रूस से चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम भारत आ रहा, पश्चिमी सीमा पर तैनात होगा

रूस से भारत के लिए चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम रवाना हो गया है. यह सिस्टम मई 2026 में भारत पहुंच जाएगा. पश्चिमी सीमा (पाकिस्तान की तरफ) पर तैनात किया जाएगा. ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के आसपास आने वाला यह चौथा स्क्वाड्रन भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करेगा. अब तक तीन स्क्वाड्रन तैनात हो चुके हैं.

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ये है एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम जिसने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की बैंड बजाई थी. (File Photo: Getty) ये है एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम जिसने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की बैंड बजाई थी. (File Photo: Getty)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 28 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:36 PM IST

भारत की वायु सेना को रूस से चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम मिलने वाला है. यह सिस्टम रूस से जहाज द्वारा भारत भेजा जा चुका है. मई 2026 के अंत तक भारत पहुंच जाएगा. यह डिलीवरी भारत में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के आसपास हो रही है. चौथा S-400 स्क्वाड्रन मुख्य रूप से देश की पश्चिमी सीमा (पाकिस्तान की तरफ) पर तैनात किया जाएगा. इससे भारत की हवाई सुरक्षा और मजबूत हो जाएगी.

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साल 2018 में भारत ने रूस के साथ लगभग 35,000 करोड़ रुपये की डील की थी. इस डील के तहत भारत को कुल पांच स्क्वाड्रन S-400 एयर डिफेंस सिस्टम मिलने थे. अब तक भारत को तीन स्क्वाड्रन मिल चुके हैं. उन्हें तैनात भी किया जा चुका है. चौथा स्क्वाड्रन मई में आने वाला है, जबकि पांचवां और आखिरी स्क्वाड्रन 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है.

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तीन स्क्वाड्रन कहां-कहां तैनात हैं?  

  • एक स्क्वाड्रन सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) की सुरक्षा के लिए तैनात है. यह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी देश से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण इलाका है.   
  • दूसरा स्क्वाड्रन पठानकोट क्षेत्र में है, जो जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सुरक्षा करता है.  
  • तीसरा स्क्वाड्रन पश्चिमी सीमा पर राजस्थान और गुजरात के महत्वपूर्ण इलाकों की रक्षा कर रहा है.

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ये तीनों स्क्वाड्रन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने में बहुत उपयोगी साबित हुए थे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर कुछ हवाई सुरक्षा की कमियां सामने आई थीं. इन्हें भरने के लिए चौथा S-400 स्क्वाड्रन मुख्य रूप से पश्चिमी सीमा (पाकिस्तान की तरफ) पर लगाया जाएगा. इससे राजस्थान, गुजरात और पंजाब जैसे इलाकों की हवाई सुरक्षा और बेहतर हो जाएगी.

DAC ने पांच और S-400 खरीदने की मंजूरी दी

मार्च 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने पांच अतिरिक्त S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने की मंजूरी दे दी है. यह मंजूरी कुल 2.38 लाख करोड़ रुपये के बड़े डिफेंस पैकेज का हिस्सा है. इन नए सिस्टम से भारतीय वायुसेना और थलसेना की लंबी दूरी की हवाई सुरक्षा क्षमता और बढ़ेगी.

S-400 सिस्टम की ताकत

S-400 दुनिया के सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम में से एक है. एक स्क्वाड्रन में 16 वाहन शामिल होते हैं – मिसाइल लॉन्चर, रडार, कंट्रोल सेंटर आदि. यह सिस्टम 600 किलोमीटर दूर तक हवाई लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है. इसमें चार तरह की मिसाइलें लगी होती हैं, जो 400 किलोमीटर तक दुश्मन के फाइटर जेट, बैलिस्टिक मिसाइल और छोटे ड्रोनों को भी नष्ट कर सकती हैं. भारत में इसे सुदर्शन चक्र के नाम से भी जाना जाता है.

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चौथा S-400 सिस्टम आने से भारत की हवाई सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी. खासकर पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान से आने वाले किसी भी हवाई खतरे को रोकने में यह बहुत कारगर साबित होगा. ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की अच्छी परफॉर्मेंस के बाद भारत अब और ज्यादा S-400 सिस्टम खरीद रहा है. 

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