बार पाकिस्तान की सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ाई लड़ी. उन्होंने यह भी माना कि भारत ने 10 मई को मुरीदके (लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय) और बहावलपुर (जैश-ए-मोहम्मद का केंद्र) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इन हमलों में कई आतंकवादी मारे गए थे.

पाकिस्तान ने बदली रणनीति

सियालवी के अनुसार, हमलों के बाद पाकिस्तान ने दुनिया को गुमराह करने के लिए अपनी रणनीति बदल दी. आतंकियों के जनाजे की नमाज, मौलवी या मुफ्ती से नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना के धार्मिक अधिकारी ने पढ़ाए. पाकिस्तानी सैनिक वर्दी पहनकर इन आतंकियों के शव लेकर निकले. इसका मकसद था दुनिया को यह दिखाना कि मारे गए आतंकी नहीं, बल्कि आजादी के लड़ाके थे.

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आतंकियों की महफिल में खुलासा

यह बयान लश्कर-ए-तैयबा के कार्यक्रम में दिया गया, जिसमें अमेरिका द्वारा घोषित आतंकी मुजम्मिल इकबाल हाशमी भी मौजूद था. इस बैठक में पाकिस्तान की सेना और आतंकियों के बीच गहरे संबंध साफ दिखाई दिए.

पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के अंदर लश्कर और जैश के मुख्य ठिकानों पर सटीक हमले किए थे. भारत का कहना था कि आतंकियों को सबक सिखाने के लिए जरूरी था.

इस खुलासे का मतलब

यह बयान साबित करता है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ दिखावा करता है. हकीकत में उसकी सेना कुछ खास आतंकी संगठनों और उनके सरगनाओं की खुलेआम मदद कर रही है. हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों को पाकिस्तान अपनी सुरक्षा समझता है.

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पाकिस्तान की यह नीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके लिए शर्मनाक है. दुनिया के सामने उसकी दोहरी नीति को फिर से उजागर करती है. ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद पाकिस्तान के नेता का यह बयान भारत के लिए कोई नई बात नहीं है, लेकिन दुनिया के लिए यह सबूत है कि पाकिस्तान आतंकवाद को राज्य नीति के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है.
 
भारत लगातार कहता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों का समर्थन करता है. अब खुद पाकिस्तान के लोग इसे स्वीकार कर रहे हैं.

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