PAK में डर! पहली बार भारत ने तैनात किए 12 परमाणु हथियार तो आया ऐसा रिएक्शन

भारत ने पहली बार अपने 12 परमाणु हथियारों को तैनात किया है. इस खुलासे से घबराए पाकिस्तान ने वैश्विक मंच पर दावा किया है कि भारत का परमाणु भंडार अंतरराष्ट्रीय अनुमानों से कहीं ज्यादा बड़ा है.

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भारत ने ये 12 न्यूक्लियर वॉरहेड अपने न्यूक्लियर ट्रायड में तैनात किए हैं. (Photo:ITG) भारत ने ये 12 न्यूक्लियर वॉरहेड अपने न्यूक्लियर ट्रायड में तैनात किए हैं. (Photo:ITG)

सुबोध कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:23 PM IST

दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन और सैन्य ताकत को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है. वैश्विक हथियारों की निगरानी करने वाली संस्था 'स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट' (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के बाद पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इतिहास में पहली बार अपने परमाणु हथियारों को केवल स्टॉकपाइलमें रखने के बजाय सीधे तौर पर ऑपरेशनल मोड में तैनात कर दिया है. 

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इस खुलासे के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार और वहां के विदेश मंत्रालय की तरफ से बेहद डरा हुआ बयान सामने आया है, जिसमें इस्लामाबाद ने खुले तौर पर माना है कि भारत की परमाणु ताकत अंतरराष्ट्रीय अनुमानों से कहीं ज्यादा बड़ी और घातक हो सकती है.

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भारत की परमाणु ट्रायड और 'कैनिस्टराइजेशन' तकनीक से सहमा इस्लामाबाद

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी कर सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे नई दिल्ली की तेजी से बढ़ती रणनीतिक क्षमताओं और बदलते परमाणु रुख पर बहुत बारीक नजर रख रहे हैं. पाकिस्तान ने विशेष रूप से भारत की मिसाइल प्रणालियों के कैनिस्टराइजेशन को लेकर गहरी चिंता जताई है. 

कैनिस्टराइजेशन ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है जिसमें परमाणु वॉरहेड को पहले से ही मिसाइल के अंदर सील करके रखा जाता है, जिससे युद्ध की स्थिति में मिसाइल को बहुत कम समय में और बेहद तेजी से दागा जा सकता है.

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पाकिस्तान ने भारत की परमाणु-सक्षम पनडुब्बियों के जरिए समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के विस्तार और लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) प्रणालियों के विकास को अपनी सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है.

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पहली बार 'डिप्लॉयड' मोड में आए भारतीय न्यूक्लियर वॉरहेड

रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास वर्तमान में लगभग 190 परमाणु वॉरहेड मौजूद हैं. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान देने वाली बात यह है कि इन 190 वॉरहेड्स में से 12 को 'ऑपरेशनल रूप से तैनात' श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है. यह पहली बार है जब किसी वैश्विक रक्षा एजेंसी ने भारत के परमाणु हथियारों के एक हिस्से को केवल भंडार के रूप में न देखकर, पूरी तरह से सक्रिय सैन्य तैनाती के रूप में दर्ज किया है.

पाकिस्तान ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि जमीन, हवा और समुद्र तीनों मोर्चों से परमाणु हमला करने की भारत की क्षमता अब पूरी तरह परिपक्व और सुरक्षित हो चुकी है, जो किसी भी संकट के समय भारत की 'ऑपरेशनल रेडीनेस' यानी युद्ध की तैयारियों को कई गुना बढ़ा देती है.

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, कहा- वैश्विक शक्तियां ध्यान दें

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भारत की इस बढ़ती सैन्य और परमाणु ताकत से घबराए पाकिस्तान ने अब दुनिया के अमीर और ताकतवर देशों से गुहार लगानी शुरू कर दी है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और विशेष रूप से भारत को उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियां और आधुनिक हथियार सप्लाई करने वाले देशों से अपील की है कि वे इस पर तुरंत रोक लगाएं.  

इस्लामाबाद का तर्क है कि भारत की यह आधुनिक होती सैन्य शक्ति दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा के संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ देगी. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह बयान उसकी अपनी आंतरिक कमजोरियों और भारत के मुकाबले रक्षा बजट में लगातार पिछड़ने की हताशा को दर्शाता है, क्योंकि भारत लगातार 'नो फर्स्ट यूज' की नीति पर कायम रहते हुए अपनी संप्रभुता को मजबूत कर रहा है.

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