धार, रफ्तार और प्रहार... ऑपरेशन सिंदूर के इस साल में इंडियन आर्मी की 10 बड़ी उपलब्धियां

भारतीय सेना ने 2025 की 10 बड़ी उपलब्धियां गिनाईं. ऑपरेशन सिंदूर में 9 आतंकी कैंप तबाह किए. ब्रह्मोस-पिनाका के सफल परीक्षण किया. अपाचे हेलीकॉप्टर इंडक्शन, भैरव-अश्नि यूनिट्स, 91% स्वदेशी गोला-बारूद, ड्रोन इंडक्शन, डिजिटल बदलाव, अंतरराष्ट्रीय अभ्यास और इनो-योद्धा नवाचार शामिल है. यह साल सुधारों और मजबूत रक्षा का प्रतीक बना है.

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ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने पाकिस्तान पर कहर बरपाया था. (File Photo: Dassault) ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने पाकिस्तान पर कहर बरपाया था. (File Photo: Dassault)

शिवानी शर्मा / मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 30 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 3:03 PM IST

भारतीय सेना ने बुधवार को वर्ष 2025 की 10 प्रमुख उपलब्धियां सूचीबद्ध कीं. यह साल वास्तविक युद्ध अभियानों, तेज आधुनिकीकरण, प्रेसिजन स्ट्राइक, मानवरहित सिस्टम और संयुक्तता की दिशा में निर्णायक बदलाव का गवाह रहा. 2025 को सेना ने सुधारों का वर्ष कहा है. यहां वो 10 मील के पत्थर हैं जिनके लिए यह साल हमेशा याद किया जाएगा. 

1. ऑपरेशनल उपयोग और प्रतिरोध: ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025)

पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के पहलगाम हमले के बाद मई में शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर. पूरी प्लानिंग मिलिट्री ऑपरेशंस ब्रांच में हुई. निगरानी डीजीएमओ के ऑप्स रूम से जहां सीडीएस और तीनों सेना प्रमुख मौजूद थे. नौ आतंकी कैंप तबाह किए गए – सेना ने 7, वायुसेना ने 2. स्ट्राइक सटीक और नियंत्रित थीं. पाकिस्तान के ड्रोन हमलों (7-10 मई) को एयर डिफेंस ने नाकाम किया. एलओसी पर एक दर्जन से ज्यादा लॉन्च पैड नष्ट हुए. 10 मई को पाकिस्तान ने सीजफायर की मांग की.

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2. लंबी दूरी की मारक क्षमता और सटीक स्ट्राइक

ब्रह्मोस: 1 दिसंबर को साउदर्न कमांड और अंडमान-निकोबार कमांड ने ब्रह्मोस का युद्ध जैसी स्थिति में सफल लॉन्च किया. हाई-स्पीड और टर्मिनल एक्यूरेसी साबित हुई. एक्सटेंडेड रेंज ब्रह्मोस पर भी काम चला. 
पिनाका: 24 जून को दो नई पिनाका रेजिमेंट ऑपरेशनल हुईं. 29 दिसंबर को लॉन्ग रेंज गाइडेड पिनाका (120 किमी) का सफल परीक्षण किया गया. अब 300 किमी रेंज वाले वर्जन पर काम तेज हो चुका है. 

3. विमानन और हाई-वैल्यू इंडक्शन

अपाचे AH-64E: 22 जुलाई को पहले तीन अपाचे हेलीकॉप्टर मिले, दिसंबर तक बाकी तीन भी आ गए. सेना की हवाई ताकत बहुत बढ़ी.

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4. नई संगठन और युद्धक्षेत्र संरचनाएं

24 अक्टूबर को राजस्थान में भैरव बटालियन और अश्नि प्लाटून का प्रदर्शन हुआ. 25 भैरव लाइट कमांडो बटालियन तेजी से बनाई जा रही हैं. अश्नि ड्रोन प्लाटून इन्फैंट्री में शामिल हुई. शक्तिबान रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी जैसे नए ढांचे मानवरहित विमानों और लोइटर म्यूनिशन से लैस. 

5. खरीद और क्षमता निर्माण

2024-25 को टेक एब्जॉर्प्शन का वर्ष बनाया. 91% गोला-बारूद स्वदेशी. 3000 आरपीए, 150 टेथर्ड ड्रोन, स्वार्म, कामिकेज और हाई एल्टीट्यूड लॉजिस्टिक्स ड्रोन शामिल. 5 अगस्त को BMP के लिए थर्मल नाइट साइट और MALE RPA को मंजूरी. 29 दिसंबर को डीएसी ने मानवरहित सिस्टम और काउंटर-यूएएस पर फोकस किया.

6. तकनीकी सशक्तिकरण और डिजिटल बदलाव

एज डेटा सेंटर बनाए गए, जिससे फैसले तेज होते हैं. इन-हाउस सॉफ्टवेयर जैसे इक्विपमेंट हेल्पलाइन और सैनिक यात्री मित्र ऐप विकसित किया गया. 

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7. डॉक्ट्रिन, तैयारी और उच्चस्तरीय समीक्षा

अक्टूबर में जैसलमेर में आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस हुई. ग्रे जोन वारफेयर, जॉइंटनेस और आत्मनिर्भरता पर चर्चा.

8. सैन्य कूटनीति और संयुक्त अभ्यास

फ्रांस (शक्ति), अमेरिका (युद्ध अभ्यास), थाईलैंड (मैत्री), ऑस्ट्रेलिया (ऑस्ट्राहिंद), श्रीलंका (मित्र शक्ति), ब्रिटेन (अजेय वॉरियर) और यूएई (डेजर्ट साइक्लोन-II) के साथ प्रमुख अभ्यास हुआ. 

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9. रक्षा संवाद और रणनीतिक नेतृत्व

चाणक्य डिफेंस डायलॉग 2025 का थीम रिफॉर्म-टू-ट्रांसफॉर्म. यंग लीडर्स फोरम, जनरल उपेंद्र द्विवेदी का पॉडकास्ट और मुख्य संवाद हुआ.

10. इनोवेशन और स्वदेशीकरण

इनो-योद्धा 2025-26 में रिकॉर्ड 89 इनोवेशन आए, 32 को आगे विकास के लिए चुना गया.

2025 में भारतीय सेना ने आतंकवाद विरोध, प्रेसिजन फायरपावर, ड्रोन तकनीक और वैश्विक साझेदारी से अपनी ताकत को नई ऊंचाई दी. यह साल भविष्य के युद्धों के लिए तैयार होने का प्रतीक बना.

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