पाकिस्तान इन दिनों गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है. LPG की कमी पहले से ही लोगों को परेशान कर रही थी, लेकिन अब एक नई समस्या सामने आई है. क्वेटा के पास बलूचिस्तान में एक बड़ी गैस पाइपलाइन को बम से उड़ा दिया गया. अज्ञात हमलावरों ने 18 इंच वाली मुख्य पाइपलाइन को निशाना बनाया.
इससे क्वेटा और आसपास के कई जिलों में गैस सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई. कई लोग इसे साजिश बता रहे हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर किसने गैस पाइपलाइन को हथियार बना दिया है. 30 मार्च 2026 को क्वेटा शहर के बाहर अख्तराबाद वेस्टर्न बायपास पर Sui Southern Gas Company की गैस पाइपलाइन में जोरदार विस्फोट हुआ.
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हमलावरों ने पाइपलाइन के नीचे विस्फोटक लगाए और उसे उड़ा दिया. विस्फोट इतना तेज था कि आग की लपटें दूर से दिखाई दीं. इससे वॉल्व असेंबली बेकार हो गई. नतीजा यह हुआ कि क्वेटा के कई इलाकों जैसे हजारा टाउन, हजरगंजी, खरोटाबाद और मस्तुंग, कलात, पिशिन, कुचलाक, जियारत जैसे जिलों में गैस सप्लाई रुक गई.
LPG संकट के बीच क्यों बड़ी साजिश?
पाकिस्तान पहले ही मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग से LNG और LPG की कमी का सामना कर रहा था. कतर और यूएई से आने वाली सप्लाई भी प्रभावित हुई है. ऐसे में घरेलू गैस पाइपलाइन पर हमला लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. ठंड के मौसम में गैस बंद होने से आम लोगों को खाना पकाने में भारी दिक्कत हो रही है.
कई लोग इसे आतंकवादी हमला नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश मान रहे हैं जो देश को और अस्थिर करने के लिए की गई है. अभी तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. बलूचिस्तान में अलगाववादी विद्रोही और इस्लामिक आतंकवादी समूह अक्सर गैस पाइपलाइनों को निशाना बनाते रहे हैं.
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है, जहां सुरक्षा बलों और अलगाववादियों के बीच संघर्ष लंबे समय से चल रहा है. सुई साउदर्न गैस कंपनी ने इसे साफ तौर पर सबोटाज बताया है. काउंटर टेररिज्म विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
पाकिस्तान की ऊर्जा स्थिति कितनी गंभीर है?
पाकिस्तान ऊर्जा के मामले में बहुत कमजोर है. वह LNG के लिए कतर और UAE पर निर्भर है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से आयात मुश्किल हो गया. अब घरेलू गैस पाइपलाइनों पर हमले से स्थिति और बिगड़ गई है. उद्योगों को गैस कटौती का सामना करना पड़ रहा है.
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सरकार पहले ही ऊर्जा बचत के लिए कड़े कदम उठा चुकी है, लेकिन आम नागरिकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है. यह हमला सिर्फ आतंकवाद नहीं, बल्कि पाकिस्तान की अंदरूनी अस्थिरता को बढ़ावा देने की कोशिश है. बलूचिस्तान में अलगाववादी लंबे समय से गैस संसाधनों को पाकिस्तान सरकार का शोषण बताते रहे हैं.
ऐसे हमले ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करके सरकार पर दबाव बनाते हैं. LPG संकट के बीच यह हमला लोगों में गुस्सा और बेचैनी बढ़ा रहा है. सरकार अब पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कर रही है, लेकिन पूरा इलाका अब भी प्रभावित है.
पाकिस्तान के लिए नया खतरा
गैस पाइपलाइन को वेपन बनाने की यह घटना पाकिस्तान के लिए चेतावनी है. LPG संकट पहले से ही देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता को परेशान कर रखा था. अब पाइपलाइन पर हमले से ऊर्जा सुरक्षा और भी कमजोर हो गई है. बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है.
ऋचीक मिश्रा