कंबोडिया का हीरो चूहा 'रोनिन', बनाया बारूदी सुरंग खोजने का वर्ल्ड रिकॉर्ड

कंबोडिया में लैंडमाइन ढूंढने वाला चूहे रोनिन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया है. अगस्त 2021 से अब तक रोनिन ने 109 लैंडमाइन और 15 अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस ढूंढ निकाले हैं. बेल्जियन संगठन APOPO द्वारा ट्रेन किया गया यह ‘हीरो रैट’ पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित कर चुका है. रोनिन की मदद से कंबोडिया में खतरनाक बारूदी सुरंगों से प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाया जा रहा है.

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कंबोडिया में चूहों को बारूदी सुरंग खोजने की ट्रेनिंग दी जाती है. (Photo: Reuters) कंबोडिया में चूहों को बारूदी सुरंग खोजने की ट्रेनिंग दी जाती है. (Photo: Reuters)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 07 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:33 PM IST

कंबोडिया के उत्तरी प्रांत प्रीह विहार में एक छोटा सा चूहा इन दिनों सुर्खियों में है. इसका नाम रोनिन है. यह एक  विशाल अफ्रीकी थैली चूहा (Giant African Pouched Rat) है. बेल्जियन चैरिटी संगठन APOPO के अनुसार, रोनिन ने अगस्त 2021 से अब तक 109 लैंडमाइन और 15 अन्य अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (UXO - बिना फटे बारूद वाले हथियार जैसे मोर्टार, ग्रेनेड आदि) ढूंढ निकाले हैं. इससे रोनिन ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया है – एक चूहे द्वारा सबसे ज्यादा बारूदी सुरंग ढूंढने का रिकॉर्ड.

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यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि रोनिन ने पिछले रिकॉर्ड होल्डर मागावा (Magawa) को पीछे छोड़ दिया. मागावा ने पांच साल की सेवा में 71 लैंडमाइन और 38 UXO ढूंढे थे. उसे 2020 में PDSA गोल्ड मेडल भी मिला था. रोनिन अभी सिर्फ 5 साल का है. उसके पास अभी 1-2 साल और काम करने की संभावना है.

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चूहे कैसे बन जाते हैं लैंडमाइन डिटेक्टर?

APOPO एक गैर-सरकारी संगठन है जो अफ्रीका और एशिया में लैंडमाइन और टीबी  का पता लगाने के लिए चूहों को ट्रेन करता है. ये चूहे सामान्य चूहों से काफी बड़े होते हैं - इनकी लंबाई 30-40 सेंटीमीटर तक हो सकती है. इन्हें हीरो रैट्स कहा जाता है।

ट्रेनिंग में इन चूहों को विस्फोटक रसायनों (जैसे TNT) की खुशबू पहचानना सिखाया जाता है. ट्रेनिंग 6-9 महीने की होती है. चूहे हल्के होते हैं (1-1.5 किलो), इसलिए वे लैंडमाइन पर पैर रखकर भी सुरक्षित रहते हैं. वे बहुत तेजी से काम करते हैं. एक दिन में कई घंटे नहीं, सिर्फ 20-30 मिनट तक काम करते हैं.

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रोनिन ने कंबोडिया में क्या किया?

कंबोडिया में दशकों पहले हुए गृहयुद्ध के कारण लाखों लैंडमाइन बिछे हुए हैं. ये खेतों, जंगलों और गांवों में दबे रहते हैं. इनकी वजह से लोग खेती नहीं कर पाते और रोजाना दुर्घटनाएं होती रहती हैं. रोनिन को अगस्त 2021 में प्रीह विहार प्रांत के स्रोर एम कम्यून में तैनात किया गया. 

वहां उसने चार साल में 109 लैंडमाइन और 15 अन्य खतरनाक विस्फोटक ढूंढे. उसके हैंडलर (ट्रेनर) के साथ वह एक खास हार्नेस पहनकर काम करता है. जब उसे विस्फोटक की खुशबू मिलती है तो वह रुक जाता है. उस जगह को खरोंचता है. हैंडलर को सिग्नल मिल जाता है. फिर टीम सुरक्षित तरीके से माइन को निकाल लेती है.

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चूहों का फायदा: सस्ता, तेज और सुरक्षित

इंसान से माइन हटाने का यह काम बहुत खतरनाक और महंगा है. मेटल डिटेक्टर से छोटे प्लास्टिक माइन्स नहीं ढूंढे जा सकते और जमीन खोदना जोखिम भरा है.  चूहे इन समस्याओं का अच्छा समाधान हैं. वे बहुत संवेदनशील नाक रखते हैं. तेजी से काम करते हैं. बड़े क्षेत्र को जल्दी कवर कर लेते हैं. APOPO के पास फिलहाल 100 से ज्यादा ऐसे ट्रेंड चूहे हैं. ये न सिर्फ कंबोडिया बल्कि मोजाम्बिक, अंगोला, लाओस और अन्य देशों में भी काम कर चुके हैं.

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रोनिन का रिकॉर्ड क्यों मायने रखता है?

रोनिन का रिकॉर्ड सिर्फ एक चूहे की सफलता नहीं है. यह दिखाता है कि साधारण जानवरों को ट्रेन करके भी इंसानों की जान बचाई जा सकती है. प्रभावित इलाकों को फिर से इस्तेमाल लायक बनाया जा सकता है. 

कंबोडिया में अब भी लाखों लैंडमाइन बाकी हैं. रोनिन जैसे हीरो रैट्स किसानों को सुरक्षित खेती करने लायक जमीन वापस दिला रहे हैं. इससे गांवों में विकास हो रहा है. बच्चे स्कूल जा सकते हैं. लोग बिना डर के घूम-फिर सकते हैं. रोनिन अभी रिटायर नहीं हुआ है. वह और भी कई माइन्स ढूंढ सकता है. रोनिन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक तौर पर मान्यता दी है. 

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